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32 साल बाद पकड़ा गया हत्यारा
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:17 AM IST
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कांग्रेस नेता कृष्णकांत पांडेय की हत्या में सेशन कोर्ट से आजीवन कारावास
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की सजा पाने वाले को शुक्रवार को पुलिस ने धर दबोचा। वह 32 साल से साधु के
वेश में रहता था। खखरेरू पुलिस ने बिछियांवा गांव के मंदिर से दबोचने का
दावा किया है।
खखरेरू थानाक्षेत्र के कुल्ली गांव निवासी उमाकांत पांडेय को कांग्रेस नेता कृष्णकांत पांडेय की हत्या में सेशन कोर्ट ने16 जुलाई 1983 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह हाईकोर्ट से जमानत के बाद 32 साल से फरार था।
पुलिस का दावा है कि उसे सूचना मिली कि उमाकांत खखरेरू के बिछियांवा गांव में मंदिर के पास साधु के रूप में रह रहा है। शुक्रवार तड़के मंदिर की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उमाशंकर ने बताया कि वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूटने के बाद पंजाब चला गया था। वहां एक परिचित रहते थे। वारदात के बाद परिवार के लोग भी गांव छोड़कर चले गए थे।
इसलिए वह पंजाब में साधु बनकर पुरोहित का काम और हस्तरेखा देखकर भविष्य बताता था। इससे ही जीवनयापन हो रहा था। पकड़े गए उमाशंकर ने बताया कि कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र सुल्तानपुर गांव में उसकी बहन रहती है।
वह दिसंबर में आया और फिर बहन के घर ही रुक गया था। इस बीच पुलिस को खबर मिल गई। उधर एसपी कलानिधि नैथानी ने एसओ मोहम्मद शरीफ खान की टीम को इसकी गिरफ्तारी पर दो हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया है।
खखरेरू थानाक्षेत्र के कुल्ली गांव निवासी उमाकांत पांडेय को कांग्रेस नेता कृष्णकांत पांडेय की हत्या में सेशन कोर्ट ने16 जुलाई 1983 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह हाईकोर्ट से जमानत के बाद 32 साल से फरार था।
पुलिस का दावा है कि उसे सूचना मिली कि उमाकांत खखरेरू के बिछियांवा गांव में मंदिर के पास साधु के रूप में रह रहा है। शुक्रवार तड़के मंदिर की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उमाशंकर ने बताया कि वह हाईकोर्ट से जमानत पर छूटने के बाद पंजाब चला गया था। वहां एक परिचित रहते थे। वारदात के बाद परिवार के लोग भी गांव छोड़कर चले गए थे।
इसलिए वह पंजाब में साधु बनकर पुरोहित का काम और हस्तरेखा देखकर भविष्य बताता था। इससे ही जीवनयापन हो रहा था। पकड़े गए उमाशंकर ने बताया कि कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र सुल्तानपुर गांव में उसकी बहन रहती है।
वह दिसंबर में आया और फिर बहन के घर ही रुक गया था। इस बीच पुलिस को खबर मिल गई। उधर एसपी कलानिधि नैथानी ने एसओ मोहम्मद शरीफ खान की टीम को इसकी गिरफ्तारी पर दो हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया है।