{"_id":"571d1c514f1c1b967f8b55d0","slug":"if-not-for-the-life-of-husband-wheat-harvesting","type":"story","status":"publish","title_hn":"पति के गेहूं कटाई के लिए न जाने पर दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पति के गेहूं कटाई के लिए न जाने पर दी जान
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
आत्महत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति के गेहूं कतरने न जाने पर रविवार सुबह जेहरा (35) ने आग लगा ली। उसे जिला अस्पताल लाया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
हथगाम क्षेत्र के इदरीशपुर निवासी इमरान की बेटी जेहरा की शादी 15 साल पहले हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव निवासी नईम से हुई थी। जेहरा के पिता इमरान व मां सलीमुन ने बताया कि दामाद नईम की मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता था।
विज्ञापन
इन दिनों गेहूं कटाई करने पर साल भर खाने के लिए गेहूं का इंतजाम हो जाता है। इसी वजह से बेटी और दामाद में एक पखवारे से झगड़ा चल रहा था। बेटी रोज कटाई करने के लिए जाने को कहती थी लेकिन दामाद काम पर नहीं जा रहा था।
विज्ञापन
रविवार तड़के जेहरा ने नईम को काम पर जाने के लिए जगाया, पर नईम के न उठने पर दोनों में विवाद हो गया। जिससे नाराज होकर जेहरा ने आग लगाकर जान दे दी। इमरान ने कहा कि वह दामाद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं लेकिन यह जरूर चाहते हैं कि दामाद अपने चारों बच्चों की परवरिश अच्छे तरीके से करे।