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रोपाई के 48 घंटे में करें छिड़काव
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:18 AM IST
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धान की फसल में खरपतवार नाशक दवाओं की जानकारी देते विशेषज्ञ।
- फोटो : अमर उजाला
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धान की फसल में होने वाले खरपतवार समस्या को लेकर गुरुवार को ज्वालागंज में बीज एवं दवा विक्रेताओं की गोष्ठी में फसल से सिर्फ खरपतवार नष्ट करने वाली दवाओं पर चर्चा की गई। गोष्ठी में लखनऊ से आए डॉ. एके सिंह ने बताया कि धान की रोपाई होने के 48 घंटे में विलफिट ईसी दवा का छिड़काव करें। इससे सभी प्रकार के खरपतवार नष्ट हो जाते हैं। यदि फसल में खरपतवार उग आया है तो विलसुपर दवा का किसान खड़ी फसल में छिड़काव कर सकते हैं। इससे फसल में किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
डॉ. संजय सिंह ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या खेत की मिट्टी दूषित होना है। उपजाऊ खेत की मिट्टी से पोषक तत्वों की कमी होती जा रही है। इससे फसलों में तरह-तरह के रोग लग जाते हैं और किसानों को अच्छा उत्पादन नहीं मिल पाता है।
जिले में कृषि विभाग के अलावा प्राइवेट संस्थाएं भी मिट्टी का परीक्षण कर रही हैं। खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा हो तो किसान सीआर-4 का छिड़काव करा दें। इसके बाद पलेवा कराकर खेत को जोत दें, जिससे दवा मिट्टी में अच्छी तरह से मिल जाए। दवा छिड़काव से मिट्टी में भरपूर पोषक तत्व आ जाते हैं। कम लागत में बिना रोग के फसलों में अच्छी पैदावार होगी।
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डॉ. संजय सिंह ने बताया कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या खेत की मिट्टी दूषित होना है। उपजाऊ खेत की मिट्टी से पोषक तत्वों की कमी होती जा रही है। इससे फसलों में तरह-तरह के रोग लग जाते हैं और किसानों को अच्छा उत्पादन नहीं मिल पाता है।
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जिले में कृषि विभाग के अलावा प्राइवेट संस्थाएं भी मिट्टी का परीक्षण कर रही हैं। खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा हो तो किसान सीआर-4 का छिड़काव करा दें। इसके बाद पलेवा कराकर खेत को जोत दें, जिससे दवा मिट्टी में अच्छी तरह से मिल जाए। दवा छिड़काव से मिट्टी में भरपूर पोषक तत्व आ जाते हैं। कम लागत में बिना रोग के फसलों में अच्छी पैदावार होगी।
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