फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Alumni concerned about the protests at the very school where they learned discipline.

Fatehpur News: जिस विद्यालय में सीखा अनुशासन, वहीं आंदोलनों से चिंतित पूर्व छात्र

Tue, 29 Sep 2026 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
Alumni concerned about the protests at the very school where they learned discipline.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

खागा। किशनपुर का सर्वोदय इंटर कॉलेज जिसने नब्बे के दशक में पढ़ाई और अनुशासन के लिए जिले में अपनी अलग पहचान बनाई थी। इसी संस्थान से पढ़कर निकली कई पीढ़ियों ने शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार को जीवन का हिस्सा बनाया। अब इसी विद्यालय में लगातार हो रहे छात्र आंदोलनों ने पूर्व छात्रों को चिंतित कर दिया है।
विद्यालय के पूर्व छात्रों का कहना है कि जिस संस्थान से उनकी यादें, शिक्षा और संस्कार जुड़े हैं, वहां बार-बार आंदोलन की स्थिति बनना चिंता का विषय है। उनका मानना है कि विद्यालय में सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं हैं तो उनका समाधान होना चाहिए, लेकिन इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, छात्र, अभिभावक और प्रशासन के बीच संवाद का रास्ता अपनाया जाना जरूरी है।
विज्ञापन

शिक्षक सौजन्य त्रिपाठी, महाराष्ट्र में बीएसएनएल के एजीएम अनुराग अग्रवाल, कवि एवं लेखक अमित त्रिपाठी, व्यवसायी आशीष त्रिपाठी, शिक्षक रवि प्रकाश सिंह, व्यवसायी आलोक शुक्ल (किशनपुर) और समाजसेवी जयकांत सिंह (एकडला) समेत पूर्व छात्रों ने विद्यालय के मौजूदा माहौल पर चिंता जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यादों से जुड़ा है विद्यालय, पहचान बचाए रखने की चिंता
पूर्व छात्रों ने कहा कि किसी विद्यालय की पहचान केवल उसके भवन और सुविधाओं से नहीं बनती। उसकी असली पहचान वहां होने वाली पढ़ाई, अनुशासन और विद्यार्थियों को मिलने वाले संस्कारों से होती है। इसलिए व्यवस्थागत कमियों का समाधान जरूरी होने के साथ यह भी जरूरी है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यालय का शैक्षिक माहौल कायम रहे।
शिक्षक एवं समाजसेवी सौजन्य त्रिपाठी ने कहा कि विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थियों के लिए सर्वोदय इंटर कॉलेज महज एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उनकी स्मृतियों और संस्कारों से जुड़ा स्थान है। समस्याओं का समाधान बातचीत और संवाद के जरिये किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यालय का अनुशासन भी बना रहे।
उन्होंने बताया कि विद्यालय के विकास और मौजूदा समस्याओं को लेकर वह पूर्व छात्रों के संपर्क में हैं। जल्द ही पूर्व छात्रों के साथ विद्यालय प्रशासन से मुलाकात कर समस्याओं और उनके समाधान पर बातचीत की जाएगी।

इंटरनेट मीडिया पर भी सामने आईं दो तरह की चिंताएं
दूसरे आंदोलन के बाद इंटरनेट मीडिया पर भी विद्यालय की स्थिति को लेकर बहस तेज हुई। कुछ लोगों ने जर्जर भवन और सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए छात्रों की मांगों को उचित बताया, जबकि कई लोगों ने लगातार होने वाले आंदोलनों से पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता जताई।
इंटरनेट मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी कहा कि विद्यालय की समस्याओं को दूर कराने के लिए प्रबंधन और प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से बात रखी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा रास्ता अपनाया जाए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय का शैक्षिक माहौल प्रभावित न हो। कुछ प्रतिक्रियाओं में विद्यालय को राजनीति का अखाड़ा न बनाने की बात भी कही गई।


शनिवार की बैठक पर टिकीं निगाहें
विद्यालय की लंबित मांगों को लेकर शनिवार को प्रबंधन की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में छात्रों की मांगों और विद्यालय की व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। एक ओर मौजूदा छात्र अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए हैं, तो दूसरी ओर पूर्व छात्र उस विद्यालय की पुरानी पहचान और शैक्षिक माहौल को लेकर चिंतित हैं, जिससे उनकी अपनी जिंदगी की यादें जुड़ी हैं। ऐसे में शनिवार की बैठक को इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed