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जागेश्वर का निधन अपूरणीय क्षति

Sat, 03 Aug 2013 05:34 AM IST
Fatehpur
Fatehpur Updated Sat, 03 Aug 2013 05:34 AM IST
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फतेहपुर। पूर्व स्वास्थ्यमंत्री जागेश्वर प्रसाद की मौत ने समूचे जिले को आहत किया है। दो आबा की शान रही इस राजनैतिक शख्सियत की चौखट में सांत्वना प्रकट करने वालों का पहुंचना जारी है। शुक्रवार को सपा सांसद राकेश सचान पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और पूर्व स्वास्थ्यमंत्री के जीवन को आदर्श बताया। उधर अधिवक्ता समाज ने दो मिनट मौन रख दुआएं मांगीं।
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जिले की सियासत में वर्ष 1957 से 1991 तक दखल रहने वाले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का अंबेडकर नगर स्थिति आवास सांत्वना देने वालों की भीड़ बयं कर रहा है। आज की राजनीति से बिल्कुल अलहदा तरीके से सियासी पाली खेलने वाले जागेश्वर प्रसाद की मुफलिसी से हुई मौत ने हर एक को झकझोरने का काम किया है। उधर पूर्व विधायक रक्षपाल सिंह लोधी की अध्यक्षता में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता राम प्यारे मौर्या के चैंबर में बैठक हुई। जिसमें पांच बार विधायक रहे जागेश्वर प्रसाद के राजनैतिक व सामाजिक जीवन पर फर्क महसूस किया गया। पूर्व विधायक प्रेम दत्त तिवारी ने कहा दिवंगत पूर्व विधायक के सियासी सफर को बेदाग करार दिया। जिले के लिए सदर अस्पताल समेत अठारह अस्पताल दिलाए जाने का काम स्वास्थ्य मंत्री रहते करने वाले जागेश्वर की मौत राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। इस दौरान एडवोकेट रविकरन सिंह, श्रीकृष्ण गुप्ता, प्रमोद उपाध्याय, ओम प्रकाश पाल, राजेश मौर्या, इंद्रपाल कुरील, राज कुमार मौर्या, अमरनाथ कैथल, चंद्रपाल कैथल, इंद्रमोहन कैथल, संत कुमार उपाध्याय, आरपी मौर्या ने दो मिनट का मौन रख कर पूर्व मंत्री के आहत परिवार को संबल देने की दुआएं मांगीं।
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वारदात की क्रूरता देख बावरिया गिरोह पर शक
- क्षेत्र में पड़ी हत्यायुक्त डकैतियों में शामिल रहा गिरोह
- हत्या की दस्तक देने के बाद गिरोह करता है लूटपाट
फतेहपुर। क्षेत्रवासी तीन साल बाद पड़ी डकैती की खौफनाक वारदात से थर्रा से उठे। बीते वर्षों में बावरिया गिरोह की क्रूर घटनाओं की याद उनके सामने ताजा हो गई। वारदात का तरीका बिल्कुल पुरानी भयावह घटनाओं जैसा था। जिससे लोग और पुलिस बावरिया गिरोह के हाथ होने पर यकीन कर रहे हैं।
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बिंदकी क्षेत्र सेजुड़े हुए खजुहा कस्बे में 10 अक्टूबर 2010 को सेवानिवृत्त होमगार्ड के बीओ शिवशंकर उपाध्याय के घर डाके की वारदात हुई थी। जिसमें उनकी बहू व उनकी हथियारों व डंडे से वार करके हत्या कर दी गई थी। डकैत वारदात में पांच लाख माल लूट ले गए थे। वारदात में बावरिया गिरोह के राजेंद्र व अन्य बदमाशों को कई साल बाद एसटीएफ दबोच पाई थी। जिसके करीब आधा दर्जन बदमाश फरार हैं। इससे पूर्व 2009 में अमौली कस्बे में सर्राफा व्यवसायी सियाराम गुप्ता, अशोक गुप्ता सगे भाईयों के यहां बदमाशों ने डाका डाला था। जिसमें परिवार के दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। वारदात में करीब दस लाख की लूट को अंजाम दिया गया था। एक दशक पूर्व नगर के महाजनी गली में प्रमुख व्यवसायी ओम प्रकाश ओमर के घर डाके में तिहरा हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया गया था। जिसमें लगभग पांच लाख की लूटपाट बदमाशों ने की थी। मामले में भी बावरिया गिरोह का कारनामा सामने आया था। फरीदपुर में डबल मर्डर के बाद लूट की वारदात का अंदेशा भी पुलिस बावरिया गिरोह पर ही जता रही है।
इंसेट
डकैतों ने पूछा जितेंद्र कहां........
बिंदकी। वारदात के पीछे रंजिश भी सामने आ रही है। बदमाशों ने गद्दी में सो रहे जितेंद्र के बारे में पड़ताल की थी। छोटी बहू ज्योति ने बताया कि परिवार पर हमले के दौरान बदमाशों की आवाज सुनने को मिली थी। वह चिल्लाकर कहते रहे कि जितेंद्र को खोजो, वह दिखाई नहीं पड़ा है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि किसी रंजिश के चलते वारदात हो सकती है। कुछ दिनों पूर्व मील के किसी मामले को लेकर पंचायत होने की चर्चा का भी खुलासा हुआ है।
इंसेट.....
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डकैतों को खोजते स्मार्टी पहुंची कंजरनडेरा
बिंदकी। खुलासा करने के लिए इलाहाबाद से बुलाई गई डाग स्क्याड टीम की खोजी कुतिया स्मार्टी खेतों से होते हुए छोटेलालपुर कंजरनडेरा तीन घरों में जाकर रुकी, लेकिन इन घरों में कोई नहीं मिला। घटना स्थल से पीछे जहां से डकैत सीढ़ी लगाकर चढ़े थे, वहीं से स्मार्टी पैरों के निशान को पहचान लिया। जिसके बाद डकैतों के जाने वाले रास्ते पर दौड़ पड़ी। खेतों के रास्ते से फरीदपुर के प्राथमिक स्कूल में जाकर कुछ देर रुकी। स्कूल के बाद गांव के बाहर ठहरी। ट्रेनर उदयराज सिंह ने हत्यारों से छूटी टार्च को सुंघाया। टार्च सूंघने के बाद स्मार्टी ससुरखरेदी नदी के किनारे तक गई। जहां पर अटकने के बाद फिर डकैतों के पैरों के निशान का सहारा लेकर नदी के पार टीम पहुंची। नदी के पार कंजरनडेरा में तीन घरों के सामने खोजी कुतिया रुकी। दो घंटे पड़ताल के बाद वापस इलाहाबाद चली गई। पुलिस के शक की सुई कंजरनडेरा के आसपास घूम रही है। तीनों घरों में तालाबंदी है।
इंसेट
कंजरनडेरा के आसपास शक की सुई
बिंदकी। थाना क्षेत्र के छोटेलालपुर कंजरनडेरा में कच्ची शराब बनाने व बेेंचने का धंधा अर्से से है। हालांकि प्रशासन ने कई थानों का फोर्स लेकर समय-समय पर छापे डालकर कच्ची शराब बनाए जाने के उपकरणों को नष्ट किया है, लेकिन दर्जनों पर हुई इस कार्रवाई का कोई असर नही हुआ क्योंकि शराब बनाकर बेचने का कुटीर धंधा पुलिस के लिए चुनौती कई दशकों से बना है। यहां अपराधियों को संरक्षण भी मिल जाता है।

डकैतों की बर्बरता डंडे
के टुकड़ों ने की जाहिर
- बेरहमी से परिवार को पीटने में टूटे डंडे
-वृद्ध महिला की डंडे से पिटने में गई जान
- मिल मालिक की गला रेतकर हुई हत्या

फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर में राईस मिल मालिक के घर में पड़ी डकैती में डकैतों की क्रूरता घटनास्थल से बरामद लकड़ी के टुक ड़ों ने बयां किए हैं। बरामद टुकड़ो से बदमाशों की बर्बरता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वृद्धा की हत्या भी डंडे की पिटाई से होना स्पष्ट हुई है।
गांव में मिल मालिक के घर की पड़ताल पुलिस ने कई घंटों तक की है। मृतक मिल मालिक गंगा प्रसाद के बेड के समीप डंडे के दो टुकड़े मिले। वहीं मृतक के बेटे भूपेन्द्र व अभिमन्यु की जहां पर पिटाई की गई है उस स्थान में यूकेलिप्ट्स के पेड़ के डंडे की छिलके पड़े मिले हैं। जिससे साफ हो गया कि वारदात के दौरान बदमाशों ने किस कदर परिवार की पिटाई की है। देर शाम पीएम रिपोर्ट में आई हत्या के कारण पर कोतवाल सुरेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि वृद्धा की मौत डंडे से पिटाई के कारण हुई है, वहीं वृद्ध का गला रेता गया है।
इंसेट
डकैतों ने सुलगाई बीड़ी
फतेहपुर। मिल मालिक के घर में कहर बरपाने वाले डकैतों का दुस्साहस का अंदाजा पुलिस ने पड़ताल के दौरान लगा लिया। घटनास्थल में अधबुझी बीड़ी कई पड़ी थी। भुक्तभोगी परिवार के लोगों में कोई भी व्यक्ति धूम्रपान करने वाला नहीं है। जिससे पता चलता है कि डकैतों ने हमले के दौरान बीड़ी पीकर फें का है।


डकैती का तीन दिन में होगा खुलासा-डीआईजी
- मधुराज नर्सिंग होम व घर में तैनात होगी फोर्स
- खुलासे के क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें गठित
बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में शुक्रवार शाम 7 बजे डीआईजी डकैती की घटना का जायजा लेने के लिए आए। उन्होंने मामले को लेकर अधीनस्थों को तीन दिन में घटना खोलने के आदेश दिए हैं।
इलाहाबाद परिक्षेत्र डीआईजी एन रविन्द्रन शाम को बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में मिल मालिक के घर पहुंचे। जहां पर घटनास्थल की पड़ताल की। उन्होंने एसपी शिवसागर सिंह को मामले का पर्दाफाश करने के लिए तीन दिनों की मोहलत दी है। डीआईजी ने घटना को लेकर घर व मधुराज नर्र्सिंग होम में भर्ती भाईयों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के आदेश दिए है। उन्होंने इस काम के लिए पुलिस बल तैनात किए जाने निर्देश दिए हैं। घटना की पड़ताल के लिए क्राइम ब्रांच, बिंदकी कोतवाली प्रभारी सुरेश चन्द्र तिवारी, एसओ कल्यानपुर जेपी यादव, एसओ किशनपुर संजय यादव, एसओ जहानाबाद अजय सेठ को मय टीम के साथ वारदात का खुलासा करने की जिम्मेदारी दी है।
इंसेट
सीओ क्राइम ब्रांच ने दर्ज किए बयान
बिंदकी। मिल मालिक के घर में पड़ी दोहरी हत्यायुक्त डकैती की चश्मदीद गवाह घायल बहू ज्योती के बयान सीओ क्राइम ब्रांच इंदू सिद्धार्थ ने दर्ज कि ए हैं। घबराई ज्योति ने बयान देते समय खौफनाक मंजर सुनाते हुए फफक-फफक कर रोती दिखाई पड़ी। पुलिस ने उससे डकैतों के हुलिया, कपड़ों का रंग आदि जानने का प्रयास किया। लेकिन कुछ खास जानकारी नहीं दे सकी।


साहसिक ज्योति ने बचाई पति समेत तीन जानें
- होश में आने के बाद बहादुरी से लिया काम
- समय रहते आईसीयू में पहुंचे मरणासन्न सगे भाई
बिंदकी। परिवार की छोटी बहू के कारण डकैतों के हमले से मरणासन्न हुए सगे भाईयों की जान बच सकी है। डकैतों ने अपनी जान में पूरे परिवार को खत्म कर दिया था, लेकिन ज्योति के होश में आने के बाद ही घायल भाइयों का इलाज जल्द शुरू हो सका।
डकैतों ने बहू को रक्त रंजित करके परिवार के साथ एक कमरे में बंद कर दिया था। बहू ज्योति ने बताया कि उसे भोर के करीब चार बजे होश आया। होश आने पर सास, ससुर, पति, देवर को हिलाया डुलाया, लेकिन सभी खामोश थे। सहमी हालत में उसने कमरे से बाहर आने की कोशिश की। लेकिन कमरे के दोनों दरवाजे बाहर से बंद थे। इस पर कमरे से जुड़े दूसरे कमरे तक पहुंचने के लिए छत के नीचे सामान रखने वाली टाल का रास्ता सूझा। टाल में चढ़कर किसी तरह से दूसरे कमरे में पहुंची। कमरे में लगी खिड़की के ऊपर वाले पल्ले को तोड़ा। खिड़की फांदकर कड़ी मशक्कत से बाहर आई। जिसके बाद मील की गद्दी में सो रहे देवर जितेंद्र को घटना की सूचना दी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वृद्धा समेत चारों को सीएचसी पहुंचाया। जहां पर वृद्धा को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। भाईयों की हालत गंभीर देखकर कानपुर के लिए रेफर किया गया। कानपुर मधुराज नर्सिंग होम में आईसीयू वार्ड में दोनाें भाइयों का इलाज रहा है। घटना को लेकर नगरवासियों में बहू के साहस दिखाने की चर्चा रही।

घटनास्थल पर नेेताओं का लगा मजमा
बिंदकी। घटना की खबर पाकर फरीदपुर स्थित उमराव राइस मिल में नेताओं का मजमा लग गया। सपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल दयालू ने एसपी से अपराधियों को गिरफ्तार किए जाने की बात कही। बसपा जिलाध्यक्ष सुनील गौतम ने कहा कि सपा सरकार में अपराधियों को खुली छूट मिली है। भाजपा नेता पूर्व मंत्री राजेंद्र पटेल ने कहा कि यदि घटना का खुलासा एक सप्ताह के अंदर नहीं हुआ तो भाजपा बेमियादी आंदोलन करेगी। पूर्व मंत्री अचल सिंह, विधायक मदन गोपाल वर्मा, करण सिंह पटेल, पूर्व संासद अशोक पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश यादव, अपना दल के अमर सिंह पटेल आदि लोग रहे। उधर, पोस्टमार्टम हाउस में जनप्रतिनिधियों और दलीय नेताओं का जमवाड़ा लगा रहा। सांसद राकेश सचान, महेंद्रसिंह बच्चा, पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक आदि मौजूद रहे।

शोक जताया
फतेहपुर। अपना दल के जिलाध्यक्ष सत्यनरायण पटेल ने बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में डबल मर्डर युक्त डकै ती की घटना पर दुख व्यक्त किया है। घटना में मारे गए दंपत्ति को श्रद्धांजलि देते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग की है।

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