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शिक्षक के खाते से एप लोड कराकर 2.21 हजार रकम उड़ाई
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फतेहपुर। क्रेडिट कार्ड बंद करने का झांसा देकर शिक्षक का मोबाइल हैक कर लिया। एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 2.21 लाख रुपये और आईडीबीआई के खाते से 35 हजार रुपये उड़ा दिए। रुपये कटने का मैसेज आने पर मामले का पता लगा। साइबर सेल ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड का 22,500 रुपये रुकवाकर वापस में शिक्षक के खाते में पहुंचाए।
सदर कोतवाली क्षेत्र के शकुन नगर निवासी बृजेश सिंह कश्यप हथगाम ब्लॉक में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर 23 सितंबर को एक मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई एसबीआई हेड ऑफिस से मनीष कुमार होना बताया।
उसने बोला लंबे समय से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है। इसी वजह से 6900 रुपये पेनाल्टी लगी है। इसे जमा करना होगा। उसने फोन करने वाले को क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए कहा। कार्ड बंद करने के लिए उससे गूगल पर एक पेज खुलवाया।
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ओटीपी का मैसेज भेजकर बताने को कहा। धोखाधड़ी का शक होने पर ओटीपी बताने से मना कर दिया। इसके बाद फोन करने वाले ने एक एप डाउनलोड कराया। एप पर भेजे नंबर को शेयर किया। फोन करने वाले उसके क्रेडिट कार्ड से कई जगहों पर लेनदेन किया।
उसने एसबीआई के एप पर क्रेडिट रकम देखी तो व शून्य थी। करीब 2.09 लाख रुपये का कार्ड से लेनदेन हुआ था। उसने बताया कि कार्ड क्लोन कर लिया है। दो से तीन दिन बाद कार्ड बंद हो जाएगा। इसके बाद उसे 26 सितंबर को दोबारा फोन आया।
क्रेडिट कार्ड बंद नहीं होने के बारे में बताया। आईबीडीआई बैंक खाते 35000 रुपये के लेनदेन का मैसेज आया। इस पर उसे शक हुआ। शिक्षक ने साइबर सेल में शिकायत की। इसके बाद एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जरिये गए 22, 500 की रकम वापस आई।
एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 1.86 लाख रुपये और आईडीबीआई खाते से 35000 रुपये पार किए गए हैं। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के शकुन नगर निवासी बृजेश सिंह कश्यप हथगाम ब्लॉक में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर 23 सितंबर को एक मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई एसबीआई हेड ऑफिस से मनीष कुमार होना बताया।
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उसने बोला लंबे समय से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है। इसी वजह से 6900 रुपये पेनाल्टी लगी है। इसे जमा करना होगा। उसने फोन करने वाले को क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए कहा। कार्ड बंद करने के लिए उससे गूगल पर एक पेज खुलवाया।
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ओटीपी का मैसेज भेजकर बताने को कहा। धोखाधड़ी का शक होने पर ओटीपी बताने से मना कर दिया। इसके बाद फोन करने वाले ने एक एप डाउनलोड कराया। एप पर भेजे नंबर को शेयर किया। फोन करने वाले उसके क्रेडिट कार्ड से कई जगहों पर लेनदेन किया।
उसने एसबीआई के एप पर क्रेडिट रकम देखी तो व शून्य थी। करीब 2.09 लाख रुपये का कार्ड से लेनदेन हुआ था। उसने बताया कि कार्ड क्लोन कर लिया है। दो से तीन दिन बाद कार्ड बंद हो जाएगा। इसके बाद उसे 26 सितंबर को दोबारा फोन आया।
क्रेडिट कार्ड बंद नहीं होने के बारे में बताया। आईबीडीआई बैंक खाते 35000 रुपये के लेनदेन का मैसेज आया। इस पर उसे शक हुआ। शिक्षक ने साइबर सेल में शिकायत की। इसके बाद एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जरिये गए 22, 500 की रकम वापस आई।
एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 1.86 लाख रुपये और आईडीबीआई खाते से 35000 रुपये पार किए गए हैं। कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है।