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नकल के वायरल वीडियो से हड़कंप, जांच को पहुंचे डीआईओएस
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फतेहपुर। खुलेआम नकल के एक वायरल वीडियो ने शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया। शनिवार को डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह खुद स्कूल में जांच करने पहुंच गए। उन्होंने वीडियो में स्कूल के बोर्ड की फोटो की पुष्टि तो की, लेकिन कापियां लिखने के स्थान के बारे में पता नहीं चल सका। मामले में परीक्षा के दौरान की सीडी तलब की गई है।
हथगाम ब्लाक के एक कालेज के बाहर उत्तर पुस्तिका लिखने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के साथ स्कूल का नीले रंग के बोर्ड की फोटो भी वायरल हुई थी। वीडियो में दिखाते हुए दावा किया गया कि केंद्र के पीछे खिडक़ी के समीप कुछ युवक कुर्सी रख जमीन पर बैठकर परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं लिख रहे हैं। वीडियो
वायरल होते माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हड़कंप मच गया था। डीआईओएस ने सुबह परीक्षा से पहले जीआईसी प्रधानाचार्य उदय प्रभात को आरोपी परीक्षा केंद्र में जांच के लिए भेजा। इसके बाद मामला सुर्खियों में आने पर वह खुद परीक्षा केंद्र पहुंचे। इस दौरान केंद्र में इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय की परीक्षा हो रही थी। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा केंद्र चारों तरफ बाउंड्री से घिरा है। प्रमुख गेट के अलावा दूसरा कोई दरवाजा नहीं है, जबकि वायरल
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वीडियो में जालीदार दरवाजा दिख रहा है। परीक्षा केंद्र में ऐसा कोई स्थान नहीं है। वीडियो वायरल करने वाले की खोजबीन शुरू कर दी गई है। बोर्ड परीक्षा बदनाम करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर की वीडियो रिकार्डिंग डीएम को भेजी गई है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र से पूरी परीक्षा की सीडी मांगी गई है। अगर सीडी में किसी भी प्रश्नपत्र में नकल की पुष्टि होती है, तो केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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हथगाम ब्लाक के एक कालेज के बाहर उत्तर पुस्तिका लिखने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के साथ स्कूल का नीले रंग के बोर्ड की फोटो भी वायरल हुई थी। वीडियो में दिखाते हुए दावा किया गया कि केंद्र के पीछे खिडक़ी के समीप कुछ युवक कुर्सी रख जमीन पर बैठकर परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं लिख रहे हैं। वीडियो
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वायरल होते माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हड़कंप मच गया था। डीआईओएस ने सुबह परीक्षा से पहले जीआईसी प्रधानाचार्य उदय प्रभात को आरोपी परीक्षा केंद्र में जांच के लिए भेजा। इसके बाद मामला सुर्खियों में आने पर वह खुद परीक्षा केंद्र पहुंचे। इस दौरान केंद्र में इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय की परीक्षा हो रही थी। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा केंद्र चारों तरफ बाउंड्री से घिरा है। प्रमुख गेट के अलावा दूसरा कोई दरवाजा नहीं है, जबकि वायरल
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वीडियो में जालीदार दरवाजा दिख रहा है। परीक्षा केंद्र में ऐसा कोई स्थान नहीं है। वीडियो वायरल करने वाले की खोजबीन शुरू कर दी गई है। बोर्ड परीक्षा बदनाम करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर की वीडियो रिकार्डिंग डीएम को भेजी गई है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र से पूरी परीक्षा की सीडी मांगी गई है। अगर सीडी में किसी भी प्रश्नपत्र में नकल की पुष्टि होती है, तो केंद्र व्यवस्थापक और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।