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नए हाईवे के बंद होने से शहर रुट पर बढ़े हादसे
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फतेहपुर। सड़क हादसे में छात्रा की मौत के बाद ट्रक में आगजनी से सनसनी फैल गई। हादसे आए दिन हो रहे हैं। इसके पीछे एक वजह नए हाईवे मार्ग का बंद होना भी है। शहरी सड़कों से ओवरलोड वाहन अनियंत्रित रफ्तार से गुजर रहे हैं। न कोई रोकने वाला और न ही कोई टोकने वाला। पुलिस व एआरटीओ विभाग भी केवल औपचारिकता में लगी है।
मलाका गांव निवासी भेड़ पालक वासुदेव पाल की बेटी शीलू की शनिवार सुबह ट्रक से कुचल कर मौत हो गई। वह साइकिल से स्कूल जा रही थी। हादसे के पीछे कई वजह सामने आई है। पहली वजह नउवाबाग-शाह हाईवे का बना नया बाईपास मार्ग बंद होना है। शहरी सड़कों पर हाईवे के वाहन दौड़ रहे हैं। पिछले तीन महीने में इस रूट
पर करीब बीस लोगों की हादसे में मौत हो चुकी है। नए बाईपास को कुछ दिन ही चलाया गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त होने की वजह से बंद हो गया। लिहाजा बांदा-टांडा मार्ग पर चौबीस घंटे भारी वाहनों को एंट्री दी जाती है। यह मार्ग कई घनी आबादी से होकर गुजरता है। घटनास्थल में पुलिया के पास करीब छह माह से सूखे पेड़ दोनों
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तरफ पड़े हैं। उसका कोई रखरखाव नहीं हुआ। पेड़ होने से मार्ग में अतिक्रमण के हालात बन गए हैं। यह भी हादसे की एक वजह रहा। बहुुआ रोड पर सूखे पेड़ की डालें दोनों तरफ पड़ी हैं। भारी वाहनों से ओवरलोडिंग का
खेल चालू है। इस रूट पर कई इंटर कालेज पढ़ते हैं। बड़े हादसे होने का खतरा मंडराया रहता है। पुलिस और एआरटीओ विभाग इनकी धरपकड़ में केवल कागजी बनकर रह गया है। लोगों का आरोप है कि ओवरलोडिंग को
कमाई का जरिया मान लिया गया है। एआरटीओ एसके सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग की लगातार चेकिंग की जाती है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों के साथ ही ओवरलोडिंग पर अभियान चलाया जाता है।
ट्रक फूंकने वाले लोगों को चंद मिनट भी नहीं लगे। 100 नंबर की सूचना पर पीआरवी पहुंची थी लेकिन आगजनी करने वाले नहीं मिले। चौकी पुलिस लेटलतीफ रही। पीआरवी को भी ट्रक धू-धू कर जलता मिला। ट्रक
से करीब 25 मीटर दूर लोग खड़े दिखे। कोई भी आग लगाने वालों के बारे में कुछ नहीं बता सका। चौकी इंचार्ज हेमेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रक में आग लगाने वाले नए लड़के हो सकते हैं। हादसा देखकर आक्रोशित हो उठे। पहले भी वे हादसे से आहत हो सकते हैं।
छात्रा की मौत से उसकी मां शांति देवी और तीन बहनों का हाल बेहाल हो गया। छात्रा के दो भाई फूलचंद्र आईटीआई छात्र और बड़ा भाई रामचंद्र हैं। पिता भेड़ पालक हैं। रामचंद्र खेती करते हैं।
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मलाका गांव निवासी भेड़ पालक वासुदेव पाल की बेटी शीलू की शनिवार सुबह ट्रक से कुचल कर मौत हो गई। वह साइकिल से स्कूल जा रही थी। हादसे के पीछे कई वजह सामने आई है। पहली वजह नउवाबाग-शाह हाईवे का बना नया बाईपास मार्ग बंद होना है। शहरी सड़कों पर हाईवे के वाहन दौड़ रहे हैं। पिछले तीन महीने में इस रूट
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पर करीब बीस लोगों की हादसे में मौत हो चुकी है। नए बाईपास को कुछ दिन ही चलाया गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त होने की वजह से बंद हो गया। लिहाजा बांदा-टांडा मार्ग पर चौबीस घंटे भारी वाहनों को एंट्री दी जाती है। यह मार्ग कई घनी आबादी से होकर गुजरता है। घटनास्थल में पुलिया के पास करीब छह माह से सूखे पेड़ दोनों
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तरफ पड़े हैं। उसका कोई रखरखाव नहीं हुआ। पेड़ होने से मार्ग में अतिक्रमण के हालात बन गए हैं। यह भी हादसे की एक वजह रहा। बहुुआ रोड पर सूखे पेड़ की डालें दोनों तरफ पड़ी हैं। भारी वाहनों से ओवरलोडिंग का
खेल चालू है। इस रूट पर कई इंटर कालेज पढ़ते हैं। बड़े हादसे होने का खतरा मंडराया रहता है। पुलिस और एआरटीओ विभाग इनकी धरपकड़ में केवल कागजी बनकर रह गया है। लोगों का आरोप है कि ओवरलोडिंग को
कमाई का जरिया मान लिया गया है। एआरटीओ एसके सिंह ने बताया कि ओवरलोडिंग की लगातार चेकिंग की जाती है। कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों के साथ ही ओवरलोडिंग पर अभियान चलाया जाता है।
ट्रक फूंकने वाले लोगों को चंद मिनट भी नहीं लगे। 100 नंबर की सूचना पर पीआरवी पहुंची थी लेकिन आगजनी करने वाले नहीं मिले। चौकी पुलिस लेटलतीफ रही। पीआरवी को भी ट्रक धू-धू कर जलता मिला। ट्रक
से करीब 25 मीटर दूर लोग खड़े दिखे। कोई भी आग लगाने वालों के बारे में कुछ नहीं बता सका। चौकी इंचार्ज हेमेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रक में आग लगाने वाले नए लड़के हो सकते हैं। हादसा देखकर आक्रोशित हो उठे। पहले भी वे हादसे से आहत हो सकते हैं।
छात्रा की मौत से उसकी मां शांति देवी और तीन बहनों का हाल बेहाल हो गया। छात्रा के दो भाई फूलचंद्र आईटीआई छात्र और बड़ा भाई रामचंद्र हैं। पिता भेड़ पालक हैं। रामचंद्र खेती करते हैं।