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आग से गृहस्थी राख, नौ बकरी मरीं
अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Mon, 09 Jan 2017 11:49 PM IST
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रियारी गांव में दम घुटने से मरी पड़ी बकरियां
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चूल्हे की राख से रविवार की आधी रात उठी चिंगारी ने पूरी गृहस्थी को जलाकर राख कर दिया। छप्पर से बरामदे में डंप भूसे में आग लगने से बरामदे में बंधी नौ बकरियों की धुएं की धुंध के कारण दम घुटने से मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से शेष मवेशियों को बचाया जा सका। फायरब्रिगेड के जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया।
थाना क्षेत्र के मिराई गांव के मजरे रियारी के जगरूप यादव का परिवार रविवार की रात अलग अलग कमरों में सोया था। घर में बने बरामदे के आधे हिस्से में भूसा डंप था जबकि आधे में मवेशी बंधे थे। जगरूप ने बताया कि रात तीन बजे रसोई घर के बगल में पड़ा छप्पर आग से घिरा था और बरामदे का भूसा जल रहा था। यह देखकर उसने शोर मचाया, तो पड़ोसी जुट आए।
घर के सदस्यों को बाहर निकालने के बाद आग से घिरे बरामदे में बंधे मवेशियों को निकालने पहुंचा तो 15 में से नौ बकरियां मरी पड़ी थीं। दो भैंस व एक पड़िया हांफ रहीं थीं। आनन फानन जिंदा बचे मवेशियों को बाहर निकाल लिया गया लेकिन घर में रखे 15 क्विंटल गेहूं, दो क्विंटल चावल समेत कपड़ा-बर्तन आदि गृहस्थी का सामान जलने से नहीं बचाया जा सका।
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थाना क्षेत्र के मिराई गांव के मजरे रियारी के जगरूप यादव का परिवार रविवार की रात अलग अलग कमरों में सोया था। घर में बने बरामदे के आधे हिस्से में भूसा डंप था जबकि आधे में मवेशी बंधे थे। जगरूप ने बताया कि रात तीन बजे रसोई घर के बगल में पड़ा छप्पर आग से घिरा था और बरामदे का भूसा जल रहा था। यह देखकर उसने शोर मचाया, तो पड़ोसी जुट आए।
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घर के सदस्यों को बाहर निकालने के बाद आग से घिरे बरामदे में बंधे मवेशियों को निकालने पहुंचा तो 15 में से नौ बकरियां मरी पड़ी थीं। दो भैंस व एक पड़िया हांफ रहीं थीं। आनन फानन जिंदा बचे मवेशियों को बाहर निकाल लिया गया लेकिन घर में रखे 15 क्विंटल गेहूं, दो क्विंटल चावल समेत कपड़ा-बर्तन आदि गृहस्थी का सामान जलने से नहीं बचाया जा सका।
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