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साल भर बाद मायके लौटी महिला ने दे दी जान
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:15 PM IST
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एक साल बाद मायके लौटी महिला ने दी जान
फतेहपुर। थरियांव इलाके में ससुराल से चले जाने के एक साल बाद मायके लौटीं रामदुलारी(30) ने परिजनों की उपेक्षा का शिकार होने पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
रामदुलारी थरियांव थाने के मौलवीपुर गांव के प्यारेलाल की बेटी थीं। रामदुलारी की शादी करीब दस साल पहले असोथर थाने के खदरा गांव में हुई थी। एक बेटा शुभम (6) व बेटी खुशी (4) है। यह करीब एक साल पहले अचानक ससुराल से लापता हो गई थीं। इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।
यह अचानक शनिवार को मायके पहुंचीं। मायके पक्ष के लोग ससुराल जाने के लिए दबाव बनाने लगे। यह ससुराल जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। कई घंटे तक गांव में घूमती रहीं। शाम को बेहोशी की हालत में ग्रामीणों ने इन्हें पीपल के पेड़ के नीचे पड़े देखा।
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ग्रामीणों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजन हालत गंभीर देखकर नर्सिंग होम ले गए। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थाने के एसआई रामसनेही यादव जांच करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से बातचीत में पता चला है कि मायके पक्ष के लोग रामदुलारी को स्वीकार नहीं कर रहे थे। वह कुछ देर तक गांव में भटकती रहीं। इसके बाद आत्महत्या कर ली।
प्यारेलाल ने दामाद का नाम बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने रामदुलारी के संदिग्ध हालात में आत्महत्या करने की तहरीर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
- दो बच्चों को छोड़कर ससुराल से चली गई थी, मायके वालों ने घर में घुसने से था रोका
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। थरियांव इलाके में ससुराल से चले जाने के एक साल बाद मायके लौटीं रामदुलारी(30) ने परिजनों की उपेक्षा का शिकार होने पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
रामदुलारी थरियांव थाने के मौलवीपुर गांव के प्यारेलाल की बेटी थीं। रामदुलारी की शादी करीब दस साल पहले असोथर थाने के खदरा गांव में हुई थी। एक बेटा शुभम (6) व बेटी खुशी (4) है। यह करीब एक साल पहले अचानक ससुराल से लापता हो गई थीं। इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।
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यह अचानक शनिवार को मायके पहुंचीं। मायके पक्ष के लोग ससुराल जाने के लिए दबाव बनाने लगे। यह ससुराल जाने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। कई घंटे तक गांव में घूमती रहीं। शाम को बेहोशी की हालत में ग्रामीणों ने इन्हें पीपल के पेड़ के नीचे पड़े देखा।
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ग्रामीणों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजन हालत गंभीर देखकर नर्सिंग होम ले गए। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थाने के एसआई रामसनेही यादव जांच करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से बातचीत में पता चला है कि मायके पक्ष के लोग रामदुलारी को स्वीकार नहीं कर रहे थे। वह कुछ देर तक गांव में भटकती रहीं। इसके बाद आत्महत्या कर ली।
प्यारेलाल ने दामाद का नाम बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने रामदुलारी के संदिग्ध हालात में आत्महत्या करने की तहरीर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
- दो बच्चों को छोड़कर ससुराल से चली गई थी, मायके वालों ने घर में घुसने से था रोका
अमर उजाला ब्यूरो