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ाईवे पर ट्रक में लगी आग, यातायात थमा

Sat, 02 Mar 2019 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2019 12:30 AM IST
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ाईवे पर ट्रक में लगी आग, यातायात थमा
फतेहपुर। बिहार से दिल्ली जा रहे एक ट्रक में शुक्रवार को हाईवे पर आग लग गई। आग की लपटें देख यातायात थम गया। ट्रक को किसी तरह किनारे कर चालक ने अपनी जान बचाई। इलाकाई लोगों की भीड़ जुट गई। दमकल टीम ने करीब पौन घंटा में आग पर काबू पा लिया।
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ट्रक चालक मुस्तकीम बिहार से भाड़ा लादकर दिल्ली जा रहा था। शहर कोतवाली क्षेत्र के लोधीगंज हाईवे पर ट्रक से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक ने बताया कि वह ट्रक को हाईवे पट्टी की ओर ले गया। आग की लपटें निकलने पर खिड़की खोलकर कूद गया। पीछे पलट कर देखा तो आग भीषण हो चुकी थी। हादसा देखकर इलाके
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के लोगों की भीड़ जुट गई। फायर स्टेशन को लोगों ने सूचना दी। एफएसओ देवेश तिवारी टीम के साथ पहुंचे। पानी डालकर आग को फैलने से रोका गया। पूरी तरह से आग को शांत करने में करीब पौन घंटा लग गया। आग इंजन में शार्ट सर्किट के चलते लगना माना जा रहा है। दमकल टीम में चालक कमला शंकर, कांस्टेबल दिनेश, रामसनुज, मिलन कुमार, शिवाकांत, पल्लव त्रिपाठी मौजूद रहे।
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फोटो संख्या एवं परिचय
11- लोधीगंज बाईपास में ट्रक में लगी आग बुझाते दमकल कर्मी
हाईवे पर ट्रक में लगी आग, यातायात थमा
- दमकल कर्मियों को आग बुझाने में लगा पौन घंटा
- शार्ट सर्किट से आग लगने की जता रहे आशंका

अमर उजाला ब्यूरो




अनुराग हत्याकांड में परिचित का हाथ
- इलाके से गायब व्यक्तियों की तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। कक्षा दो के छात्र अनुराग मौर्या की हत्या में पुलिस व क्राइम ब्रांच को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस गांव से अचानक गायब व्यक्तियों की तलाश में जुटी है। सर्विलांस में परिचित के लोगों के मोबाइल नंबर लेकर छानबीन की जा रही है। कुछ संदिग्ध पूछताछ के लिए पकड़े भी गए हैं।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के भादर गांव निवासी बसंत लाल मौर्या का बेटा अनुराग(10) बुधवार शाम बाजार गया था। उसे बाजार से अगवा कर हत्या कर दी गई। रक्तरंजित शव घर से तीन किलोमीटर दूर हौलियापुर गांव के जंगल पटरी पर एक खेत में मिला था। गला कटा था। ग्रामीणों के गुस्से का सामना पुलिस को करना पड़ा। एएसपी ने तीन दिन में खुलासे की मोहलत लेकर लोगों को शांत कराया। दो दिन बीत चुके लेकिन ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस का मानना है कि बच्चे के गायब होते वक्त किसी ने उसे देखा होगा। बाजार का दिन होने के कारण भीड़ रहती है। सरेशाम बच्चे को जबरन अगवा करने के बाद तीन किलोमीटर दूर ले जाने की गुंजाइश न के बराबर है। साफ है कि कोई परिचित व्यक्ति ही बच्चे को बहला फुसलाकर ले गया होगा। बच्चे को मिठाई, नमकीन, चाट जैसी चीजों को खाने की आदत थी। इसी लालच में वह बाजार में दुकानदारों का मामूली काम भी करता था। शव रात में फेंकने की आशंका जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आरोपी कई घंटे तक बच्चे को गायब किए था। ग्रामीणों की आवाजाही बंद होने के बाद हत्या कर शव को फेंका है।
इनसेट-
एक ओर बहन की शादी दूसरी तरफ भाई का शव हुआ दफन
अनुराग की चचेरी बहन की गुरुवार को कौशांबी के खोजकीमई से बरात आई थी। सादे माहौल में बरातियों का स्वागत और वैवाहिक कार्यक्रम हुआ। बरात शुक्रवार को विदा हुई। वहीं पोस्टमार्टम हाउस से अनुराग का शव भी रात करीब आठ बजे गांव पहुंचा। बसंत लाल ने खेत में गड्ढा खुदवा कर शव का अंतिम संस्कार किया। उधर, मां मीना देवी, बहन रिंकी देेवी और छोटा भाई आदित्य का हाल बेहाल दिखा। पिता बसंतलाल ने बताया कि बेटे की हत्या क्यों और किसने की है यह अभी नहीं समझ आ रहा है।

इनसेट-
राजदार होना बना बच्चे के कत्ल की वजह
प्रेमनगर। अनुराग मौर्या के अपहरण व हत्या में पुलिस व क्राइम ब्रांच अपने-अपने तरीके से छानबीन कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस टीमों को लग रहा है कि बच्चे की हत्या कोई राज खुलने के डर से की गई है। बच्चा कुछ ऐसी चीज जान गया था जिसके बारे में आरोपी नहीं चाहते थे कि वह राज खुले। इतनी बेरहमी से हत्या के पीछे संकेत ऐसे ही मिल रहे हैं। परिवार की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं है। पिता अल्लीपुर बाजार में सब्जी बेचता है। अपहरण के पीछे फिरौती जैसी संभावना यहीं से खत्म हो गई। पड़ोस के एक परिवार से कुछ दिन पहले दीवार को लेकर विवाद हुआ था। निर्माण रोकने पर जानमाल की धमकी दी गई थी। पुलिस परिवार से पूछताछ की लेकिन जांच में कुछ खास सामने नहीं आया। पुलिस अब आशनाई के बिंदु पर भी छानबीन कर रही है। पुलिस ने पड़ोसी गांव के एक युवक की तलाश में छापेमारी भी की। हालांकि वह पुलिस के हाथ नहीं लगा है। कहा जा रहा है कि युवक को बच्चे से अपनी आशनाई का राजफाश होने का खतरा महसूस होने लगा था। उस पर ही हत्या का शक पुलिस को है।


बांके जैसे हथियार से गले को आगे-पीछे से था काटा
फतेहपुर। अनुराग हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो बार हमला किए जाने का खुलासा हुआ है। चोट देखकर पहला अनुमान यह लगाया जा रहा कि कातिल किसी भी हालत में बच्चे को जिंदा नहीं छोड़ना चाहता था। दूसरा बांके जैसा धारदार हथियार का इस्तेमाल होने की संभावना है। प्रकरण में उलझाने की बात यह है कि शव बरामद होने से करीब बीस मीटर दूरी पर भी खून मिला है। यह खून बच्चे की हत्या के समय का है या फिर बाद का।
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