{"_id":"5aa80e744f1c1bb8758b53b1","slug":"151520963188-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पं. दीनदयाल उपाध्याय विद्यालय शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पं. दीनदयाल उपाध्याय विद्यालय शुरू
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजला ब्यूरो
फतेहपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय माध्यमिक स्कूल संचालित करने की तैयारी में माध्यमिक शिक्षा विभाग जुट गया है। बसपा सरकार में मॉडल स्कूलों के नाम से बनाए गए इन भवनों में तीन साल से ताला बंद है, जबकि एक का भवन अधूरा पड़ा है। नए सत्र में चालूू करने के लिए शासन ने फर्नीचर और लैब बजट का आवंटन कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने खरीद फरोख्त की तैयारी शुरू कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2010-11 में जिले में छह माडल स्कूल स्वीकृत किए थे। इनके निर्माण के लिए प्रति स्कूल दो करोड़ 71 लाख का बजट भी आवंटित कर दिया था। विभाग ने स्थान चयन कर दनियालपुर, बहुआ, ऐलई, लतीफपुर, अलादातपुर और अंबिलिहापाल में निर्माण भी शुरू कराया था। अंबिलिहापाल को छोड़कर अन्य सभी का निर्माण तीन साल पहले पूरा हो चुका है। अंबिलिहापाल का निर्माण कार्यदायी संस्था पैकफेड और माध्यमिक शिक्षा विभाग के विवाद में फंस गया है। ऐसे में इसका निर्माण दो साल से बंद है।
प्रदेश सरकार ने अब इन स्कूलों का नाम बदलकर चलाने का निर्णय लिया है। इनका नाम माडल स्कूल के बजाय पं. दीनदयाल उपाध्याय माध्यमिक स्कूल होगा। शासन ने बनकर तैयार पांच स्कूल चालू करने के लिए प्रति स्कूल चार लाख की धनराशि का आवंटन कर दिया है। इस धनराशि से फर्नीचर व जरूरी संसाधनों की खरीद की जानी है।
विज्ञापन
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से जारी सूची में शामिल सामग्री की खरीद के लिए अभिलेखीय प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। नए सत्र में पहली अप्रैल से स्कूल चलाने की योजना है।
बिना शिक्षक कैसे होगा संचालन
नया सत्र चालू होने में सिर्फ 18 दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक शासन ने पं. दीनदयाल उपाध्याय स्कूल संचालित करने के लिए एक भी कर्मचारी की व्यवस्था नहीं की है। शिक्षक व कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए अभी तक जिला स्तर में भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। ऐसे में स्कूलों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी खरीदेगी परिषदीय स्कूलों का फर्नीचर
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के सौ उच्च प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। डीएम की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी प्रति स्कूल एक लाख 56 हजार कीमत का फर्नीचर खरीद कर स्कूलों में भेजेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग नए सत्र में जिले के 100 उच्च प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति करेगा। जिले के चिह्नित इन स्कूलों में फर्नीचर बजट पहुंच चुका है। खरीद फरोख्त के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में डीएम अध्यक्ष होंगे। सीडीओ, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक, बीएसए और लघु उद्योग विभाग का एक प्रतिनिधि सदस्य होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए सत्र के पहले फर्नीचर की खरीद करने की योजना है।
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर फर्नीचर की खरीद की जाएगी।
एक सौ पांच बच्चों के बैठने का इंतजाम
प्रत्येक स्कूल में 35 सेट बेंच और टेबल की खरीद की जानी है। एक सेट में तीन बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस तरह से प्रत्येक स्कूल में 105 बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था रहेगी।
विज्ञापन
फतेहपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय माध्यमिक स्कूल संचालित करने की तैयारी में माध्यमिक शिक्षा विभाग जुट गया है। बसपा सरकार में मॉडल स्कूलों के नाम से बनाए गए इन भवनों में तीन साल से ताला बंद है, जबकि एक का भवन अधूरा पड़ा है। नए सत्र में चालूू करने के लिए शासन ने फर्नीचर और लैब बजट का आवंटन कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने खरीद फरोख्त की तैयारी शुरू कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2010-11 में जिले में छह माडल स्कूल स्वीकृत किए थे। इनके निर्माण के लिए प्रति स्कूल दो करोड़ 71 लाख का बजट भी आवंटित कर दिया था। विभाग ने स्थान चयन कर दनियालपुर, बहुआ, ऐलई, लतीफपुर, अलादातपुर और अंबिलिहापाल में निर्माण भी शुरू कराया था। अंबिलिहापाल को छोड़कर अन्य सभी का निर्माण तीन साल पहले पूरा हो चुका है। अंबिलिहापाल का निर्माण कार्यदायी संस्था पैकफेड और माध्यमिक शिक्षा विभाग के विवाद में फंस गया है। ऐसे में इसका निर्माण दो साल से बंद है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने अब इन स्कूलों का नाम बदलकर चलाने का निर्णय लिया है। इनका नाम माडल स्कूल के बजाय पं. दीनदयाल उपाध्याय माध्यमिक स्कूल होगा। शासन ने बनकर तैयार पांच स्कूल चालू करने के लिए प्रति स्कूल चार लाख की धनराशि का आवंटन कर दिया है। इस धनराशि से फर्नीचर व जरूरी संसाधनों की खरीद की जानी है।
विज्ञापन
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से जारी सूची में शामिल सामग्री की खरीद के लिए अभिलेखीय प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। नए सत्र में पहली अप्रैल से स्कूल चलाने की योजना है।
बिना शिक्षक कैसे होगा संचालन
नया सत्र चालू होने में सिर्फ 18 दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक शासन ने पं. दीनदयाल उपाध्याय स्कूल संचालित करने के लिए एक भी कर्मचारी की व्यवस्था नहीं की है। शिक्षक व कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए अभी तक जिला स्तर में भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। ऐसे में स्कूलों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी खरीदेगी परिषदीय स्कूलों का फर्नीचर
फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के सौ उच्च प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। डीएम की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी प्रति स्कूल एक लाख 56 हजार कीमत का फर्नीचर खरीद कर स्कूलों में भेजेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग नए सत्र में जिले के 100 उच्च प्राथमिक स्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति करेगा। जिले के चिह्नित इन स्कूलों में फर्नीचर बजट पहुंच चुका है। खरीद फरोख्त के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में डीएम अध्यक्ष होंगे। सीडीओ, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक, बीएसए और लघु उद्योग विभाग का एक प्रतिनिधि सदस्य होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नए सत्र के पहले फर्नीचर की खरीद करने की योजना है।
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर फर्नीचर की खरीद की जाएगी।
एक सौ पांच बच्चों के बैठने का इंतजाम
प्रत्येक स्कूल में 35 सेट बेंच और टेबल की खरीद की जानी है। एक सेट में तीन बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस तरह से प्रत्येक स्कूल में 105 बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था रहेगी।