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फतेहपुरः हजारों का नुकसान, मुआवजा 16 रुपये
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फतेहपुर। धान की फसलों के नुकसान का मुआवजा देने में किसानों के साथ मजाक किया गया है। हजारों रुपये के नुकसान के बदले किसी किसान को 16 तो किसी को 22 रुपये थमाए गए हैं। कई किसानों को तो क्लेम ही नहीं दिया गया है।
पिछले साल खरीफ फसल में 51 हजार 431 किसानों से चार करोड़ 93 लाख रुपये 87 हजार रुपये जमा कराए थे। सितंबर व अक्तूबर में जोरदार बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हुआ। बीमा कंपनी के सर्वे में 48 किसान ऐसे आए, जिनका नुकसान तो हुआ है पर 100 रुपये भी क्लेम नहीं बना। किसी को 87 तो किसी को 16 रुपये का ही नुकसान बताया गया। बीमा कंपनी ने इन किसानों के खाते में क्लेम की धनराशि भेज दी है।
खजुहा ब्लाक के अमेना निवासी राकेश कुमार के धान की फसल का बीमा किया गया था, लेकिन बीमा कंपनी ने जांच में डेढ़ बिस्वा में धान की फसल नुकसान होने की रिपोर्ट बनाई और खाते में 16 रुपये भेज दिए। उन्हें एक किलो धान की भी कीमत नहीं मिली है। बहुआ ब्लाक के लदिगवां के शिवशरन के धान की फसल का बीमा किया गया था। साढ़े चार बिस्वा धान की फसल में नुकसान होना पाया गया। 22 रुपये बचत खाता में मुआवजा की धनराशि भेजी जा चुकी है। बहुआ ब्लाक के डुंडरा गांव निवासी सुभाष के धान की फसल का बीमा किया गया था। बीमा कंपनी ने नुकसान की रिपोर्ट बनाकर 31 रुपये खाते में भेजे हैं। बहुआ ब्लाक के ही लदिगवां निवासी रामभवन को 48 रुपये मुआवजा दिया गया है।
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फसल नुकसान का क्लेम बीमा कंपनी की ओर से बनाया जाता है। फिर सूची कृषि विभाग को दी जाती है। किसानों को क्लेम दिलाने का अधिकार हम लोगों के पास नहीं है।
- राममिलन सिंह परिहार, उप कृषि निदेशक
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पिछले साल खरीफ फसल में 51 हजार 431 किसानों से चार करोड़ 93 लाख रुपये 87 हजार रुपये जमा कराए थे। सितंबर व अक्तूबर में जोरदार बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हुआ। बीमा कंपनी के सर्वे में 48 किसान ऐसे आए, जिनका नुकसान तो हुआ है पर 100 रुपये भी क्लेम नहीं बना। किसी को 87 तो किसी को 16 रुपये का ही नुकसान बताया गया। बीमा कंपनी ने इन किसानों के खाते में क्लेम की धनराशि भेज दी है।
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खजुहा ब्लाक के अमेना निवासी राकेश कुमार के धान की फसल का बीमा किया गया था, लेकिन बीमा कंपनी ने जांच में डेढ़ बिस्वा में धान की फसल नुकसान होने की रिपोर्ट बनाई और खाते में 16 रुपये भेज दिए। उन्हें एक किलो धान की भी कीमत नहीं मिली है। बहुआ ब्लाक के लदिगवां के शिवशरन के धान की फसल का बीमा किया गया था। साढ़े चार बिस्वा धान की फसल में नुकसान होना पाया गया। 22 रुपये बचत खाता में मुआवजा की धनराशि भेजी जा चुकी है। बहुआ ब्लाक के डुंडरा गांव निवासी सुभाष के धान की फसल का बीमा किया गया था। बीमा कंपनी ने नुकसान की रिपोर्ट बनाकर 31 रुपये खाते में भेजे हैं। बहुआ ब्लाक के ही लदिगवां निवासी रामभवन को 48 रुपये मुआवजा दिया गया है।
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फसल नुकसान का क्लेम बीमा कंपनी की ओर से बनाया जाता है। फिर सूची कृषि विभाग को दी जाती है। किसानों को क्लेम दिलाने का अधिकार हम लोगों के पास नहीं है।
- राममिलन सिंह परिहार, उप कृषि निदेशक