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सारा दिन दस्तावेज संजोती रहीं सीबीआई
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सपा शासन काल में हुए अवैध खनन की तहकीकात करने जिले आई सीबीआई की टीम गुरुवार को दस्तावेज संजोने में जुटी रही। कई लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई। ऐसा माना जा रहा है कि सीबीआई का काम खत्म हो चुका है। जो सुबूत चाहिए थे वो हाथ लग चुके हैं। एक महीने में अवैध खनन मामले पर से पर्दा उठ सकता है।
वर्ष 2012 से 2015 के बीच जिले में अवैध खनन की शिकायत पर डीएसपी केपी शर्मा की चार सदस्यीय टीम नौ जनवरी से जिले में हैं। सीबीआई ने सिंडीकेट, पट्टाधारक और शिकायतकर्ता मिलाकर 50 से ज्यादा लोगों से बंद कमरे में बात की। टीम ने बांदा के एक माननीय से लेकर जिले के कई पंचायत प्रतिनिधियों को भी तलब किया। खनन के हर बिंदु पर गहनता से छानबीन करने वाली सीबीआई ने अवैध खनन की तह तक जाने के लिए डायरी में दर्ज मौरंग घाटों का दौरा किया।
सूत्रों की माने तो अब तक की पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों को देखते हुए एक बात तो साफ हो चुकी है कि अवैध खनन हो रहा था। टीम के हाथ जो साक्ष्य लगे हैं उनमें जिले के तत्कालीन कई अफसर भी लपेटे में आने तय हैं। सीबीआई इन तक कभी भी पहुंच सकती है।
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उधर, गुरुवार को भी सीबीआई ने कई लोग बुलाए। इनसे दोबारा बात की। खनन विभाग के अफसरों को भी सारा दिन तलब रखा। बंद कमरे में साक्ष्यों पर देर शाम तक काम चलता रहा। सूत्रों की माने तो सीबीआई ने जो कुछ हासिल किया उससे इस धंधे में और कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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फतेहपुर। सपा शासन काल में हुए अवैध खनन की तहकीकात करने जिले आई सीबीआई की टीम गुरुवार को दस्तावेज संजोने में जुटी रही। कई लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई। ऐसा माना जा रहा है कि सीबीआई का काम खत्म हो चुका है। जो सुबूत चाहिए थे वो हाथ लग चुके हैं। एक महीने में अवैध खनन मामले पर से पर्दा उठ सकता है।
वर्ष 2012 से 2015 के बीच जिले में अवैध खनन की शिकायत पर डीएसपी केपी शर्मा की चार सदस्यीय टीम नौ जनवरी से जिले में हैं। सीबीआई ने सिंडीकेट, पट्टाधारक और शिकायतकर्ता मिलाकर 50 से ज्यादा लोगों से बंद कमरे में बात की। टीम ने बांदा के एक माननीय से लेकर जिले के कई पंचायत प्रतिनिधियों को भी तलब किया। खनन के हर बिंदु पर गहनता से छानबीन करने वाली सीबीआई ने अवैध खनन की तह तक जाने के लिए डायरी में दर्ज मौरंग घाटों का दौरा किया।
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सूत्रों की माने तो अब तक की पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों को देखते हुए एक बात तो साफ हो चुकी है कि अवैध खनन हो रहा था। टीम के हाथ जो साक्ष्य लगे हैं उनमें जिले के तत्कालीन कई अफसर भी लपेटे में आने तय हैं। सीबीआई इन तक कभी भी पहुंच सकती है।
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उधर, गुरुवार को भी सीबीआई ने कई लोग बुलाए। इनसे दोबारा बात की। खनन विभाग के अफसरों को भी सारा दिन तलब रखा। बंद कमरे में साक्ष्यों पर देर शाम तक काम चलता रहा। सूत्रों की माने तो सीबीआई ने जो कुछ हासिल किया उससे इस धंधे में और कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।