{"_id":"590399174f1c1b4522c0cf22","slug":"sleeping-farmer-shot-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो खखरेरू(फतेहपुर)।
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
हत्या का आरोपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खखरेरू(फतेहपुर)। रतनपुर गांव में गुरुवार रात बीवी और बच्चों के साथ घर के बाहर सो रहे किसान जबादुल हसन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसे दायीं कनपटी पर गोली मारी गई। पत्नी ने गांव के एक शख्स व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। हत्या के पीछे जमीन विवाद की रंजिश बताई गई है।
रतनपुर गांव निवासी जबादुल हसन(48) बटाईदार किसान व मवेशी पालक थे। इनका गांव के बाहरी क्षेत्र में घर है। मवेशी की देखभाल के चक्कर में यह पूरे परिवार के साथ घर के बाहर ही सोए थे। पत्नी नफीसा ने बताया कि उसके पांचवे नंबर के बेटे साबिर की तबियत खराब थी। उसे नींद नहीं आ रही थी। रात लगभग डेढ़ बजे उसे पति की चारपाई के पास चार लोग खड़े दिखे। उसने टोका तो एक ने कमर से असलहा निकाल कर पति की दाहिनी कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देख पत्नी नफीसा चीख पड़ी। गोली की आवाज और चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। नफीसा ने अपने पति की हत्या के मामले में गांव के ही निसार अहमद के बेटे अकबर व तीन अज्ञात को आरोपी बनाया है। एसओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जबादुल को कई बार धमका चुका था अकबर
फतेहपुर। रतनपुर गांव के जबादुल हसन की हत्या में नामजद आरोपी अकबर पर पहले भी जबादुल को धमकाने का आरोप लग चुका है। पत्नी नफीसा की मानें तो अकबर खुन्नस रखता था। उसके चाचा पूर्व प्रधान अनवारुल हक बेऔलाद हैं। इस वजह से उन्होंने अपनी खेतीबाड़ी का काम उसके पति जबादुल को दे रखा था। अकबर इसका विरोध करता था। तीन साल पहले अकबर ने अपने चाचा को ही फंसाने के लिए अपने हाथ में गोली चला ली थी। तहरीर लेकर पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट भी लिखी थी। बाद में विवेचना में मामला खुला और स्पंज कर दिया गया।
विज्ञापन
पत्नी ने बताया कि इस खेल में फेल होने के बाद अकबर ने छह महीने पहले उसके पति जबादुल पर जानलेवा हमले का झूठा मामला दर्ज कराया। किसी ने अकबर के घर की दीवार में गोली मारी थी और छप्पर में आग लगा दी। यह मामला भी विवेचना में झूठा निकलने पर पुलिस ने इसे स्पंज कर दिया। इसी के बाद उन्होंने पति को कुछ समय के लिए दिल्ली भेज दिया था। वह एक हफ्ता पहले ही लौटे थे और वारदात हो गई।
इनसेट:
बार-बार बचता रहा पुलिस के चंगुल से
खखरेरू। पत्नी नफीसा ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने कई बार अकबर से अपने को खतरा बताया था। इसके बाद भी पुलिस ध्यान नहीं दे रही थी। आरोपी अकबर पुलिस के पास ही अक्सर देखा जाता था। आरोप लगाया कि तभी कई बार दबंगई के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। भैरमपुर गांव के दिनेश और गणेश के गन्ना के खेत पर आगजनी का भी आरोप अकबर पर लगा था। तब भी यह बच निकला था। अकबर ने दो महीने पहले ग्राम पंचायत की जमीन पर दो लोगों को कब्जा दिलाने का काम किया था। गुरुवार की रात भी जब पति को गोली मारी गई तो सूचना के बाद भी शिवपुरी पुलिस को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगा।
इनसेट:
पिता को भी मारी गई थी गोली
खखरेरू। जबादुल हसन के पिता वहीद अहमद की भी 25 साल पहले गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन लोग आरोपी बनाए गए थे। हालांकि वह आरोपी दूसरे थे। तब से जबादुल पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। शौहर की हत्या के बाद नफीसा अब अकेली पड़ गई है। आदिल, नाजिनी, शाइस्ता, कादिर, साबिर और पलक बच्चे भी अब्बू की मौत से अवाक हैं।
-------
विज्ञापन
रतनपुर गांव निवासी जबादुल हसन(48) बटाईदार किसान व मवेशी पालक थे। इनका गांव के बाहरी क्षेत्र में घर है। मवेशी की देखभाल के चक्कर में यह पूरे परिवार के साथ घर के बाहर ही सोए थे। पत्नी नफीसा ने बताया कि उसके पांचवे नंबर के बेटे साबिर की तबियत खराब थी। उसे नींद नहीं आ रही थी। रात लगभग डेढ़ बजे उसे पति की चारपाई के पास चार लोग खड़े दिखे। उसने टोका तो एक ने कमर से असलहा निकाल कर पति की दाहिनी कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देख पत्नी नफीसा चीख पड़ी। गोली की आवाज और चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले। नफीसा ने अपने पति की हत्या के मामले में गांव के ही निसार अहमद के बेटे अकबर व तीन अज्ञात को आरोपी बनाया है। एसओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
जबादुल को कई बार धमका चुका था अकबर
फतेहपुर। रतनपुर गांव के जबादुल हसन की हत्या में नामजद आरोपी अकबर पर पहले भी जबादुल को धमकाने का आरोप लग चुका है। पत्नी नफीसा की मानें तो अकबर खुन्नस रखता था। उसके चाचा पूर्व प्रधान अनवारुल हक बेऔलाद हैं। इस वजह से उन्होंने अपनी खेतीबाड़ी का काम उसके पति जबादुल को दे रखा था। अकबर इसका विरोध करता था। तीन साल पहले अकबर ने अपने चाचा को ही फंसाने के लिए अपने हाथ में गोली चला ली थी। तहरीर लेकर पुलिस ने जानलेवा हमले की धारा में रिपोर्ट भी लिखी थी। बाद में विवेचना में मामला खुला और स्पंज कर दिया गया।
विज्ञापन
पत्नी ने बताया कि इस खेल में फेल होने के बाद अकबर ने छह महीने पहले उसके पति जबादुल पर जानलेवा हमले का झूठा मामला दर्ज कराया। किसी ने अकबर के घर की दीवार में गोली मारी थी और छप्पर में आग लगा दी। यह मामला भी विवेचना में झूठा निकलने पर पुलिस ने इसे स्पंज कर दिया। इसी के बाद उन्होंने पति को कुछ समय के लिए दिल्ली भेज दिया था। वह एक हफ्ता पहले ही लौटे थे और वारदात हो गई।
इनसेट:
बार-बार बचता रहा पुलिस के चंगुल से
खखरेरू। पत्नी नफीसा ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने कई बार अकबर से अपने को खतरा बताया था। इसके बाद भी पुलिस ध्यान नहीं दे रही थी। आरोपी अकबर पुलिस के पास ही अक्सर देखा जाता था। आरोप लगाया कि तभी कई बार दबंगई के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। भैरमपुर गांव के दिनेश और गणेश के गन्ना के खेत पर आगजनी का भी आरोप अकबर पर लगा था। तब भी यह बच निकला था। अकबर ने दो महीने पहले ग्राम पंचायत की जमीन पर दो लोगों को कब्जा दिलाने का काम किया था। गुरुवार की रात भी जब पति को गोली मारी गई तो सूचना के बाद भी शिवपुरी पुलिस को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगा।
इनसेट:
पिता को भी मारी गई थी गोली
खखरेरू। जबादुल हसन के पिता वहीद अहमद की भी 25 साल पहले गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन लोग आरोपी बनाए गए थे। हालांकि वह आरोपी दूसरे थे। तब से जबादुल पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। शौहर की हत्या के बाद नफीसा अब अकेली पड़ गई है। आदिल, नाजिनी, शाइस्ता, कादिर, साबिर और पलक बच्चे भी अब्बू की मौत से अवाक हैं।
-------