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फर्रुखाबादः बिना टेंडर कराया काम, अब नहीं हो रहा भुगतान
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फर्रुखाबाद। नलकूप विभाग के ठेकेदारों ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मिलकर भुगतान कराने के लिए गुहार लगाई। कहा कि बिना टेंडर व वर्क आर्डर के उन लोगों से दो वर्ष पूर्व काम कराकर अब तक भुगतान नहीं दिया गया। जिम्मेदार रुपये निकालकर खर्च कर चुके हैं।
गबन व वित्तीय अनियमितताओं से घिरे नलकूप विभाग का एक और मामला सामने आया है। विभाग के ठेकेदार कामराज सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र दीक्षित व राजू मिश्र ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें प्रार्थनापत्र दिया।
इसमें कहा कि दो वर्ष पूर्व नलकूप योजना-2000 के तहत उन लोगों से काम कराया गया था। इसका अब तक भुगतान नहीं किया गया। जबकि विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि इस योजना की पूरी धनराशि निकालकर खर्च कर ली गई और भुुगतान संबंधी बिल भी गायब कर दिए गए हैं।
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यह भी बताया कि सहायक अभियंता ने वर्क आर्डर संबंधी कोई कागज भी उन लोगों को नहीं दिया और न ही मेजरमेंट बुक पर हस्ताक्षर कराए। विभाग में काम का कोई मानक नहीं है। निविदा, वर्क आर्डर या कोटेशन की बिना सूचना दिए गुपचुप तरीके से साठगांठ कर चहेतों को काम दे दिया जाता है।
इससे वह लोग काम से भी वंचित हैं। ठेकेदार कामराज ने बताया कि उनके चार लाख रुपये, जबकि राजेंद्र सिंह, राजू मिश्रा व भूपेंद्र दीक्षित के दो-दो लाख रुपये बकाया हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदारों की शिकायत पर उन्होंने अधिशासी अभियंता नलकूप से आख्या तलब की है।
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गबन व वित्तीय अनियमितताओं से घिरे नलकूप विभाग का एक और मामला सामने आया है। विभाग के ठेकेदार कामराज सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र दीक्षित व राजू मिश्र ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें प्रार्थनापत्र दिया।
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इसमें कहा कि दो वर्ष पूर्व नलकूप योजना-2000 के तहत उन लोगों से काम कराया गया था। इसका अब तक भुगतान नहीं किया गया। जबकि विभागीय कर्मचारी बताते हैं कि इस योजना की पूरी धनराशि निकालकर खर्च कर ली गई और भुुगतान संबंधी बिल भी गायब कर दिए गए हैं।
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यह भी बताया कि सहायक अभियंता ने वर्क आर्डर संबंधी कोई कागज भी उन लोगों को नहीं दिया और न ही मेजरमेंट बुक पर हस्ताक्षर कराए। विभाग में काम का कोई मानक नहीं है। निविदा, वर्क आर्डर या कोटेशन की बिना सूचना दिए गुपचुप तरीके से साठगांठ कर चहेतों को काम दे दिया जाता है।
इससे वह लोग काम से भी वंचित हैं। ठेकेदार कामराज ने बताया कि उनके चार लाख रुपये, जबकि राजेंद्र सिंह, राजू मिश्रा व भूपेंद्र दीक्षित के दो-दो लाख रुपये बकाया हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदारों की शिकायत पर उन्होंने अधिशासी अभियंता नलकूप से आख्या तलब की है।