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अन्ना मवेशियों क ा अभिशाप झेल रहे किसान

Tue, 13 Dec 2016 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Tue, 13 Dec 2016 12:45 AM IST
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Anna livestock farmers facing curse class
गहरौली में अन्ना मवेशियों से नष्ट मटर की फसल - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के गांवों में अन्ना जानवराें का कहर जारी है। बीते दो दिनों में रखवाली के बावजूद अकेले गहरौली गांव में 162 बीघे की फसल को अन्ना मवेशी चट कर गए। किसानों ने 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें ज्ञापन देकर इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराने की सोची है।
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। फिलहाल किसानों का मानना है कि यदि रात में मवेशियों को मंडियाें में बंद कराया जाए और दिन में छोड़ दिया जाए तो कुछ हद तक इस समस्या से निजात मिल सकती है। क्षेत्र के दर्जनों गांवाें के किसान पिछले कई वर्षों से मौसम की मार से जूझ रहे हैं। वहीं बीते वर्ष रही सही कसर सूखे ने पूरी कर दी। इससे तमाम किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। फसल बचाने के लिए दिन में महिलाआें व रात में पुरुषाें ी टोलियां बनाकर खेतो की रखवाली की जा रही है। लेकिन मवेशी मौक ा पाते ही खेत के खेत साफ कर रहे हैं।
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बीते दो दिनों में गांव के अलग-अलग हिस्सों में 162 बीघे की फसल अन्ना मवेशियों ने नष्ट कर दी है। खरेला निकास खदरा हार में रामसेवक माली का पांच बीघा मटर, प्रमोद तिवारी का सात बीघा अलसी व गेहूं, जुम्मन की आठ बीघा मसूर आनंद गुरुदेव की 14 बीघा की गेहूं व मसूर, संजय गुरुदेव की 22 बीघा की अरहर व मसूर, माधव राजपूत साढे तीन बीघा मटर, इंद्रजीत राजपूत आठ बीघा मटर की फसल अन्ना मवेशी खा गए। इसी प्रकार गहरौली हार में अरविंद द्विवेदी का 12 बीघा चना, शैलेंद्र द्विवेदी का 21 बीघे की मटर, कालीचरन चौरसिया की सात बीघा मसूर, सुनील द्विवेदी की आठ बीघा मसूर, जमील अहमद पांच बीघा मटर, बिजय त्रिपाठी की पांच बीघा की मसूर, उदित नारायन तिवारी की चार बीघे की मसूर सहित अन्य दर्जनों किसानों की खेत में खड़ी फसल को मवेशी चर गए। किसान उदित नारायन तिवारी ने बताया कि मसूर की फसल तो दोबारा नहीं पनप पाती है। अन्य फसलों में पनपने की आशा तो होती है पर मवेशियों के खुरों से कुचल जाने से पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। आनंद गुरुदेव ने कहा कि बीते वर्ष की तरह गांव स्थित मंडी में रात में जानवरों को बंद करा दिया जाए व दिन में छोड़ दिया जाए तो किसी हद तक इस समस्या से निजात मिल सकती है। समस्या से जूझ रहे किसानो ने मुख्यमंत्री के हमीरपुर आगमन पर उन्हें अवगत करा समाधान कराने की मांग करने की बात कही है।
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