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कत्ल की वजह बन गया उधार
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:26 AM IST
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खखरेरू थाना क्षेत्र में पांच माह पहले हुए धर्मेंद्र
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हत्याकांड का खुलासा हो गया। आशनाई में दिया गया दो लाख रुपये का उधार
कत्ल की वजह बना। पुलिस ने पति, पत्नी और पति के मौसेरे भाई को गिरफ्तार
किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है। मृतक के
पिता ने भी आरोपियों पर शंका जताई थी।
बता दें कि थाना क्षेत्र के मोहनापुर गांव निवासी जगनंदन के बेटे धर्मेंद्र सिंह (25) पशुओं की दवाओं का काम करते थे। उसकी 21 जून की रात बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसका शव पचमई गांव में बरामद हुआ था।
पुलिस कई माह से हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही थी। पीड़ित परिजनों ने घटना की रात धर्मेंद्र के मोबाइल पर एक फोन आने की बात पुलिस को बताई। एसओ मोहम्मद शरीफ खां ने बताया कि हत्याकांड के संबंध में
मोहनापुर गांव के ही संतोष सिंह, उसकी पत्नी पुष्पा सिंह व बब्लू सिंह को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेजा गया है। हत्याकांड का मामला यह था कि धर्मेंद्र और संतोष सिंह के बीच गहरी दोस्ती थी।
इसी वजह से धर्मेंद्र ने संतोष को नलकूप लगवाने के लिए दो लाख रुपये उधार दिए थे। घटना से करीब एक माह पहले संतोष अपने नलकूप गया तो उसने अपनी पत्नी को धर्मेंद्र के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा।
तब उसने मारपीट कर धर्मेंद्र को भगा दिया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने अपनी उधारी रकम मांगनी शुरू कर दी। घटना से एक हफ्ते पहले धर्मेंद्र ने संतोष को धमकाया था कि अगर उसकी रकम नहीं लौटाई तो उसके बच्चे को उठा ले जाएगा।
तभी संतोष ने अपने मौसेरे भाई बबलू और पत्नी के साथ मिलकर हत्याकांड की योजना बनाई। इसके बाद 21 जून की रात पुष्पा ने नलकूप में धर्मेंद्र को फोन कर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई। बेसुध होने पर संतोष और बबलू पहुंचे।
कुल्हाड़ी से धर्मेंद्र का कत्ल कर दिया था। लाश को पचमई गांव में झल्लर सिंह की बाग में जाकर फेंक दिया था। हत्याकांड में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जंगल में फेंक दी और धर्मेंद्र के मोबाइल का सिमकार्ड जलाकर नष्ट कर दिया था। मृतक के पिता जगनंदन ने भी आईजी, डीआईजी और एसपी को आरोपियों के खिलाफ आशंका होने की लिखित सूचना दी थी।
बता दें कि थाना क्षेत्र के मोहनापुर गांव निवासी जगनंदन के बेटे धर्मेंद्र सिंह (25) पशुओं की दवाओं का काम करते थे। उसकी 21 जून की रात बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसका शव पचमई गांव में बरामद हुआ था।
पुलिस कई माह से हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही थी। पीड़ित परिजनों ने घटना की रात धर्मेंद्र के मोबाइल पर एक फोन आने की बात पुलिस को बताई। एसओ मोहम्मद शरीफ खां ने बताया कि हत्याकांड के संबंध में
मोहनापुर गांव के ही संतोष सिंह, उसकी पत्नी पुष्पा सिंह व बब्लू सिंह को गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेजा गया है। हत्याकांड का मामला यह था कि धर्मेंद्र और संतोष सिंह के बीच गहरी दोस्ती थी।
इसी वजह से धर्मेंद्र ने संतोष को नलकूप लगवाने के लिए दो लाख रुपये उधार दिए थे। घटना से करीब एक माह पहले संतोष अपने नलकूप गया तो उसने अपनी पत्नी को धर्मेंद्र के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा।
तब उसने मारपीट कर धर्मेंद्र को भगा दिया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने अपनी उधारी रकम मांगनी शुरू कर दी। घटना से एक हफ्ते पहले धर्मेंद्र ने संतोष को धमकाया था कि अगर उसकी रकम नहीं लौटाई तो उसके बच्चे को उठा ले जाएगा।
तभी संतोष ने अपने मौसेरे भाई बबलू और पत्नी के साथ मिलकर हत्याकांड की योजना बनाई। इसके बाद 21 जून की रात पुष्पा ने नलकूप में धर्मेंद्र को फोन कर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई। बेसुध होने पर संतोष और बबलू पहुंचे।
कुल्हाड़ी से धर्मेंद्र का कत्ल कर दिया था। लाश को पचमई गांव में झल्लर सिंह की बाग में जाकर फेंक दिया था। हत्याकांड में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जंगल में फेंक दी और धर्मेंद्र के मोबाइल का सिमकार्ड जलाकर नष्ट कर दिया था। मृतक के पिता जगनंदन ने भी आईजी, डीआईजी और एसपी को आरोपियों के खिलाफ आशंका होने की लिखित सूचना दी थी।