{"_id":"5fd8f34a8ebc3e3eb10b59bd","slug":"character-certificate-of-former-co-operative-chairman-revoked-fatehpur-news-knp6001033115","type":"story","status":"publish","title_hn":"खास खबर:- पूर्व कॉपरेटिव चेयरमैन का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खास खबर:- पूर्व कॉपरेटिव चेयरमैन का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त
विज्ञापन
फतेहपुर। पूर्व कॉपरेटिव चेयरमैन और मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष के जेठ उदय प्रताप उर्फ मुन्ना सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई लखनऊ जिलाधिकारी ने की है।
राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह ने मुन्ना सिंह की शिकायत शासन में की थी। राज्यमंत्री ने आरोप लगाया था, मुन्ना सिंह ने फतेहपुर जिले का अपना आपराधिक इतिहास छिपाकर लखनऊ के पते से चरित्र प्रमाण पत्र बनवा लिया है। इसी चरित्र प्रमाण पत्र के आधार पर मुन्ना सिंह ने फतेहपुर के गढ़ा में मौरंग खदान का पट्टा ले लिया।
इस हाईप्रोफाइल मामले की खबरें अमर उजाला में 10, 11 और 12 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की गईं थीं। राज्यमंत्री की शिकायत पर लखनऊ जिलाधिकारी ने फतेहपुर डीएम को पत्र लिखकर मुन्ना सिंह के आपराधिक मामलों की रिपोर्ट मांगी थी। यहां के डीएम संजीव सिंह ने पूर्व पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा से प्रकरण की जांच कराई थी।
विज्ञापन
अब इस मामले में जिलाधिकारी लखनऊ ने यह लिखते हुए मुन्ना सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है कि मुन्ना सिंह ने अपने खागा के पते को छिपाकर तथ्य छिपाए हैं। चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त होते ही खागा तहसील के कोट के तकरीबन 25 हेक्टेयर के मौरंग पट्टे को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह हाईप्रोफाइल प्रकरण पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- जिलाधिकारी लखनऊ कार्यालय से उदय प्रताप सिंह के चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। नियमत: कार्रवाई की जा रही है। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी फतेहपुर।
- जिस चरित्र प्रमाण पत्र के सहारे खदान का पट्टा प्राप्त किया गया था, उसके निरस्त होने का पत्र प्राप्त हुआ है। इसी आधार पर मौरंग खदान पट्टा निरस्त किया जा रहा है। पट्टे के जमा की गई पौने दो करोड़ की धनराशि भी जब्त की जा रही है। - मिथलेश पांडेय, निवर्तमान खनन अधिकारी
विज्ञापन
राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह ने मुन्ना सिंह की शिकायत शासन में की थी। राज्यमंत्री ने आरोप लगाया था, मुन्ना सिंह ने फतेहपुर जिले का अपना आपराधिक इतिहास छिपाकर लखनऊ के पते से चरित्र प्रमाण पत्र बनवा लिया है। इसी चरित्र प्रमाण पत्र के आधार पर मुन्ना सिंह ने फतेहपुर के गढ़ा में मौरंग खदान का पट्टा ले लिया।
विज्ञापन
इस हाईप्रोफाइल मामले की खबरें अमर उजाला में 10, 11 और 12 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की गईं थीं। राज्यमंत्री की शिकायत पर लखनऊ जिलाधिकारी ने फतेहपुर डीएम को पत्र लिखकर मुन्ना सिंह के आपराधिक मामलों की रिपोर्ट मांगी थी। यहां के डीएम संजीव सिंह ने पूर्व पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा से प्रकरण की जांच कराई थी।
विज्ञापन
अब इस मामले में जिलाधिकारी लखनऊ ने यह लिखते हुए मुन्ना सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है कि मुन्ना सिंह ने अपने खागा के पते को छिपाकर तथ्य छिपाए हैं। चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त होते ही खागा तहसील के कोट के तकरीबन 25 हेक्टेयर के मौरंग पट्टे को निरस्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह हाईप्रोफाइल प्रकरण पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- जिलाधिकारी लखनऊ कार्यालय से उदय प्रताप सिंह के चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए जाने की सूचना प्राप्त हुई है। नियमत: कार्रवाई की जा रही है। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी फतेहपुर।
- जिस चरित्र प्रमाण पत्र के सहारे खदान का पट्टा प्राप्त किया गया था, उसके निरस्त होने का पत्र प्राप्त हुआ है। इसी आधार पर मौरंग खदान पट्टा निरस्त किया जा रहा है। पट्टे के जमा की गई पौने दो करोड़ की धनराशि भी जब्त की जा रही है। - मिथलेश पांडेय, निवर्तमान खनन अधिकारी