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ऑपरेटर के अभाव में फुंक रहे नलकूप, किसान परेशान

Thu, 14 Mar 2019 01:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:23 AM IST
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ऑपरेटर के अभाव में फुंक रहे नलकूप, किसान परेशान
फतेहपुर। किसानों की सुविधा के लिए लगाए गए राजकीय नलकूप ऑपरेटरों के अभाव का शिकार हैं। 533 राजकीय नलकूप संचालन के लिए महज 275 ऑपरेटर हैं। एक ऑपरेटर को दो से तीन नलकूप की जिम्मेदारी दे दी गई है। ऐसे में ऑपरेटरों ने नलकूप की चाबी स्थानीय लोगों के हवाले कर रखी है। पखवारे भर में एक बार नलकूप की देखरेख करने के लिए जाते हैं। हाई और लो-वोल्टेज के चलते नलकूप की मोटर व अन्य सामान खराब हो जाता है।
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असिंचित क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था मुहैया कराने के लिए जिले में 676 राजकीय नलकूप लगाए जा चुके हैं, लेकिन जलस्तर की कमी से 143 राजकीय नलकूपों की बोरिंग फेल हो गई है। इसमें 36 नलकूपों की दूसरे स्थान पर बोरिंग शुरू है। फिर भी जिले में 533 राजकीय नलकूप संचालित हैं। इन नलकूपों को चलाने की जिम्मेदारी निभा रहे आधे ऑपरेटर सेवानिवृत्त हो गए। अब 533 नलकूपों को 275 ऑपरेटर चला रहे हैं। बिजली सप्लाई का समय एक होने की वजह से ऑपरेटरों को अपने चार्ज के सभी नलकूपों में पहुंचना संभव नहीं है। एक नलकूप से दूसरे नलकूप की दूरी भी पांच से छह किमी है। ऐसे में फसलों की सिंचाई बाधित न हो। इसके लिए ऑपरेटर गांव के ही किसानों को चाभी देकर नलकूप चलवा रहे हैं। हाई व लो-वोल्टेज की सप्लाई होने पर ज्यादातर नलकूप की मोटर खराब होती है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो ऑपरेटर की संख्या कम होने की वजह से दो से तीन नलकूपों को चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में ऑपरेटर नलकूप कक्ष की चाभी गांव के किसी एक किसान को दे देते हैं। बिजली आते ही किसान नलकूप पर पहुंच जाते हैं। खुद ही ऑपरेटर बन जाते हैं। लो और हाई वोल्टेज से उनका कोई लेना-देना नहीं होता है। कभी कटाउट से फ्यूज उड़ जाता है तो मोटे तार का फ्यूज बना कर ट्यूबवेल चला देते हैं। इसके चलते मोटर जल जाता है और फसलों की सिंचाई न होने से किसान परेशान होते हैं।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता किशनलाल ने बताया कि ऑपरेटरों की कमी से मोटर ज्यादा खराब होती हैं। जिले में ऑपरेटरों की तैनाती कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। वहां से नए ऑपरेटर मिलने के बाद ही समस्या का समाधान होगा।
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