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बेटे को जहर खिला मां ने भी खाया, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 20 May 2017 01:15 AM IST
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नाबालिग लड़की ने माता-पिता को खिलाया जहर
- फोटो : Demo Pic
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कोतवाली क्षेत्र के दरवेशाबाद गांव में गुरुवार रात मां ने बच्चे को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद खुद भी खा लिया। कानपुर ले जाते समय दोनों की मौत हो गई। परिजन बच्चे की बीमारी से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाए जाने की बात कह रहे हैं।
गांव निवासी ओम प्रकाश का बेटा धनंजय राजस्थान में नौकरी करता है। पत्नी संगीता देवी (25) दो बच्चों के साथ गांव में रहती थी। साथ में सास शकुंतला, ससुर ओमप्रकाश, देवर साजन, देवरानी व बहन सारिका भी रहते हैं। संगीता का मायका मलवा थानाक्षेत्र के उमरगहना में है। गांव पहुंचे विवाहिता के पिता बबलू शर्मा ने बताया कि संगीता का बड़ा बेटा उत्तम (5) मानसिक बीमार था। कभी वह अपना सिर को पटकने लगता था तो कभी खुद को घायल करने जैसी हरकतें करता था। डांटने पर लोगाें को भी काटने दौड़ता था। बच्चे का कानपुर के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था।
गुरुवार को संगीता अपने बेटे को दवा पिला रही थी। तभी वह मां को काटने लगा। बीमारी से तंग संगीता ने उत्तम को जहरीला पदार्थ खिलाया और खुद भी खा लिया। ससुर ओमप्रकाश व अन्य परिजनों ने बताया कि मां-बेटा की हालत बिगड़ने पर उन्हें जहर खाने की जानकारी हुई। गंभीर हालत में दोनों को सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। औंग थाना क्षेत्र के छिवली नदी के पास दोनों की मौत हो गई। दूसरी ओर कोतवाल शैलेंद्र कुमार का कहना है कि उनके पास कोई जानकारी देने नहीं आया। मासूम देवा (आठ माह) को नहीं पता कि उसकी मां और भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं। उसे संगीता की बहन व देवरानी सारिका ने संभाला।
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गांव निवासी ओम प्रकाश का बेटा धनंजय राजस्थान में नौकरी करता है। पत्नी संगीता देवी (25) दो बच्चों के साथ गांव में रहती थी। साथ में सास शकुंतला, ससुर ओमप्रकाश, देवर साजन, देवरानी व बहन सारिका भी रहते हैं। संगीता का मायका मलवा थानाक्षेत्र के उमरगहना में है। गांव पहुंचे विवाहिता के पिता बबलू शर्मा ने बताया कि संगीता का बड़ा बेटा उत्तम (5) मानसिक बीमार था। कभी वह अपना सिर को पटकने लगता था तो कभी खुद को घायल करने जैसी हरकतें करता था। डांटने पर लोगाें को भी काटने दौड़ता था। बच्चे का कानपुर के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था।
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गुरुवार को संगीता अपने बेटे को दवा पिला रही थी। तभी वह मां को काटने लगा। बीमारी से तंग संगीता ने उत्तम को जहरीला पदार्थ खिलाया और खुद भी खा लिया। ससुर ओमप्रकाश व अन्य परिजनों ने बताया कि मां-बेटा की हालत बिगड़ने पर उन्हें जहर खाने की जानकारी हुई। गंभीर हालत में दोनों को सीएचसी बिंदकी में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। औंग थाना क्षेत्र के छिवली नदी के पास दोनों की मौत हो गई। दूसरी ओर कोतवाल शैलेंद्र कुमार का कहना है कि उनके पास कोई जानकारी देने नहीं आया। मासूम देवा (आठ माह) को नहीं पता कि उसकी मां और भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं। उसे संगीता की बहन व देवरानी सारिका ने संभाला।
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