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Fatehpur News: मनरेगा घोटाले में जेल गए बीडीओ को मिली जमानत

Thu, 05 Feb 2026 12:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 12:46 AM IST
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BDO jailed in MNREGA scam gets bail
फोटो-20-बीडीओ विश्वनाथ पाल। सोशल मीडिया
फतेहपुर। सरकंडी ग्राम सभा में मनरेगा घोटाले में जेल गए खजुहा ब्लॉक के बीडीओ विश्वनाथ पाल को अदालत ने जमानत दे दी है। 28 जनवरी को मनरेगा मजदूरी में 55 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किए गए बीडीओ को जमानत पत्र भराए जाने के बाद देर शाम रिहा कर दिया गया।
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बीडीओ विश्वनाथ पाल असोथर ब्लॉक में तैनाती के दौरान हुए घोटाले की जांच में मुख्य आरोपी बने थे। गिरफ्तारी उनके खजुहा कार्यालय से 28 जुलाई को की गई थी। 30 जनवरी को एसीजेएम की अदालत में उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद परिजनों और पीडीएस संवर्ग के अधिकारियों की पैरवी के बाद अधिवक्ताओं ने जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की।
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सुनवाई बुधवार को हुई और कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये के जमानत बंध पत्र पर जमानत मंजूर की। शासन ने सरकंडी में हुए 55 लाख रुपये के मनरेगा घोटाले में बीडीओ को शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी माना है। इससे पहले इसी मामले में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा प्रखंड के जेई नरेंद्र कुमार और प्रधान पुष्पा देवी को भी गिरफ्तार किया गया था। इन्हें कुछ दिन बाद कोर्ट ने जमानत दे दी थी।
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कोर्ट में पुलिस बीडीओ की भूमिका नहीं तय कर पाई



सरकंडी ग्राम सभा में घोटाले की जांच वर्ष 2023-24 की चल रही है। ब्लाॅक में बीडीओ पद पर विश्वनाथ पाल की तैनाती 2023 से 29 जनवरी 2025 तक तैनात थे। विवेचक का मानना है कि इनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ है। इसी वजह से बीडीओ को जिम्मेदार माना गया है। कोर्ट ने माना कि बीडीओ की भ्रष्टाचार में संलिप्तता को पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाई है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत स्वीकार की है।
















ये हुए ब्लॉक के अधिकारी नामजद







घोटाले में 10 अधिकारियों व कर्मचारियों पर वर्तमान बीडीओ राहुल मिश्रा की ओर भ्रष्टाचार की दो सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रकरण में तत्कालीन सेक्टर अधिकारी नरेंद्र गुप्ता, अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व वर्तमान सेक्टर अधिकारी अजय प्रताप सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी धर्मकीर्ति, वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्रनाथ, लेखाकार (प्रथम हस्ताक्षरकर्ता) सूर्य प्रकाश, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) नितिन श्रीवास्तव,पंचायक सहायक पूनम देवी, मनरेगा कंप्यूटर आपरेटर रामप्रकाश सिंह, मनरेगा कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश सिंह, एनआरएलएम कंप्यूटर ऑपरेटर शिवम के नामजद हैं। पूर्व बीडीओ विश्वनाथ पाल का नाम विवचेना के दौरान बढ़ा था। इनमें कुछ के हाईकोर्ट इलाहाबाद से गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे होना बताया जा रहा है।

फोटो-20-बीडीओ विश्वनाथ पाल। सोशल मीडिया

फोटो-20-बीडीओ विश्वनाथ पाल। सोशल मीडिया

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