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Farrukhabad News: बेटियों की शादी की चिंता में महिला ने फंदा लगाया
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फर्रुखाबाद। बीमारी में खर्च हो रही रकम के चलते बेटियों की शादी को लेकर चिंतित महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। वहीं, कांशीराम कालोनी में दिमागी रूप से कमजोर युवक ने भी घर में अकेले होने के दौरान फंदा लगाकर जान दे दी।
शहर कोतवाली के मोहल्ला रेटगंज निवासी मुकेश सक्सेना की पत्नी मुन्नी देवी (45) काफी दिन से बीमार चल रही थीं। उनका इलाज में काफी पैसा खर्च हो रहा था। इसी से तंग आकर मंगलवार दोपहर कमरे में अंदर से कुंडी लगाकर दुपट्टे से पंखे में फंदा लगा लिया। काफी देर तक मां के न दिखने पर बेटियाें ने आवाज दी, तो कमरा नहीं खुला।
सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कुंडी तोड़कर उन्हें नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा भरा। परिजन और मायके पक्ष के लोग पोस्टमार्टम न कराने की बात कह रहे हैं। घर में बेटी रानी, शिवानी, रागिनी व पुत्र सुमित हैं। पति मुकेश ने बताया कि बेटियां जवान हैं। शादी को लेकर काफी चिंतित थीं। वह समझाते थे, मगर आज उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। इंस्पेक्टर भोलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते, मगर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला हैवतपुर गढि़या स्थित कांशीराम कालोनी निवासी रोहित उर्फ छोटू बाथम (26) मां बेबी व दिव्यांग भाई मोहित के साथ रहता था। वह परिवार के साथ रविवार को लालगेट निवासी मामा के बेटे मनीष की शादी में शामिल होने गया था। सोमवार दोपहर वह कालोनी पहुंचा। उसने हथौड़़ी से कमरे का ताला तोड़़ा। पड़ोसी उमेश कुमार मौर्य ने मना किया, तो चाबी खोने की बात कह दी। कुछ देर में वह बाहर निकला और 100 रुपये मांगे। उमेश ने 30 रुपये दे दिए। रात में किसी वक्त वह घर मे लेट गया। मंगलवार दोपहर तक जब वह नहीं निकला, तो उमेश ने पड़ोसियों के साथ किवाड़ में धक्का मारा, तो खुल गया। अंधेरे कमरे में उसका शव रस्सी के सहारे पंखे के कुंडे में लटका मिला। सूचना पुलिस को दी गई। मां बेबी और भाई का रो-रो कर बुरा हाल है।
पड़ोसियों ने बताया कि वह कई बार दिमागी कमजोर जैसी हरकत करता था। बाढ़ के दौरान पानी में कपड़े उतारकर घूमता रहता था। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला रेटगंज निवासी मुकेश सक्सेना की पत्नी मुन्नी देवी (45) काफी दिन से बीमार चल रही थीं। उनका इलाज में काफी पैसा खर्च हो रहा था। इसी से तंग आकर मंगलवार दोपहर कमरे में अंदर से कुंडी लगाकर दुपट्टे से पंखे में फंदा लगा लिया। काफी देर तक मां के न दिखने पर बेटियाें ने आवाज दी, तो कमरा नहीं खुला।
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सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कुंडी तोड़कर उन्हें नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा भरा। परिजन और मायके पक्ष के लोग पोस्टमार्टम न कराने की बात कह रहे हैं। घर में बेटी रानी, शिवानी, रागिनी व पुत्र सुमित हैं। पति मुकेश ने बताया कि बेटियां जवान हैं। शादी को लेकर काफी चिंतित थीं। वह समझाते थे, मगर आज उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। इंस्पेक्टर भोलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते, मगर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला हैवतपुर गढि़या स्थित कांशीराम कालोनी निवासी रोहित उर्फ छोटू बाथम (26) मां बेबी व दिव्यांग भाई मोहित के साथ रहता था। वह परिवार के साथ रविवार को लालगेट निवासी मामा के बेटे मनीष की शादी में शामिल होने गया था। सोमवार दोपहर वह कालोनी पहुंचा। उसने हथौड़़ी से कमरे का ताला तोड़़ा। पड़ोसी उमेश कुमार मौर्य ने मना किया, तो चाबी खोने की बात कह दी। कुछ देर में वह बाहर निकला और 100 रुपये मांगे। उमेश ने 30 रुपये दे दिए। रात में किसी वक्त वह घर मे लेट गया। मंगलवार दोपहर तक जब वह नहीं निकला, तो उमेश ने पड़ोसियों के साथ किवाड़ में धक्का मारा, तो खुल गया। अंधेरे कमरे में उसका शव रस्सी के सहारे पंखे के कुंडे में लटका मिला। सूचना पुलिस को दी गई। मां बेबी और भाई का रो-रो कर बुरा हाल है।
पड़ोसियों ने बताया कि वह कई बार दिमागी कमजोर जैसी हरकत करता था। बाढ़ के दौरान पानी में कपड़े उतारकर घूमता रहता था। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है।