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क्रय एजेंसियों पर धान किसानों का 42 करोड़ फंसा
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फतेहपुर। धान की खरीद लक्ष्य से तो अधिक हो चुकी है, लेकिन किसान भुगतान के लिए भटक रहे हैं। एजेंसियों को धान बेचने वाले किसानों का करीब 42 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान फंसा है। वैसे तो धान खरीद करने वाली किसी भी संस्था का शत प्रतिशत भुगतान नहीं है।
अब ज्यादातर क्रय केंद्रों मेें खरीद भी बंद हो चुकी है। जिन किसानों के धान की तौल नहीं हुई है, वह अपने धान को गल्ला आढ़तियों और राइस मिलों को भेज रहे हैं। इस समय सिर्फ विपणन शाखा के क्रय केंद्रों में धान की तौल चल रही है।
वर्ष 2021 में शासन से जिले को एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य हासिल करने के लिए जिले में 81 क्रय केंद्र खोले गए थे। 15 अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 25790 किसानों से एक लाख 47 हजार 307 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जो शासन से मिले लक्ष्य से अधिक है। इसमें 3600 किसान ऐसे हैं, जिनका भुगतान अभी तक नहीं हो सका है।
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सभी क्रय एजेंसियों ने जो लक्ष्य मिला है, उससे ज्यादा खरीद तो कर ली है। अब किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है। क्रय केंद्र में धान बेचने के बाद महीना भर बीत गए हैं, लेकिन किसानों के खाता में रुपये नहीं आए हैं। जबकि शासन से 72 घंटे में किसानों के खाता में रुपये भेजने का दावा किया जाता है।
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अब ज्यादातर क्रय केंद्रों मेें खरीद भी बंद हो चुकी है। जिन किसानों के धान की तौल नहीं हुई है, वह अपने धान को गल्ला आढ़तियों और राइस मिलों को भेज रहे हैं। इस समय सिर्फ विपणन शाखा के क्रय केंद्रों में धान की तौल चल रही है।
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वर्ष 2021 में शासन से जिले को एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य हासिल करने के लिए जिले में 81 क्रय केंद्र खोले गए थे। 15 अक्तूबर से शुरू हुई धान खरीद 25790 किसानों से एक लाख 47 हजार 307 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जो शासन से मिले लक्ष्य से अधिक है। इसमें 3600 किसान ऐसे हैं, जिनका भुगतान अभी तक नहीं हो सका है।
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सभी क्रय एजेंसियों ने जो लक्ष्य मिला है, उससे ज्यादा खरीद तो कर ली है। अब किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है। क्रय केंद्र में धान बेचने के बाद महीना भर बीत गए हैं, लेकिन किसानों के खाता में रुपये नहीं आए हैं। जबकि शासन से 72 घंटे में किसानों के खाता में रुपये भेजने का दावा किया जाता है।