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आरोपियों पर नहीं चलेगा किशोरी की आत्महत्या का केस
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। दुष्कर्म की कोशिश से आहत छात्रा की मौत के मामले में आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं चलेगा। इन हालातों में आरोपी जमानत पर जल्द ही छूट सकते हैं। पुलिस किशोरी के जान देने की कोई और वजह नहीं मान रही है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के एक किशोरी को बुधवार शाम जंगल से लौटते वक्त इलाके के खलासिन और जमीर आलम ने दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छात्रा को जिला अस्पताल मेडिकल के लिए भेजा था। मेडिकल से लौटने के बाद गुुरुवार देर शाम समझौते का बढ़ता दबाव देखकर किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंच गई है। परिजन आत्महत्या के पीछे सीधे तौर पर आरोपियों को दोषी बता रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस ने घटना के 36 घंटे बाद भी छेड़खानी की रिपोर्ट को आत्महत्या में तरमीम नहीं किया है।
थाना प्रभारी घनश्याम पांडेय का कहना है कि मामले में पाक्सो एक्ट के तहत छेड़खानी, मारपीट, धमकी की रिपोर्ट आरोपियों पर दर्ज की गई है। किशोरी की आत्महत्या की परिजनों ने तहरीर दी थी। इसमें आरोपी और छेड़खानी की वजह से किशोरी के जान देने का जिक्र नहीं है। इसके चलते दोनों घटनाएं अलग हो गईं। जिसके कारण रिपोर्ट तरमीम नहीं की जाएगी। बाकी विवेचना में जो तथ्य आएंगे उस पर कार्रवाई होगी।
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फतेहपुर। दुष्कर्म की कोशिश से आहत छात्रा की मौत के मामले में आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं चलेगा। इन हालातों में आरोपी जमानत पर जल्द ही छूट सकते हैं। पुलिस किशोरी के जान देने की कोई और वजह नहीं मान रही है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के एक किशोरी को बुधवार शाम जंगल से लौटते वक्त इलाके के खलासिन और जमीर आलम ने दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छात्रा को जिला अस्पताल मेडिकल के लिए भेजा था। मेडिकल से लौटने के बाद गुुरुवार देर शाम समझौते का बढ़ता दबाव देखकर किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंच गई है। परिजन आत्महत्या के पीछे सीधे तौर पर आरोपियों को दोषी बता रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस ने घटना के 36 घंटे बाद भी छेड़खानी की रिपोर्ट को आत्महत्या में तरमीम नहीं किया है।
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थाना प्रभारी घनश्याम पांडेय का कहना है कि मामले में पाक्सो एक्ट के तहत छेड़खानी, मारपीट, धमकी की रिपोर्ट आरोपियों पर दर्ज की गई है। किशोरी की आत्महत्या की परिजनों ने तहरीर दी थी। इसमें आरोपी और छेड़खानी की वजह से किशोरी के जान देने का जिक्र नहीं है। इसके चलते दोनों घटनाएं अलग हो गईं। जिसके कारण रिपोर्ट तरमीम नहीं की जाएगी। बाकी विवेचना में जो तथ्य आएंगे उस पर कार्रवाई होगी।
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