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ट्रक की टक्कर से बाइकसवार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:42 AM IST
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मार्च्युरी हाउस में परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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सदर कोतवाली क्षेत्र में एआरटीओ दफ्तर के सामने गुरुवार दोपहर एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें पीछे बैठे व्यक्ति की मौत हो गई, चालक हेलमेट लगाए होने से बच गया। हाईवे पर जाम लग गया। पुलिस करीब आधे घंटे बाद यातायात बहाल करा सकी।
नौबस्ता थाना (कानपुर) के उस्मानपुर निवासी मुन्नूलाल सविता के बेटे रावेंद्र उर्फ नन्हें सविता (40) मलवां में 16 अप्रैल को भतीजे अंकित की शादी में शामिल होने आए थे। वह मलवां से हुसैनगंज थाने के तिवारीपुर गांव निवासी अपने साढू विनोद कुमार के साथ बाइक से उनके घर जा रहे थे। एआरटीओ दफ्तर के सामने पेट्रोल पंप से ईंधन लेकर हाईवे पर पहुंचे, तभी इलाहाबाद की ओर जा रहे ट्रक ने टक्कर मार दी।
रावेंद्र हाईवे पर गिरे और विनोद सड़क किनारे खाई में। रावेंद्र के सिर पर ट्रक का पहिया चढ़ जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाल दीपक पांडेय पहुंचे और यातायात बहाल कराया। साले अनिल कुमार ने बताया कि घटना की खबर बहन पिंकी को दी गई है। बहनोई रावेंद्र कानपुर में गुटखा फैक्ट्री में काम करते थे। उनकी कमाई से ही पिंकी और दो बच्चों का भरण पोषण होता था। कोतवाल ने बताया कि विनोद हेलमेट लगाए थे लेकिन पीछे बैठे रावेंद्र नहीं। यदि वह भी हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच जाती।
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नौबस्ता थाना (कानपुर) के उस्मानपुर निवासी मुन्नूलाल सविता के बेटे रावेंद्र उर्फ नन्हें सविता (40) मलवां में 16 अप्रैल को भतीजे अंकित की शादी में शामिल होने आए थे। वह मलवां से हुसैनगंज थाने के तिवारीपुर गांव निवासी अपने साढू विनोद कुमार के साथ बाइक से उनके घर जा रहे थे। एआरटीओ दफ्तर के सामने पेट्रोल पंप से ईंधन लेकर हाईवे पर पहुंचे, तभी इलाहाबाद की ओर जा रहे ट्रक ने टक्कर मार दी।
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रावेंद्र हाईवे पर गिरे और विनोद सड़क किनारे खाई में। रावेंद्र के सिर पर ट्रक का पहिया चढ़ जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाल दीपक पांडेय पहुंचे और यातायात बहाल कराया। साले अनिल कुमार ने बताया कि घटना की खबर बहन पिंकी को दी गई है। बहनोई रावेंद्र कानपुर में गुटखा फैक्ट्री में काम करते थे। उनकी कमाई से ही पिंकी और दो बच्चों का भरण पोषण होता था। कोतवाल ने बताया कि विनोद हेलमेट लगाए थे लेकिन पीछे बैठे रावेंद्र नहीं। यदि वह भी हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच जाती।
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