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फतेहपुरः मवेशियों ने चट कर दी फसल, नाराज किसानों का हंगामा
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ग्रामीणों से बात करते तहसीलदार। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
विजयीपुर। हरदासपुर गढ़ा में बनी कान्हा कालिन्दी गोशाला से 300 मवेशियों ने बाहर निकल कर फसल को नुकसान पहुंचाया। इससे नाराज किसानों ने हंगामा किया। तहसीलदार इवेंद्र सिंह ने गोशाला की बाउंड्रीवाल बनवाने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
सुबह पांच बजे मवेशी गोशाला से बाहर निकले और फसलों पर टूट पडे़। किसानों ने मवेशियों को घेरकर बाग में कर दिया। इसके बाद हंगामा करने लगे। प्रधान ननबुद्दी देवी ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। छह घंटे बाद दोपहर 12 बजे तहसीलदार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि गोशाला के चारों ओर दीवार तक नहीं है। मवेशी गड्ढों व तार को लांघ जाते हैं। ग्रामीणों ने पक्की दीवार निर्माण की मांग रखी। मवेशियों के चारे की व्यवस्था करने की मांग उठाई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही गोशाला का विस्तार कर जरूरी संसाधन जुटाए जाएंगे। दो बजे खंड विकास अधिकारी विजयीपुर गिरिजा पांडेय मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही बाउंड्री का निर्माण करा दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
कालिन्दी कान्हा गोशाला में बमुश्किल एक या दो दिनों के लिए भूसे की व्यवस्था है। ग्रामीणों का कहना है कि चारे की व्यवस्था न होने से मवेशी भूख की वजह से बाहर निकल आते है और फसलों को नुकसान पहुंचाते है।
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कालिन्दी कान्हा गोशाला में पिछले पांच महीने के अंदर 60 मवेशियों की मौत हो चुकी है। यहां अप्रैल में 30, मई में 15 और जून में आठ व जुलाई में चार और अगस्त में अब तक पांच मवेशियों की मौत हो चुकी है। यह आंकडे़ बाकायदा गोशाला के अभिलेख में दर्ज हैं। ग्रामीणों के अनुसार हर महीने 30 से 40 मवेशी भूख व बीमारी के कारण दम तोड़ रहे हैं।
गोशाला में रोजाना मवेशियों की संख्या घटती-बढ़ती है। इस कारण सही तरीके से चारे की व्यवस्था नहीं हो पाती है। 22 अगस्त को पांच सौ मवेशी थे, लेकिन 23 अगस्त की सुबह केवल दो सौ मवेशी गिनती में पाए गए। अफसरों ने कहा कि मवेशी गोशाला के नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि जब गोशाला के मवेशी नहीं है तो एक दिन पहले जो मवेशी थे वह कहां गए। इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके।
जल्द ही गोशाला की बाउंड्री का निर्माण शुरू कराया जाएगा। फिलहाल मवेशियों के चारे का प्रबंध है। भूख से मवेशियों के मरने की बात गलत है।
- गिरिजा पांडेय, बीडीओ विजयीपुर
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सुबह पांच बजे मवेशी गोशाला से बाहर निकले और फसलों पर टूट पडे़। किसानों ने मवेशियों को घेरकर बाग में कर दिया। इसके बाद हंगामा करने लगे। प्रधान ननबुद्दी देवी ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। छह घंटे बाद दोपहर 12 बजे तहसीलदार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि गोशाला के चारों ओर दीवार तक नहीं है। मवेशी गड्ढों व तार को लांघ जाते हैं। ग्रामीणों ने पक्की दीवार निर्माण की मांग रखी। मवेशियों के चारे की व्यवस्था करने की मांग उठाई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही गोशाला का विस्तार कर जरूरी संसाधन जुटाए जाएंगे। दो बजे खंड विकास अधिकारी विजयीपुर गिरिजा पांडेय मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही बाउंड्री का निर्माण करा दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
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कालिन्दी कान्हा गोशाला में बमुश्किल एक या दो दिनों के लिए भूसे की व्यवस्था है। ग्रामीणों का कहना है कि चारे की व्यवस्था न होने से मवेशी भूख की वजह से बाहर निकल आते है और फसलों को नुकसान पहुंचाते है।
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कालिन्दी कान्हा गोशाला में पिछले पांच महीने के अंदर 60 मवेशियों की मौत हो चुकी है। यहां अप्रैल में 30, मई में 15 और जून में आठ व जुलाई में चार और अगस्त में अब तक पांच मवेशियों की मौत हो चुकी है। यह आंकडे़ बाकायदा गोशाला के अभिलेख में दर्ज हैं। ग्रामीणों के अनुसार हर महीने 30 से 40 मवेशी भूख व बीमारी के कारण दम तोड़ रहे हैं।
गोशाला में रोजाना मवेशियों की संख्या घटती-बढ़ती है। इस कारण सही तरीके से चारे की व्यवस्था नहीं हो पाती है। 22 अगस्त को पांच सौ मवेशी थे, लेकिन 23 अगस्त की सुबह केवल दो सौ मवेशी गिनती में पाए गए। अफसरों ने कहा कि मवेशी गोशाला के नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि जब गोशाला के मवेशी नहीं है तो एक दिन पहले जो मवेशी थे वह कहां गए। इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके।
जल्द ही गोशाला की बाउंड्री का निर्माण शुरू कराया जाएगा। फिलहाल मवेशियों के चारे का प्रबंध है। भूख से मवेशियों के मरने की बात गलत है।
- गिरिजा पांडेय, बीडीओ विजयीपुर