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विवाहिता को जिंदा जलाने में पति समेत तीन को सजा
Fatehpur
Updated Tue, 09 Sep 2014 05:31 AM IST
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फतेहपुर। कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए हत्यारोपी पति को दस वर्ष की सजा और देवर व सास को सात सात वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक पर दस हजार रुपए अर्थ दंड भी लगाया है।
औंग थाने के औरेया खेड़ा गांव में 22 फरवरी 2011 को घटना को अंजाम दिया गया था। कल्यानपुर थाने के कोरसम गांव के नंदलाल यादव ने पुत्री गुड्डन की शादी राकेश यादव के साथ 28 सितंबर 2005 को सामर्थ्य के अनुसार दहेज देकर किया था। शादी के बाद ससुरालीजन मोटरसाइकिल और नगदी की मांग करने लगे। यही नहीं बहू को प्रताड़ित भी करते थे। इसके बाद ससुरालीजन विवाहिता को मायके छोड़ आए। जब लिवाने नहीं गए तो विवाहिता ने मायके पक्ष की मदद से ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर दिया जो लोअर कोर्ट में विचाराधीन है। इसकी जानकारी जब ससुरालीजनों को लगी तो वह पहुंचे और बहू को समझा बुझाकर 18 फरवरी 2011 को ससुराल लिवा लाए। इसके तीन दिन बाद ससुरालीजनों ने विवाहिता को जिंदा जला दिया। मृतका के पिता ने पति राकेश यादव, देवर जितेंद्र यादव और सास उमा देवी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सोमवार को कोर्ट नंबर एक अपर जिला जज संदीप जैन ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए गवाहों के बयान और सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की दलीलें सुनते हुए पति, सास व देवर को सजा सुनाई है।
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औंग थाने के औरेया खेड़ा गांव में 22 फरवरी 2011 को घटना को अंजाम दिया गया था। कल्यानपुर थाने के कोरसम गांव के नंदलाल यादव ने पुत्री गुड्डन की शादी राकेश यादव के साथ 28 सितंबर 2005 को सामर्थ्य के अनुसार दहेज देकर किया था। शादी के बाद ससुरालीजन मोटरसाइकिल और नगदी की मांग करने लगे। यही नहीं बहू को प्रताड़ित भी करते थे। इसके बाद ससुरालीजन विवाहिता को मायके छोड़ आए। जब लिवाने नहीं गए तो विवाहिता ने मायके पक्ष की मदद से ससुरालीजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर दिया जो लोअर कोर्ट में विचाराधीन है। इसकी जानकारी जब ससुरालीजनों को लगी तो वह पहुंचे और बहू को समझा बुझाकर 18 फरवरी 2011 को ससुराल लिवा लाए। इसके तीन दिन बाद ससुरालीजनों ने विवाहिता को जिंदा जला दिया। मृतका के पिता ने पति राकेश यादव, देवर जितेंद्र यादव और सास उमा देवी पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। सोमवार को कोर्ट नंबर एक अपर जिला जज संदीप जैन ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए गवाहों के बयान और सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की दलीलें सुनते हुए पति, सास व देवर को सजा सुनाई है।
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