{"_id":"5f4147608ebc3e3ce407b414","slug":"bharatiya-kisan-union-meeting-in-fatehpur-fatehpur-news-knp5782232196","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब भाकियू ने भी किया खाद की कालाबाजारी का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब भाकियू ने भी किया खाद की कालाबाजारी का विरोध
विज्ञापन
शाह क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी पर बैठक करते भाकियू के किसान
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर में भाकियू ने खाद की कालाबाजारी को लेकर बहुआ ब्लाक के डुंडरा गांव में किसान पंचायत की। इफ्को यूरिया में हुई कालाबाजारी और समितियों में तालाबंदी का विरोध किया गया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि सहकारी समितियों और प्राइवेट बिक्री केंद्रों पर अधिकारी अंकुश नहीं लगा रहे हैं। किसी बिक्री केंद्र में दो से तीन ट्रक खाद भेज दी जाती है, तो कहीं पर एक भी ट्रक नहीं भेजी जाती है। इसमें सुधार न हुआ तो अधिकारियों का घेराव कर किसान पंचायत की जाएगी।
बहुआ ब्लाक के डुंडरा (कंजनरपुरवा) गांव में भाकियू ने पंचायत की। पहले पंचायत भवन का शिलान्यास किया। फिर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने कहा कि रबी और खरीफ के सीजन में जब भी कालाबाजारी कराना होता है, तो पहले इफ्को की यूरिया में खेल किया जाता है। सरकारी खाद के गोदाम व समितियों में तालाबंदी करा दी जाती है यह कह कर कि जिले में इफ्को की यूरिया नहीं है।
विज्ञापन
इस बीच में प्राइवेट दुकानदार अधिक दाम पर खाद बेचते हैं और किसानों को ई-पॉस मशीन से बिक्री रसीद भी नहीं दी जाती है। किसानों की जरूरत के समय 10 से 15 दिन यूरिया की किल्लत हो गई तो दुकानदारों और अधिकारियों का पूरा खेल हो जाता है। इसी बीच में लाखों बोरी यूरिया 25 से 50 रुपये बोरी अधिक में बिक्री कर ली जाती है।
अधिकारियों और दुकानदारों के इस खेल को भाकियू खत्म करेगा। जिले में यूरिया की किल्लत खत्म न हुई तो जल्द ही जिला मुख्यालय में अधिकारियों का घेराव कर महापंचायत की जाएगी। इस मौके पर प्रीतम सिंह, दीपक गुप्ता, सोनू सिंह, गुड्डू लोधी मौजूद रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि सहकारी समितियों और प्राइवेट बिक्री केंद्रों पर अधिकारी अंकुश नहीं लगा रहे हैं। किसी बिक्री केंद्र में दो से तीन ट्रक खाद भेज दी जाती है, तो कहीं पर एक भी ट्रक नहीं भेजी जाती है। इसमें सुधार न हुआ तो अधिकारियों का घेराव कर किसान पंचायत की जाएगी।
विज्ञापन
बहुआ ब्लाक के डुंडरा (कंजनरपुरवा) गांव में भाकियू ने पंचायत की। पहले पंचायत भवन का शिलान्यास किया। फिर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने कहा कि रबी और खरीफ के सीजन में जब भी कालाबाजारी कराना होता है, तो पहले इफ्को की यूरिया में खेल किया जाता है। सरकारी खाद के गोदाम व समितियों में तालाबंदी करा दी जाती है यह कह कर कि जिले में इफ्को की यूरिया नहीं है।
विज्ञापन
इस बीच में प्राइवेट दुकानदार अधिक दाम पर खाद बेचते हैं और किसानों को ई-पॉस मशीन से बिक्री रसीद भी नहीं दी जाती है। किसानों की जरूरत के समय 10 से 15 दिन यूरिया की किल्लत हो गई तो दुकानदारों और अधिकारियों का पूरा खेल हो जाता है। इसी बीच में लाखों बोरी यूरिया 25 से 50 रुपये बोरी अधिक में बिक्री कर ली जाती है।
अधिकारियों और दुकानदारों के इस खेल को भाकियू खत्म करेगा। जिले में यूरिया की किल्लत खत्म न हुई तो जल्द ही जिला मुख्यालय में अधिकारियों का घेराव कर महापंचायत की जाएगी। इस मौके पर प्रीतम सिंह, दीपक गुप्ता, सोनू सिंह, गुड्डू लोधी मौजूद रहे।