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रोडवेज बस अड्डे में अव्यवस्थाओं से यात्री परेशान
Fatehpur
Updated Fri, 20 Jun 2014 05:32 AM IST
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फतेहपुर। जिले के बस अड्डे में सुविधाओं का टोटा है। थोड़ी सी बारिश होने पर बस अड़़्डा कीचड़ में तब्दील हो जाता है। रोजाना कोई न कोई बस कीचड़ में फंस जाती है। उसी कीचड़ के बीच यात्रियों को बस तक पहुंचना पड़ रहा है। जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न बिजली की समुचित व्यवस्था है और यहां लगा जनरेटर वर्षों से खराब है।
जिले का बस अड़़्डे की स्थिति बेहद खराब है। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है। जिससे संक्रामक बीमारी फैलने का डर है। बस अड्डे से 150 बसें रोजाना आती जाती है, जिसमें पुखरायां, बांदा, इलाहाबाद, कानपुर, इटावा, औरेया, कर्वी, लालगंज, लखनऊ, समेत तमाम रू ट शामिल है। बस अड़्डे से ही यात्रियों को बस पकड़ना पड़ता है लेकिन थोड़ी सी बारिश होने पर बस अड्डे की हकीकत सामने आ गई। पूरे मैदान में पानी और कीचड़ जमा हो गया है। इसी कीचड़ के बीच में सभी बसे खड़ी की जाती है। बस पकड़ते समय यात्रियों को कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। कई बार यात्री पैर फिसलने के कारण गिरकर चुटहिल हो चुके है। गुरूवार को चिलचिलाती धूप में दर्जनों यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। बैठने की जगह न होने पर कई यात्री इधर उधर टहलकर समय गुजार रहे थे। कई दिनों से छुट्टी पर चल रहे एआरएम जगदीश से जब इन अव्यवस्थाओं पर बात की गई तो कहा कि वह अभी छुट्टी पर चल रहे हैं। अव्यवस्थाओं समेत किसी भी मुद्दे पर कोई बात करने में अक्षम हैं।
इनसेट-
कीचड़ में बस फंसने से परेशान हुए कर्मी
बस अड्डे में कीचड़ होने के कारण बस फंस गई। उसे कीचड़ से निकालने के लिए काफी देर तक कर्मचारी जुटे रहे लेकिन बस के इंतजार में यात्रियों को घंटो परेशान होना पड़ा। काफी देर परेशान होने के बाद कर्मचारियों ने बस को कीचड़ से बाहर निकाला।
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इनसेट-
तीन वर्षो से खराब पड़ा है जनरेटर
ज्वालागंज स्थित बस स्टाप में बिजली की सुविधा के लिए लगाया गया जनरेटर ढाई वर्षो से खराब पड़ा है। जो आज तक नहीं बन सका है। इसके कारण बस अड्डे में जब तक बिजली है तब तक उजाला रहेगा। नहीं तो अंधेरा ही छाया रहता है। बिजली न होने के कारण पूछताछ आफिस में बैठना कर्मचारियों को मुश्किल हो रहा है।
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जिले का बस अड़़्डे की स्थिति बेहद खराब है। चारों ओर गंदगी का अंबार लगा है। जिससे संक्रामक बीमारी फैलने का डर है। बस अड्डे से 150 बसें रोजाना आती जाती है, जिसमें पुखरायां, बांदा, इलाहाबाद, कानपुर, इटावा, औरेया, कर्वी, लालगंज, लखनऊ, समेत तमाम रू ट शामिल है। बस अड़्डे से ही यात्रियों को बस पकड़ना पड़ता है लेकिन थोड़ी सी बारिश होने पर बस अड्डे की हकीकत सामने आ गई। पूरे मैदान में पानी और कीचड़ जमा हो गया है। इसी कीचड़ के बीच में सभी बसे खड़ी की जाती है। बस पकड़ते समय यात्रियों को कीचड़ से होकर जाना पड़ता है। कई बार यात्री पैर फिसलने के कारण गिरकर चुटहिल हो चुके है। गुरूवार को चिलचिलाती धूप में दर्जनों यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। बैठने की जगह न होने पर कई यात्री इधर उधर टहलकर समय गुजार रहे थे। कई दिनों से छुट्टी पर चल रहे एआरएम जगदीश से जब इन अव्यवस्थाओं पर बात की गई तो कहा कि वह अभी छुट्टी पर चल रहे हैं। अव्यवस्थाओं समेत किसी भी मुद्दे पर कोई बात करने में अक्षम हैं।
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इनसेट-
कीचड़ में बस फंसने से परेशान हुए कर्मी
बस अड्डे में कीचड़ होने के कारण बस फंस गई। उसे कीचड़ से निकालने के लिए काफी देर तक कर्मचारी जुटे रहे लेकिन बस के इंतजार में यात्रियों को घंटो परेशान होना पड़ा। काफी देर परेशान होने के बाद कर्मचारियों ने बस को कीचड़ से बाहर निकाला।
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तीन वर्षो से खराब पड़ा है जनरेटर
ज्वालागंज स्थित बस स्टाप में बिजली की सुविधा के लिए लगाया गया जनरेटर ढाई वर्षो से खराब पड़ा है। जो आज तक नहीं बन सका है। इसके कारण बस अड्डे में जब तक बिजली है तब तक उजाला रहेगा। नहीं तो अंधेरा ही छाया रहता है। बिजली न होने के कारण पूछताछ आफिस में बैठना कर्मचारियों को मुश्किल हो रहा है।