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कच्चे घर पर गिरा पीपल का पेड़, युवक की मौत, दो घायल
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फतेहपुर/जोनिहां। आंधी के कारण विशालकाय पीपल का पेड़ एक कच्चे मकान पर गिर गया। पेड़ गिरने से पूरा घर ढह गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक महिला व उसकी सात वर्षीय बच्ची घायल हो गई। अन्य को पुलिस व ग्रामीणों ने मलबा हटाकर सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों का हालचाल लेने डीएम जिला अस्पताल पहुंचीं।
बिंदकी कोतवाली के गौरी गांव निवासी सुखराम (75), उनकी पत्नी रधिया (70), पुत्र राजू (45), राजू की पत्नी आशा (39), राजू के चार बेटे राहुल (20), रोहित (15), मोहित (12), सूरज (10), बेटी लक्ष्मी (16), सुखराम का दूसरा पुत्र रामू (36), उसकी पत्नी गीता (30) व सुखराम की बेटी महिमा (7) के साथ ही सुखराम का तीसरा बेटा राजकुमार (35) रविवार की रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे।
तड़के करीब तीन बजे आंधी आई और घर के बाहर लगा पीपल का विशालकाय पेड़ तेज आवाज के साथ सुखराम के घर पर आ गिरा। घर ध्वस्त हो गया और सभी लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार होने पर पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को खबर दी।
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थाना व चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसमें बड़े बेटे राजू, रामू की पत्नी गीता व उसकी बेटी महिमा को एंबुलेंस से नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां राजू को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि गीता व महिमा को सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
सुबह बिंदकी एसडीएम, बिंदकी कोतवाली पुलिस, लेखपाल आदि गौरी गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एसडीएम ने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, डीएम अपूर्वा दुबे जिला अस्पताल पहुंची और हादसे में घायल मां-बेटी व परिजनों से हालचाल लिए। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अन्य परिवारीजन मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं। घर गिरने से सुखराम की एक बकरी की भी मौत हो गई।
ससुराल में ही रहता था राजू, कुछ दिन पहले ही आया था
ग्रामीणों ने बताया कि सुखराम का बेटा राजू अपनी पत्नी आशा व पांच बच्चों के साथ ससुराल नरैचा गांव थाना जाफरगंज में रहता था। वह बीच-बीच में गांव आता रहता था। तीन-चार दिन पहले ही राजू, अपने परिवार के साथ गांव आया था और रविवार को हादसे में उसकी मौत हो गई।
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बिंदकी कोतवाली के गौरी गांव निवासी सुखराम (75), उनकी पत्नी रधिया (70), पुत्र राजू (45), राजू की पत्नी आशा (39), राजू के चार बेटे राहुल (20), रोहित (15), मोहित (12), सूरज (10), बेटी लक्ष्मी (16), सुखराम का दूसरा पुत्र रामू (36), उसकी पत्नी गीता (30) व सुखराम की बेटी महिमा (7) के साथ ही सुखराम का तीसरा बेटा राजकुमार (35) रविवार की रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे।
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तड़के करीब तीन बजे आंधी आई और घर के बाहर लगा पीपल का विशालकाय पेड़ तेज आवाज के साथ सुखराम के घर पर आ गिरा। घर ध्वस्त हो गया और सभी लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार होने पर पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और पुलिस को खबर दी।
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थाना व चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसमें बड़े बेटे राजू, रामू की पत्नी गीता व उसकी बेटी महिमा को एंबुलेंस से नजदीक के अस्पताल भेजा गया। जहां राजू को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि गीता व महिमा को सदर अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
सुबह बिंदकी एसडीएम, बिंदकी कोतवाली पुलिस, लेखपाल आदि गौरी गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एसडीएम ने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है। उधर, डीएम अपूर्वा दुबे जिला अस्पताल पहुंची और हादसे में घायल मां-बेटी व परिजनों से हालचाल लिए। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। अन्य परिवारीजन मामूली रूप से चुटहिल हुए हैं। घर गिरने से सुखराम की एक बकरी की भी मौत हो गई।
ससुराल में ही रहता था राजू, कुछ दिन पहले ही आया था
ग्रामीणों ने बताया कि सुखराम का बेटा राजू अपनी पत्नी आशा व पांच बच्चों के साथ ससुराल नरैचा गांव थाना जाफरगंज में रहता था। वह बीच-बीच में गांव आता रहता था। तीन-चार दिन पहले ही राजू, अपने परिवार के साथ गांव आया था और रविवार को हादसे में उसकी मौत हो गई।