{"_id":"596faa8d4f1c1b02688b475c","slug":"oil-stolen-from-season-factory","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीज फैक्ट्री से 50 लाख का तेल चोरी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सीज फैक्ट्री से 50 लाख का तेल चोरी
फतेहपुर
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के फैक्ट्री मालिक की औंग में सीज की गई केमिकल फैक्ट्री से करीब 50 लाख का तेल चोरी हो गया है। क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक ने बुधवार को थाने में अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मालूम हो कि लखनऊ से आई एसटीएफ टीम ने उन्नाव जिले के हाईवे पर केरोसिन से भरा टैंकर पकड़ा था। कागजाताें में यह केमिकल दर्ज था, लेकिन जांच में केरोसिन की बात सामने आई थी। टीम ने उन्नाव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा ऑयल मालिक कानपुर निवासीउमेश कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुछ और लोगों के भी नाम सामने आए थे।
इसके बाद एसटीएफ ने उमेश कुमार शुक्ला की औंग स्थित बालाजी केमिकल फैक्ट्री में 22 मार्च को छापेमारी की। यह फैक्ट्री पेंट बनाने में काम आने वाले मिनरल तारपेंटाइल आयल (एमटीओ) बनाने की थी, लेकिन नमूने की जांच में फैक्ट्री में मिला पदार्थ केरोसिन जैसा मिला। यहां मिले आठ टैंकों के लाखों लीटर तेल के नमूने लेने के बाद फैक्ट्री सील कर दी गई। इसे एटा जिले के पटियाली थाना क्षेत्र के धिन्नौर निवासी समरपाल सिंह, फैक्ट्री कर्मचारी घाटमपुर कोतवाली के देवपुरा निवासी बाबू सिंह यादव को सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
मंगलवार को नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह, क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी सिद्धार्थ, तहसीलदार बिंदकी सहित अफसरों की टीम माल की सुपुर्दगी लेने पहुंची। इस दौरान अंदर के टैंकों से तेल गायब मिला। एसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की ओर से बुधवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर मिली है। अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग में चोरी की बजाए अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है।
गायब हुए तेल की कीमत करीब 50 लाख है। डीएम की अनुमति के बाद फैक्ट्री मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत भी रिपोर्ट कराई जाएगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि लखनऊ से आई एसटीएफ टीम ने उन्नाव जिले के हाईवे पर केरोसिन से भरा टैंकर पकड़ा था। कागजाताें में यह केमिकल दर्ज था, लेकिन जांच में केरोसिन की बात सामने आई थी। टीम ने उन्नाव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा ऑयल मालिक कानपुर निवासीउमेश कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुछ और लोगों के भी नाम सामने आए थे।
विज्ञापन
इसके बाद एसटीएफ ने उमेश कुमार शुक्ला की औंग स्थित बालाजी केमिकल फैक्ट्री में 22 मार्च को छापेमारी की। यह फैक्ट्री पेंट बनाने में काम आने वाले मिनरल तारपेंटाइल आयल (एमटीओ) बनाने की थी, लेकिन नमूने की जांच में फैक्ट्री में मिला पदार्थ केरोसिन जैसा मिला। यहां मिले आठ टैंकों के लाखों लीटर तेल के नमूने लेने के बाद फैक्ट्री सील कर दी गई। इसे एटा जिले के पटियाली थाना क्षेत्र के धिन्नौर निवासी समरपाल सिंह, फैक्ट्री कर्मचारी घाटमपुर कोतवाली के देवपुरा निवासी बाबू सिंह यादव को सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
मंगलवार को नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह, क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी सिद्धार्थ, तहसीलदार बिंदकी सहित अफसरों की टीम माल की सुपुर्दगी लेने पहुंची। इस दौरान अंदर के टैंकों से तेल गायब मिला। एसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक की ओर से बुधवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर मिली है। अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। डीएसओ विजय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग में चोरी की बजाए अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है।
गायब हुए तेल की कीमत करीब 50 लाख है। डीएम की अनुमति के बाद फैक्ट्री मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत भी रिपोर्ट कराई जाएगी।