{"_id":"636d3f72da9c571f55152122","slug":"civic-fatehpur-news-knp727639446","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहपुरः हादसे रोकने के बंदोबस्त फाइलों में, जा रही जानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहपुरः हादसे रोकने के बंदोबस्त फाइलों में, जा रही जानें
विज्ञापन
दुर्घटना बहुल्य क्षेत्र चंदीपुर चौराहा। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। यातायात माह लोगों को जागरूक करने तक ही सीमित है। हादसों पर अंकुश के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हादसे रोकने के बंदोबस्त फाइलों में बंद है। यही कारण है कि हादसों में औसतन हर रोज एक व्यक्ति की मौत हो रही है। यह आंकड़ा पिछले पांच साल से बरकरार है।
डीएम के निर्देश के डेढ़ माह बाद भी हालातों में सुधार नहीं आ सका है। दुर्घटना बहुल स्थानों पर स्पीड ब्रेकर व संकेतांक के इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। डीएम श्रुति ने 23 सितंबर को बैठक में पीएनसी, एनचआई, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को एक माह का समय सुगम यातायात के बंदोबस्त के लिए दिया था। समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हैं।
प्रयागराज से शहर के अंदर प्रवेश करने में पड़ने वाला लोधीगंज दुर्घटना बहुल स्थान हैं। यहां एनचआएआई को ब्रेकर व संकेतांक लगाने के निर्देश दिए गए थे। फिर भी स्थिति में सुुधार नहीं आ सका है। हुसैनगंज-लखनऊ हाईवे पर सहनीपुर चौराहे पर यातायात संकेतांक बोर्ड क्षतिग्रस्त है। इसी मार्ग पर दुर्घटना बहुल क्षेत्र चंदीपुर और सात मील से भी संकेतांक नहीं हैं। हुसैनगंज से भी संकेतांक गायब है।
विज्ञापन
बहुआ संवाद के मुताबिक बांदा-बहुआ हाईवे पर खटौली गांव में जर्जर सड़क, घनी आबादी की वजह से स्पीड ब्रेकर व संकेतांक होने चाहिए। इसी हाईवे पर दतौली के पास दुर्घटना बहुल क्षेत्र है। यहां भी हादसे रोकने के बंदोबस्त नहीं हैं। बहुआ कस्बा, मूसेपुर, जिवकरा, घघौरा, सिधांव, मुत्तौर के कोर्रा कनक दुर्घटना बहुल इलाके से संकेतांक और स्पीड ब्रेकर नहीं है। हालांकि कुछ जगहों पर कार्यदायी संस्थाओं ने गड्ढों की पुराई की है।
ब्लैक स्पॉट को लेकर एएनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों की पुन: समीक्षा की जाएगी। जरूरी काम पूरे नहीं हुए तो संबंधित विभागाध्यक्षों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
- श्रुति, जिलाधिकारी
विज्ञापन
डीएम के निर्देश के डेढ़ माह बाद भी हालातों में सुधार नहीं आ सका है। दुर्घटना बहुल स्थानों पर स्पीड ब्रेकर व संकेतांक के इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। डीएम श्रुति ने 23 सितंबर को बैठक में पीएनसी, एनचआई, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को एक माह का समय सुगम यातायात के बंदोबस्त के लिए दिया था। समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हैं।
विज्ञापन
प्रयागराज से शहर के अंदर प्रवेश करने में पड़ने वाला लोधीगंज दुर्घटना बहुल स्थान हैं। यहां एनचआएआई को ब्रेकर व संकेतांक लगाने के निर्देश दिए गए थे। फिर भी स्थिति में सुुधार नहीं आ सका है। हुसैनगंज-लखनऊ हाईवे पर सहनीपुर चौराहे पर यातायात संकेतांक बोर्ड क्षतिग्रस्त है। इसी मार्ग पर दुर्घटना बहुल क्षेत्र चंदीपुर और सात मील से भी संकेतांक नहीं हैं। हुसैनगंज से भी संकेतांक गायब है।
विज्ञापन
बहुआ संवाद के मुताबिक बांदा-बहुआ हाईवे पर खटौली गांव में जर्जर सड़क, घनी आबादी की वजह से स्पीड ब्रेकर व संकेतांक होने चाहिए। इसी हाईवे पर दतौली के पास दुर्घटना बहुल क्षेत्र है। यहां भी हादसे रोकने के बंदोबस्त नहीं हैं। बहुआ कस्बा, मूसेपुर, जिवकरा, घघौरा, सिधांव, मुत्तौर के कोर्रा कनक दुर्घटना बहुल इलाके से संकेतांक और स्पीड ब्रेकर नहीं है। हालांकि कुछ जगहों पर कार्यदायी संस्थाओं ने गड्ढों की पुराई की है।
ब्लैक स्पॉट को लेकर एएनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह में ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों की पुन: समीक्षा की जाएगी। जरूरी काम पूरे नहीं हुए तो संबंधित विभागाध्यक्षों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
- श्रुति, जिलाधिकारी