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जेल में असरदार कैदी करा रहे खातिरदारी
Fatehpur
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। जेल में बंद असरदार कैदियाें की खातिरदारी की जा रही है, वहीं आम कैदियाें को जेल के मैनुअल के अनुसार भोजन भी नही मिल पा रहा है। जेल प्रशासन के सौतेले व्यवहार से कैदियों में भारी नाराजगी है। खास बात है व्यवस्था के खिलाफ मुंह खोलने वाले कैदियाें को जेल के लंबरदार ऐसा सबक सिखाते हैं कि वह अपनी जुबान खोलने में हिचकिचाते हैं।
मंगलवार को अदालत पेशी पर आए कुछ कैदियाें ने नाम न छापने की शर्त पर बताया जेल में खाने के नाम पर खेल किया जा रहा है। घटिया खाद्यन्न मिलने से कैदियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जिला कारागार में कैदियाें के खाद्यान्न को लेकर एक बार फिर से प्रशासन कटघरे में है। जेल सूत्रों की मानें तो वर्तमान समय में करीब आधा दर्जन ऐसे कै दी जेल में हैं, जिनका अपना रूतबा है। ऐसे कैदियों को लजीज भोजन की व्यवस्था होतीे है, इसको लेकर आम कैदी गुस्से में हैं। जेल में कैद दिलीप मिश्रा व पूर्वांचल के विधायक के रिश्तेदारों को दी जा रही सुविधाएं किसी से छिपी नही है। बता दें दिलीप मिश्रा बसपा सरकार में मंत्री रहे नंदगोपाल नंदी पर हमले के मुख्य आरोपी है। इसके अलावा करीब छह ऐसे कैदी है जिनकी जेल प्रशासन पर असर देखा जा रही है।
कैदियाें ने बताया जेल मेन्यू के मुताबिक तभी भोजन मिलता है जब किसी अफसर के औचक निरीक्षण पर आने की जानकारी मिलती है। भंडारे में लंबरदारों की मनमानी चलती है। उनके चहेते लोगाें को खाना बनाने के लिए इस लिए लगाया जाता है ताकि वे इसमे खेल कर सके। प्रति कैदी मिलने वाले आटे में कटौती होती है और मेन्यू में भी कोई बदलाव नहीं होता है। खास बात है जब कभी कैदी जब इस मामले को लेकर विरोध करते है तो उन्हें सबक भी सिखाया जाता। इस संबंध में जेल अधीक्षक प्रवीण श्रीवास्तव का क हना है खाने के नाम पर कोई कटौती नहीं होती। कैदियों को मेन्यू के अनुसार ही भोजन दिया जाता है। कुछ कैदी जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अनर्गल आरोप लगाते है।
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मंगलवार को अदालत पेशी पर आए कुछ कैदियाें ने नाम न छापने की शर्त पर बताया जेल में खाने के नाम पर खेल किया जा रहा है। घटिया खाद्यन्न मिलने से कैदियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जिला कारागार में कैदियाें के खाद्यान्न को लेकर एक बार फिर से प्रशासन कटघरे में है। जेल सूत्रों की मानें तो वर्तमान समय में करीब आधा दर्जन ऐसे कै दी जेल में हैं, जिनका अपना रूतबा है। ऐसे कैदियों को लजीज भोजन की व्यवस्था होतीे है, इसको लेकर आम कैदी गुस्से में हैं। जेल में कैद दिलीप मिश्रा व पूर्वांचल के विधायक के रिश्तेदारों को दी जा रही सुविधाएं किसी से छिपी नही है। बता दें दिलीप मिश्रा बसपा सरकार में मंत्री रहे नंदगोपाल नंदी पर हमले के मुख्य आरोपी है। इसके अलावा करीब छह ऐसे कैदी है जिनकी जेल प्रशासन पर असर देखा जा रही है।
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कैदियाें ने बताया जेल मेन्यू के मुताबिक तभी भोजन मिलता है जब किसी अफसर के औचक निरीक्षण पर आने की जानकारी मिलती है। भंडारे में लंबरदारों की मनमानी चलती है। उनके चहेते लोगाें को खाना बनाने के लिए इस लिए लगाया जाता है ताकि वे इसमे खेल कर सके। प्रति कैदी मिलने वाले आटे में कटौती होती है और मेन्यू में भी कोई बदलाव नहीं होता है। खास बात है जब कभी कैदी जब इस मामले को लेकर विरोध करते है तो उन्हें सबक भी सिखाया जाता। इस संबंध में जेल अधीक्षक प्रवीण श्रीवास्तव का क हना है खाने के नाम पर कोई कटौती नहीं होती। कैदियों को मेन्यू के अनुसार ही भोजन दिया जाता है। कुछ कैदी जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अनर्गल आरोप लगाते है।
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