{"_id":"36-156323","slug":"Fatehpur-156323-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपोत्सव के पूर्व संसाधनों को जुटाने में छूट रहा पसीना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपोत्सव के पूर्व संसाधनों को जुटाने में छूट रहा पसीना
Fatehpur
Updated Fri, 25 Oct 2013 05:41 AM IST
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दीवाली सिर पर है इसके साथ ही उपभोक्ताओं के सामने मुश्किलें भी मुंहबाए खड़ी हैं। चाहे वह मिलावटी खाद्य पदार्थों के तौर पर या फिर रसोई गैस व अन्य जरूरी सामग्री की कालाबाजारी के रूप में। मिलावटखोर सक्रिय हैं। कालाबाजारी का दौर शुरू हो गया। इसके साथ ही बढ़ गई है प्रशासन की चुनौतियां। लाख टके का सवाल यह कि किस तरह निपटेगा प्रशासन, इसके लिए क्या है रणनीति। सवाल यह भी कि उपभोक्ता अपने आप को इन मुश्किलों से कैसे उबार सकता है जिससे कि त्योहारों का मजा फीका न पड़े। ऐसे तमाम बिंदुओं की पड़ताल हमने शुरू की है। जिसकी पहली किस्त आपकी नजर-
ट्रकों से उतरते ही फुर्र हो जा रहे सिलेंडर
फतेहपुर। एक तो दिवाली ऊपर से सहालग का मौसम। यह जुगलबंदी एलपीजी उपभोक्ता को तगड़ा झटका दे रही है। घर तक सिलेंडर पहुंचाने के एजेंसियों के दावें गोदाम के बाहर हवाई साबित हो रहे हैं। ट्रक से लोड उतरते ही सिलेंडर फुर्र हो रहे हैं। जिस तरह की स्थिति है उससे निकट भविष्य में सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ना तय है। लेकिन विभाग अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। रसोई गैस की किल्लत दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। शहर में मौजूद 40 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए अक्तूबर का दूसरा पखवारा बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। हर रोज की परिक्रमा के बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। गैस एजेंसियों मेें आने वाली सिलेंडरों की खेप गोदाम पहुंचने से पहले ही खत्म हो जा रही है। बुधवार को आईटीआई रोड व पचास नंबर रोड के नीचे स्थित गैस एजेंसी में उपभोक्ता हलाकान नजर आया। इन उपभोक्ता तमाम वह भी थे, जिन्होंने बीस दिन पहले बुकिंग करा रखी थी। नासिरपीर की रानी सुबह पांच बजे खाली सिलेंडर के साथ एजेंसी के बाहर जमा हो गई थी, लेकिन उन्हें दो घंटे की मशक्कत के बावजूद भरा सिलेंडर घर ले जाने का मौका नहीं दिया गया। रेल बाजार के अशोक कुमार कहते है कि वह दो दिन से लगातार लौट रहे हैं। एजेंसी वाले होम डिलीवरी देने से पीछे हट रहे है। देखा जाए तो सिलेंडरों को लेकर जो मारा-मारी है उससे होम डिलीवरी के बजाए एजेंसी के गोदाम पहुंचना ज्यादा बेहतर समझा।
होटलों, ढाबों में जल रहे घरेलू सिलेंडर
फतेहपुर। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर उतारे गए हैं। लेकिन बड़े पैमाने पर दुकानदार भी व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस्तेमाल कर रहे है। होटलों व ढाबों में एलपीजी सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक घरेलू रसोईयों में पहुंचने वाले सिलेंडरों का तीस फीसदी हिस्सा इन व्यावसायिक ठिकानों पर पहुंच रहा है।
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कालाबाजारी को डंप किए जा रहे सिलेंडर
जमाखोर त्योहार व सहालग को लेकर हर गाड़ी पर नजर रखते हैं। सूत्रों की माने तो मनचाहे दाम वसूलने के लिए सिलेंडर डंप किए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक आने वाली हर एक खेप से उतरने वाले सिलेंडरों में कम से कम दस फीसदी सिलेंडर डंप हो रहे हैं। ऐसे में भी सिलेंडर की किल्लत बरकरार है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
- घरेलू सिलेंडरों की किल्लत के मामले में विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर चुका है। एजेंसियों को नियम कायदे से सिलेंडर मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जमाखोरों से विभाग सख्ती से निपटेगा।
- देवमणि मिश्र, डीएसओ फतेहपुर
मिलावटखोरों का आया ‘मौसम’
- खाद्य पदार्थों में क्या खिला दें भरोसा नहीं
- डीएम के निर्देश शनिवार से चलेगा अभियान
फतेहपुर। जिले में मिलावट खोरी एक बड़ी समस्या है। समस्या यह भी कि विभाग द्वारा खानापूरी में चलाए जाने वाले अभियान में बड़ी मछलियां बाहर हो जाती हैं और कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं। छोटे कारोबारी/विक्रेता। जिनमें मिठाई, मावा, वनस्पति घी, सरसों का तेल, बेसन, दाल आदि प्रमुख है से जुड़े विक्रेता अहम हैं। इस बार जिलाधिकारी ने वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जो दो दिन बाद से प्रारंभ हो जाएगा और दीपावली तक निरंतर रहेगा। व्यापारियों के बढ़ते दबाव से निपटने के लिए अभियान के दौरान सुरक्षा बल की तैनाती टीम के साथ ही जाएगी। बताते हैं इसकी मांग विभाग द्वारा प्रशासन से की गई है। इसके अलावा अभियान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी लगाया जाएगा। इसमें उपजिलाधिकारी या डीएम की निर्देशानुसार तहसीलदार व कोई अन्य अफसर शामिल किया जा सकता है।
इंसेट-
मिलावटखोरी रोकने के लिए दीपावली में अभियान चलाया जाएगा। जिसकी रणनीति बन चुकी है। रही बात पक्षपात या सैंपलिंग में खानपूरी के आरोप की तो किसी का मुंह नहीं बंद किया जा सकता। शहर में जिन प्रतिष्ठानों को बचाने की बात कर रहे हैं उन सबके यहां से रक्षाबंधन के दौरान नमूने भरे गए। कुछ फेल भी हुए। दीपावली में भी सैंपल लिए जाएंगे। अभियान के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन प्रशासन ने स्वयं दिया है।
- राजेश द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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ट्रकों से उतरते ही फुर्र हो जा रहे सिलेंडर
फतेहपुर। एक तो दिवाली ऊपर से सहालग का मौसम। यह जुगलबंदी एलपीजी उपभोक्ता को तगड़ा झटका दे रही है। घर तक सिलेंडर पहुंचाने के एजेंसियों के दावें गोदाम के बाहर हवाई साबित हो रहे हैं। ट्रक से लोड उतरते ही सिलेंडर फुर्र हो रहे हैं। जिस तरह की स्थिति है उससे निकट भविष्य में सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ना तय है। लेकिन विभाग अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। रसोई गैस की किल्लत दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। शहर में मौजूद 40 हजार रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए अक्तूबर का दूसरा पखवारा बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। हर रोज की परिक्रमा के बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। गैस एजेंसियों मेें आने वाली सिलेंडरों की खेप गोदाम पहुंचने से पहले ही खत्म हो जा रही है। बुधवार को आईटीआई रोड व पचास नंबर रोड के नीचे स्थित गैस एजेंसी में उपभोक्ता हलाकान नजर आया। इन उपभोक्ता तमाम वह भी थे, जिन्होंने बीस दिन पहले बुकिंग करा रखी थी। नासिरपीर की रानी सुबह पांच बजे खाली सिलेंडर के साथ एजेंसी के बाहर जमा हो गई थी, लेकिन उन्हें दो घंटे की मशक्कत के बावजूद भरा सिलेंडर घर ले जाने का मौका नहीं दिया गया। रेल बाजार के अशोक कुमार कहते है कि वह दो दिन से लगातार लौट रहे हैं। एजेंसी वाले होम डिलीवरी देने से पीछे हट रहे है। देखा जाए तो सिलेंडरों को लेकर जो मारा-मारी है उससे होम डिलीवरी के बजाए एजेंसी के गोदाम पहुंचना ज्यादा बेहतर समझा।
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होटलों, ढाबों में जल रहे घरेलू सिलेंडर
फतेहपुर। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर उतारे गए हैं। लेकिन बड़े पैमाने पर दुकानदार भी व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस्तेमाल कर रहे है। होटलों व ढाबों में एलपीजी सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक घरेलू रसोईयों में पहुंचने वाले सिलेंडरों का तीस फीसदी हिस्सा इन व्यावसायिक ठिकानों पर पहुंच रहा है।
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कालाबाजारी को डंप किए जा रहे सिलेंडर
जमाखोर त्योहार व सहालग को लेकर हर गाड़ी पर नजर रखते हैं। सूत्रों की माने तो मनचाहे दाम वसूलने के लिए सिलेंडर डंप किए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक आने वाली हर एक खेप से उतरने वाले सिलेंडरों में कम से कम दस फीसदी सिलेंडर डंप हो रहे हैं। ऐसे में भी सिलेंडर की किल्लत बरकरार है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
- घरेलू सिलेंडरों की किल्लत के मामले में विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर चुका है। एजेंसियों को नियम कायदे से सिलेंडर मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जमाखोरों से विभाग सख्ती से निपटेगा।
- देवमणि मिश्र, डीएसओ फतेहपुर
मिलावटखोरों का आया ‘मौसम’
- खाद्य पदार्थों में क्या खिला दें भरोसा नहीं
- डीएम के निर्देश शनिवार से चलेगा अभियान
फतेहपुर। जिले में मिलावट खोरी एक बड़ी समस्या है। समस्या यह भी कि विभाग द्वारा खानापूरी में चलाए जाने वाले अभियान में बड़ी मछलियां बाहर हो जाती हैं और कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं। छोटे कारोबारी/विक्रेता। जिनमें मिठाई, मावा, वनस्पति घी, सरसों का तेल, बेसन, दाल आदि प्रमुख है से जुड़े विक्रेता अहम हैं। इस बार जिलाधिकारी ने वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जो दो दिन बाद से प्रारंभ हो जाएगा और दीपावली तक निरंतर रहेगा। व्यापारियों के बढ़ते दबाव से निपटने के लिए अभियान के दौरान सुरक्षा बल की तैनाती टीम के साथ ही जाएगी। बताते हैं इसकी मांग विभाग द्वारा प्रशासन से की गई है। इसके अलावा अभियान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी लगाया जाएगा। इसमें उपजिलाधिकारी या डीएम की निर्देशानुसार तहसीलदार व कोई अन्य अफसर शामिल किया जा सकता है।
इंसेट-
मिलावटखोरी रोकने के लिए दीपावली में अभियान चलाया जाएगा। जिसकी रणनीति बन चुकी है। रही बात पक्षपात या सैंपलिंग में खानपूरी के आरोप की तो किसी का मुंह नहीं बंद किया जा सकता। शहर में जिन प्रतिष्ठानों को बचाने की बात कर रहे हैं उन सबके यहां से रक्षाबंधन के दौरान नमूने भरे गए। कुछ फेल भी हुए। दीपावली में भी सैंपल लिए जाएंगे। अभियान के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन प्रशासन ने स्वयं दिया है।
- राजेश द्विवेदी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।