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महिला अस्पताल में अफसरों पर भड़कीं साध्वी
अमर उजाला ब्यूरो। फतेहपुर।
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:39 AM IST
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महिला अस्पताल में अफसरों पर भड़कीं साध्वी
- फोटो : amarujala
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फतेहपुर। केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था पर जमकर भड़कीं। उन्होंने सीएमओ, सीएमएस, अपर पुलिस अधीक्षक सभी को तलब कर लिया। साध्वी बर्बरता की शिकार महिला के साथ हो रही हीलाहवाली से नाराज थीं। वह पूरे 55 मिनट तक महिला की बेड के पास खड़ी रहीं और अफसरों पर बरसती रहीं। उन्होंने कहा कि जहानाबाद एसएचओ और महिला अस्पताल की इस मामले में जांच से कम उन्हें स्वीकार्य नहीं। यदि उनकी सुनी नहीं जाती तो वह अपनी कार में महिला को लेकर सीएम के यहां डेरा डालेंगी।
बता दें कि जहानाबाद थाना क्षेत्र के गोकुलपुर निवासी संतोष निषाद की पत्नी माया से पानी भरने में विवाद के बाद बर्बरता हुई। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी बकरीदी, सत्तार, नाहिद अली, रुकसाना ने मारा पीटा और नाजुक अंग पर डंडे से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। परिजन 26 अप्रैल को महिला को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर दो घंटे तक महिला को बाहर तड़पना पड़ा। बकौल केंद्रीय मंत्री उनके फोन करने पर महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। यदि महिला का कोई परिचित उन्हें न जानता होता तो क्या महिला व उसके परिजन ऐसे ही तड़पते रहते।
हुआ यूं कि शुक्रवार को माया को देखने केंद्रीय राज्यमंत्री शनिवार को दोपहर सवा एक बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। लेबर रूम के सामने वार्ड में भर्ती माया के परिजनों ने आरोप लगाया कि ठीक तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है। यह सुनते ही साध्वी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल सीएमओ विनय कुमार पांडेय को बुला लिया। सीएमएस डा. रेखा रानी भी पहुंच गईं। मंत्री ने कहा कि आखिर महिला का उपचार करने में दो घंटे का विलंब क्यों किया गया? अगर वह फोन न करतीं तो महिला का इलाज नहीं किया जाता। सीएमओ ने तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू करने की बात कही, लेकिन मंत्री का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक आरके यादव, सीओ सिटी समर बहादुर को भी अस्पताल में तलब किया। दोनों अफसरों के पहुंचने पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी न करने और बातचीत का लहजा ठीक न होने की वजह से जहानाबाद थानाध्यक्ष अरविंद सिंह गौतम को निलंबित कीजिए। बिना थानाध्यक्ष के निलंबन के वह कुछ मानने को तैयार नहीं हैं। तीन दिन हो गए, अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी को पकड़ कर अन्य को खुली छूट दे रखी है। वह मुख्यमंत्री को सूचना देकर अस्पताल आई हैं और कार्रवाई न होने पर महिला को लेकर सीएम के यहां जाएंगी। अस्पताल कर्मियों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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स्टाफ नर्स पर भी हुईं खफा
साध्वी स्टाफ नर्स लीलामनी के ऊंची आवाज में बात करने पर भड़क गईं। बुलाने पर घर से अस्पताल पहुंची स्टाफ नर्स से जब मंत्री ने पूछा कि आखिर घायल महिला को दो घंटे तक अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया? इस पर नर्स ऊंची आवाज में जवाब देने लगी। मंत्री ने उसे समझ बूझकर बात करने की चेतावनी दी। इस पर नर्स की घिग्घी बंध गई।
सीमा की खराब कर दी थी आंख
संतोष निषाद ने बताया कि चार महीने पहले आरोपियों ने बेटी सीमा की आंख में डंडे से वार कर दिया था। इससे उसकी आंख की रोशनी चली गई है। उसका अभी तक इलाज चल रहा है।
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बता दें कि जहानाबाद थाना क्षेत्र के गोकुलपुर निवासी संतोष निषाद की पत्नी माया से पानी भरने में विवाद के बाद बर्बरता हुई। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी बकरीदी, सत्तार, नाहिद अली, रुकसाना ने मारा पीटा और नाजुक अंग पर डंडे से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया। परिजन 26 अप्रैल को महिला को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर दो घंटे तक महिला को बाहर तड़पना पड़ा। बकौल केंद्रीय मंत्री उनके फोन करने पर महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। यदि महिला का कोई परिचित उन्हें न जानता होता तो क्या महिला व उसके परिजन ऐसे ही तड़पते रहते।
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हुआ यूं कि शुक्रवार को माया को देखने केंद्रीय राज्यमंत्री शनिवार को दोपहर सवा एक बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। लेबर रूम के सामने वार्ड में भर्ती माया के परिजनों ने आरोप लगाया कि ठीक तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है। यह सुनते ही साध्वी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल सीएमओ विनय कुमार पांडेय को बुला लिया। सीएमएस डा. रेखा रानी भी पहुंच गईं। मंत्री ने कहा कि आखिर महिला का उपचार करने में दो घंटे का विलंब क्यों किया गया? अगर वह फोन न करतीं तो महिला का इलाज नहीं किया जाता। सीएमओ ने तत्काल भर्ती कर इलाज शुरू करने की बात कही, लेकिन मंत्री का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक आरके यादव, सीओ सिटी समर बहादुर को भी अस्पताल में तलब किया। दोनों अफसरों के पहुंचने पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी न करने और बातचीत का लहजा ठीक न होने की वजह से जहानाबाद थानाध्यक्ष अरविंद सिंह गौतम को निलंबित कीजिए। बिना थानाध्यक्ष के निलंबन के वह कुछ मानने को तैयार नहीं हैं। तीन दिन हो गए, अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी को पकड़ कर अन्य को खुली छूट दे रखी है। वह मुख्यमंत्री को सूचना देकर अस्पताल आई हैं और कार्रवाई न होने पर महिला को लेकर सीएम के यहां जाएंगी। अस्पताल कर्मियों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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स्टाफ नर्स पर भी हुईं खफा
साध्वी स्टाफ नर्स लीलामनी के ऊंची आवाज में बात करने पर भड़क गईं। बुलाने पर घर से अस्पताल पहुंची स्टाफ नर्स से जब मंत्री ने पूछा कि आखिर घायल महिला को दो घंटे तक अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया? इस पर नर्स ऊंची आवाज में जवाब देने लगी। मंत्री ने उसे समझ बूझकर बात करने की चेतावनी दी। इस पर नर्स की घिग्घी बंध गई।
सीमा की खराब कर दी थी आंख
संतोष निषाद ने बताया कि चार महीने पहले आरोपियों ने बेटी सीमा की आंख में डंडे से वार कर दिया था। इससे उसकी आंख की रोशनी चली गई है। उसका अभी तक इलाज चल रहा है।