फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Action of Kauhan mine limited to a fine of five lakhs

Fatehpur News: पांच लाख के जुर्माने पर सिमटी कौंहन खदान की कार्रवाई

Wed, 24 May 2023 11:29 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 May 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
Action of Kauhan mine limited to a fine of five lakhs
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फतेहपुर। रामनगर कौंहन मौरंग खंड में कमिश्नर और आईजी की छापेमारी के बाद बुधवार सुबह खनन क्षेत्र की पैमाइश कराई गई। पैमाइश में मौरंग खनन क्षेत्र से होना पाया गया। खदान में कैमरे और पानी से खनन की खामी पाई गई। इंदौर प्रापर्टी प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर को पांच लाख रुपये जुर्माने का चेतावनी नोटिस जारी किया गया है।
प्रयागराज मंडल कमिश्नर विजय विश्वास पंत और आईजी जोन चंद्र प्रकाश द्वितीय की त्रिस्तरीय टीमों ने मंगलवार शाम मौरंग खदान कौंहन, अढ़ावल खंड नौ, अढ़ावल खंड तीन और ओती में छापेमारी की थी। कमिश्नर और आईजी ने कौंहन मौरंग खंड में अनियमितताओं पर जांच के आदेश दिए थे। प्रयागराज क्षेत्रीय खनिज कार्यालय से सर्वेयर राधेश्याम तिवारी, खनिज अधिकारी राज रंजन, राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल की टीम बुधवार सुबह कौंहन पहुंची। टीम ने खनन क्षेत्र के नक्शे से पैमाइश की। करीब तीन घंटे तक पैमाइश चली। खदान में खनन क्षेत्र से बाहर खनन होना नहीं पाया। खनन स्थल पर सीमांकन के पिलर लगवाए गए। खनिज अधिकारी ने बताया कि मौके पर पीटीजेड सीसी कैमरे चालू हालत में नहीं पाए गए। पानी से खनन मिला है। पानी से खनन में फर्म पर पांच लाख का जुर्माना लगाकर नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन

चारों खदानों से मिले 31 ओवरलोड ट्रकों का चालान
छापेमारी के दौरान चारों मौरंग खंडों से चालक ट्रकों को छोड़कर भाग निकले थे। कौंहन खदान से सात ओवरलोड ट्रक मिले थे। इसके अलावा अढ़ावल खंड और ओती खंड से 31 ओवरलोड ट्रक मिले हैं। इन ट्रकों पर एआरटीओ और खनिज विभाग की ओर से चालान की कार्रवाई की गई है। एआरटीओ सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि जो भी ट्रक पकड़े गए हैं। उनका चालान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खदान में मिले ट्रकों की नहीं हुई थी तौल
खदान में मिले ओवरलोड ट्रकों की तौल (कांटा) नहीं हुई थी। माना जा रहा है कि खदान से मिले ट्रकों का कांटा नहीं होने के कारण जांच रिपोर्ट में खेल हो सकता है। कांटा होने पर ही खदान संचालक ओवरलोडिंग के जिम्मेदार होते। जांच रिपोर्ट अधिकारी ओवरलोडिंग पर कार्रवाई का दावा कर सकते हैं, लेकिन खदान संचालक की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है।

--------
ओवरलोड ट्रक एमपी, बांदा से आना बताकर पल्ला झाड़ते हैं अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। मौरंग खदानों से ओवरलोडिंग पर प्रशासन अंकुश लगाने का दावा करता है। कार्रवाई के दौरान ओवरलोड ट्रकों के पकड़े जाने पर अधिकारी एमपी और बांदा जिले की खदानों से लोडिंग बताकर अपना पल्ला झाड़ते हैं। पकड़े गए ट्रक किस खदान के हैं, इसका डाटा भी खनिज विभाग के पास नहीं है। हर ओवरलोड ट्रक के पकड़े जाने पर रायल्टी के अनुसार विभाग खदान संचालक पर जुर्माना लगाए तो ओवरलोडिंग बंद हो जाएगी। कमिश्नर की टीमों की औचक छापेमारी में जिले की खदानों से ओवरलोडिंग का खुलासा हुआ है। करीब 15 दिन पहले जिला खनिज अधिकारी ने जांच के दौरान अढ़ावल और ओती खंड में ओवरलोडिंग पर ट्रकों में कार्रवाई की थी। अढ़ावल के दोनों खंडों और ओती को ओवरलोडिंग पर नोटिस देकर जवाब मांगा। ओवरलोडिंग पर कहीं न कहीं कार्रवाई खनिज विभाग सिर्फ ट्रकों पर ही करता है। नियम के मुताबिक खनिज विभाग की कार्रवाई में पकड़े जाने वाले ओवरलोड ट्रक की रॉयल्टी चेक की जानी चाहिए। रॉयल्टी के अनुसार ट्रक में ओवरलोड मौरंग भरने वाली खदान संचालक फर्म पर प्रति ट्रक 25 हजार का जुर्माना लगाया जाना चाहिए। विभाग अक्सर जिले की खदानों के पकड़े जाने वाले ओवरलोड ट्रकों को एमपी, बांदा की खदानों से ओवरलोडिंग होना बताकर खदान संचालकों पर मेहरबान दिखाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed