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मारपीट के बाद महिला ने दुकान के फर्नीचर में लगाई आग
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फतेहपुर। शहर के कलक्टरगंज में महिलाओं के बीच प्रापर्टी के पुराने विवाद में बुधवार को मारपीट हो गई। झगड़े के बाद नाराज महिला ने परिवार की फर्नीचर की दुकान के बाहर रखे सामान में आग लगा दी। आग धू-धू कर जलने से बाजार में हड़कंप मच गया। पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई।
कलक्टरगंज निवासी मरहूम फारूख के तीन बेटे मोहम्मद आसिफ, कैसर, इरशाद थे। मोहम्मद आसिफ की करीब छह साल पहले मौत हो गई थी। आसिफ दूसरे संप्रदाय की लड़की मीना कुमारी से शादी करने के बाद बाहर रहता था। उसकी मौत के बाद मीना तीन बेटियों को लेकर घर लौट आई। यहां ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे स्वीकार नहीं किया। किसी तरह से घर में खाली जगह पर छप्पर डालकर बेटियों के साथ रहती है। अक्सर पक्षों के बीच प्रापर्टी के बंटवारे को लेकर विवाद होता है। रोड पर कैसर और इरशाद की फर्नीचर की दुकान है। मीना का बुधवार दोपहर करीब तीन बजे कैसर, इरशाद की पत्नियों से विवाद हो गया।
इसमें उसकी पिटाई हो गई। गुस्से में वह दुकानों पर पहुंच गई। माचिस से गद्दे में आग लगा दी। दुकान के बाहर रखे कूलर, रजाई, सोफे, कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया। यह सब कैसर और इरशाद देख वीडियो बनाने लगे। इलाकाई लोगों की भीड़ जमा हो गई। उनका कहना है कि वह लोग मीना से भाई की शादी के बारे में नहीं जानते हैं। उसके पास भाई से शादी का कोई सबूत नहीं है। इसी वजह से परिवार ने स्वीकार नहीं किया था। बड़े भाई को अब्बू ने सालों पहले जायदाद से बेदखल कर दिया था। उधर, मीना ने बताया कि करीब सात साल से पति की मौत के बाद छप्पर डालकर रहती है।
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वह हिस्से की मांग कर रही है। उसे पानी, शौचालय, बिजली कनेक्शन तक नहीं परिवार के लोग लेने देते है। उसके हर काम में बाधा पैदा करते हैं। जिससे परेशान हो गई है। उसके साथ मारपीट की गई तभी गुस्से में ऐसा कदम उठाया है। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कलक्टरगंज निवासी मरहूम फारूख के तीन बेटे मोहम्मद आसिफ, कैसर, इरशाद थे। मोहम्मद आसिफ की करीब छह साल पहले मौत हो गई थी। आसिफ दूसरे संप्रदाय की लड़की मीना कुमारी से शादी करने के बाद बाहर रहता था। उसकी मौत के बाद मीना तीन बेटियों को लेकर घर लौट आई। यहां ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे स्वीकार नहीं किया। किसी तरह से घर में खाली जगह पर छप्पर डालकर बेटियों के साथ रहती है। अक्सर पक्षों के बीच प्रापर्टी के बंटवारे को लेकर विवाद होता है। रोड पर कैसर और इरशाद की फर्नीचर की दुकान है। मीना का बुधवार दोपहर करीब तीन बजे कैसर, इरशाद की पत्नियों से विवाद हो गया।
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इसमें उसकी पिटाई हो गई। गुस्से में वह दुकानों पर पहुंच गई। माचिस से गद्दे में आग लगा दी। दुकान के बाहर रखे कूलर, रजाई, सोफे, कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया। यह सब कैसर और इरशाद देख वीडियो बनाने लगे। इलाकाई लोगों की भीड़ जमा हो गई। उनका कहना है कि वह लोग मीना से भाई की शादी के बारे में नहीं जानते हैं। उसके पास भाई से शादी का कोई सबूत नहीं है। इसी वजह से परिवार ने स्वीकार नहीं किया था। बड़े भाई को अब्बू ने सालों पहले जायदाद से बेदखल कर दिया था। उधर, मीना ने बताया कि करीब सात साल से पति की मौत के बाद छप्पर डालकर रहती है।
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वह हिस्से की मांग कर रही है। उसे पानी, शौचालय, बिजली कनेक्शन तक नहीं परिवार के लोग लेने देते है। उसके हर काम में बाधा पैदा करते हैं। जिससे परेशान हो गई है। उसके साथ मारपीट की गई तभी गुस्से में ऐसा कदम उठाया है। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।