फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Remanded the color, the engineer's mobile recovered

रिमांड रंग लाई, इंजीनियर का मोबाइल बरामद

Wed, 05 Jun 2019 12:44 AM IST
fatehpur Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Wed, 05 Jun 2019 12:44 AM IST
विज्ञापन
Remanded the color, the engineer's mobile recovered
-- - फोटो : amarujala

विज्ञापन

फतेहपुर।  रेलवे फ्रेट कोरीडोर की जीएमआर कंपनी के इंजीनियर अजय सिंह हत्याकांड मामले में शूटर मनीष की पुलिस रिमांड काम आई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर इंजीनियर का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त तमंचा व ठेकेदार की बाइक बरामद कर ली।
पुलिस ने मंगलवार सुबह आठ बजे जेल से शूटर को रिमांड में लिया। टीमों ने लंबी पूछताछ की। इसके बाद बरामदगी के लिए शूटर को साथ लेकर निकली। बता दें कि इंजीनियर अजय सिंह फिरोजाबाद जिले में शिकोहाबाद थाने के रामनगर निवासी थे। उनकी 14 मई को रेलवे साइट एकारी जाते समय थरियांव थाने के एकारी गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या में फिरोजाबाद हनुमानगंज के ठेकेदार आयुष शर्मा की साजिश का खुलासा हुआ था। ठेकदार ने इटावा जसवंतनगर के मनीष जाधव कार चालक, फिरोजाबाद दक्षिणी थाने के सुनील जाधव, खागा के मेठ मुखिया, शहर के मऊ निवासी लंबू से हत्या कराई थी। मुखिया और लंबू पकड़े गए थे। एक हफ्ते पहले मनीष का सरेंडर हुआ था। पुलिस ने मनीष को मंगलवार को रिमांड में लिया। पूछताछ के बाद पुलिस अस्ती के पास कोरीडोर की निर्माणाधीन पुलिया नंबर 638 के पास पहुंची। हत्यारोपी की निशानदेही पर यूकेलिप्ट्स की बाग से आला कत्ल तमंचा, इंजीनियर का मोबाइल टूटे हालत में, हत्या में इस्तेमाल की गई पैशन बाइक बिना नंबर बरामद की। बाइक आयुष ठेकेदार की बताई गई। पुलिस को पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह सुनील को लेकर बाइक से भागा था। अस्ती के पास इंजीनियर का लूटा मोबाइल बंद कर तोड़ दिया था। बाइक समेत सब कुछ छिपाने के बाद हाईवे नउवाबाग पहुंचे। प्राइवेट वैन से कानपुर पहुंचे। कानपुर से ट्रेन पकड़ कर फिरोजाबाद चले गए थे। ठेकेदार ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। जिसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। ठेकेदार का भुगतान न किए जाने के लिए इंजीनियर की हत्या की थी।
विज्ञापन



इंजीनियर के तमंचा पकड़ने पर मार दी थी गोली
फतेहपुर। इंजीनियर को डरा धमकाकर नौकरी छोड़ने के लिए विवश कर देना हत्यारोपियों का मकसद था। पुलिस की पूछताछ के दौरान मनीष ने यह राज उगले हैं। उसने बताया कि घटना के वक्त ऐसे हालात पैदा हो गए जिससे गोली मारना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की पूछताछ में क्राइम सीन को मनीष जाधव ने बयां किया। उसने बताया कि बाइकों से साथियों संग इंजीनियर की बोलेरो रुकवाई थी। बोलेरो चालक महेंद्र  विरोध करने लगा था। तभी उसके साथी सुनील ने पीछे से चालक के सिर में डंडे से प्रहार किया था। तभी बोलेरो चालक भाग निकला था। दूसरी ओर सुनील डंडा लेकर बाकी बोलेरो में तोड़फोड़ करने लगा था। शीशे में ताबड़तोड़ प्रहार करने लगा था। इसी दौरान इंजीनयिर ड्राइवर सीट की खिड़की बंद करने लगा था। अजय पर मनीष ने तमंचा तानकर खिड़की बंद करने से रोका था। तमंचा इंजीनियर ने पकड़ लिया था। उसने गोली चला दी थी। उनका मकसद इंजीनियर की हत्या का नहीं था। मारपीट कर डराने धमकाने पहुंचे थे। जिससे बाद में ठेकेदार इंजीनियर पर भुगतान करने का दबाव बना लेता। दहशत में नौकरी छोड़कर भी जा सकता था। सूत्रों के मुुताबिक हत्या के बाद अस्ती के एक कुएं में बाइक, तमंचा, मोबाइल फेंका था। जिसे पुलिस ने पहले ही हासिल कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed