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बारिश से और बढ़ी ठिठुरन
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रोडवेज बस स्टाप में ठंड से बचने के लिए शॉल ओढे बैठीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया है। मंगलवार को दिन भर रुक-रुक हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह भी हल्की बारिश होती रही। जिले में जगह-जगह अलाव जलते रहे। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बुधवार को धूप न निकलने से दिन भर लोग ठिठुरते नजर आए। सर्दी की वजह से लोग जैकेट, मफलर, टोपा आदि पहने नजर आए। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। सुबह आठ बजे के बाद बारिश की फुहार शुरू हो गई। बारिश से ठंड और गलन का असर बरकरार रहा। शाम होते ही गलन और बढ़ गई। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञ सचिन कुुमार शुक्ला ने बताया कि बारिश से अब ठंड का असर बढ़ेगा। गलन भी बढ़ेगी। रिमझिम बारिश से गेहूं, चना, मटर, सरसों सहित सभी फसलों को लाभ पहुंचेगा। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि इस बारिश से चना, मटर, सरसों को फायदा हुआ है। ज्यादा बारिश होती तो इन फसलों को नुकसान होता।
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बुधवार को धूप न निकलने से दिन भर लोग ठिठुरते नजर आए। सर्दी की वजह से लोग जैकेट, मफलर, टोपा आदि पहने नजर आए। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। सुबह आठ बजे के बाद बारिश की फुहार शुरू हो गई। बारिश से ठंड और गलन का असर बरकरार रहा। शाम होते ही गलन और बढ़ गई। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
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मौसम विशेषज्ञ सचिन कुुमार शुक्ला ने बताया कि बारिश से अब ठंड का असर बढ़ेगा। गलन भी बढ़ेगी। रिमझिम बारिश से गेहूं, चना, मटर, सरसों सहित सभी फसलों को लाभ पहुंचेगा। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि इस बारिश से चना, मटर, सरसों को फायदा हुआ है। ज्यादा बारिश होती तो इन फसलों को नुकसान होता।
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