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जिला अस्पताल व सीएचसी में तीन की बुखार से मौत
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। स्वास्थ्य महकमा बुखार पीड़ितों की जान नहीं बचा पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से हो रहीं मौतों को विभाग स्वाभाविक मौत मान रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में युवक और सीएचसी में गर्भवती की मौत हो गई।
खागा कोतवाली क्षेत्र के हरदों गांव निवासी लल्लू के बेटे लाल मोहम्मद (38) को बुखार था। बेटे इरफान ने बताया कि एक हफ्ते पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में टायफायड और मलेरिया का पता लगा था। जिला अस्पताल में कोई आराम नहीं मिल पा रहा था। बार-बार डाक्टरों से शिकायत भी की जा रही थी। शुक्रवार को उनकी सांसें थम गईं।
हथगाम प्रतिनिधि के अनुसार दूसरी मौत सीएचसी में गर्भवती की हुई है। कासिमपुर कटरा गांव की बीना देवी (35) पत्नी रमेश को करीब दस दिन बाद प्रसव होना था। उसे कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर दोपहर को सीएचसी पहुंचे। सीएचसी में इलाज दौरान उसकी मौत हो गई।
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असोथर थाना क्षेत्र के मनावा गांव निवासी रामबली की पत्नी धनपतिया (60) और उसकी बेटी आशा देवी की बुखार से हालत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने धनपतिया को मृत घोषित कर दिया। इन्हें फालिस की भी शिकायत हो गई थी।
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फतेहपुर। स्वास्थ्य महकमा बुखार पीड़ितों की जान नहीं बचा पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से हो रहीं मौतों को विभाग स्वाभाविक मौत मान रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में युवक और सीएचसी में गर्भवती की मौत हो गई।
खागा कोतवाली क्षेत्र के हरदों गांव निवासी लल्लू के बेटे लाल मोहम्मद (38) को बुखार था। बेटे इरफान ने बताया कि एक हफ्ते पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में टायफायड और मलेरिया का पता लगा था। जिला अस्पताल में कोई आराम नहीं मिल पा रहा था। बार-बार डाक्टरों से शिकायत भी की जा रही थी। शुक्रवार को उनकी सांसें थम गईं।
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हथगाम प्रतिनिधि के अनुसार दूसरी मौत सीएचसी में गर्भवती की हुई है। कासिमपुर कटरा गांव की बीना देवी (35) पत्नी रमेश को करीब दस दिन बाद प्रसव होना था। उसे कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर दोपहर को सीएचसी पहुंचे। सीएचसी में इलाज दौरान उसकी मौत हो गई।
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असोथर थाना क्षेत्र के मनावा गांव निवासी रामबली की पत्नी धनपतिया (60) और उसकी बेटी आशा देवी की बुखार से हालत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने धनपतिया को मृत घोषित कर दिया। इन्हें फालिस की भी शिकायत हो गई थी।