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वीडियो कांफ्रेसिंक से होगी मुकदमो की सुनवाई
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फर्रुखाबाद। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने से उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला जज चवन प्रकाश ने न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करने का आदेश जारी कर दिया है। किन-किन मामलों की सुनवाई होगी, यह भी निर्धारित किया है।
जिला जज के आदेश पर उनकी अदालत के अलावा विशेष अदालत एससीएसटी, एंटी डकैती, ईसी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीसीएस एक्ट की अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होगी। सीजेएम सिविल जज सीनियर डिवीजन, सिविल जज जूनियर डिवीजन(सिटी), सिविल जज जूनियर डिवीजन (हवाली), न्यायिक मजिस्ट्रेट सदर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे, सिविल जज जूनियर डिवीजन कायमगंज, किशोर न्याय बोर्ड में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई की जाएगी।
लंबित व नवीन जमानत प्रार्थना पत्र, लंबित व नवीन अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र, आवश्यक प्रकीर्ण दंडिक प्रार्थना पत्रों के निस्तारण, आवश्यक व्यवहारिक प्रार्थना पत्र जैसे कि निषेधाज्ञा प्रकरणों के निस्तारण, कारागार में निरुद्ध बंदियों से संबंधित न्यायिक रिमांड कार्य, वह सभी वाद जिनमें उच्च न्यायालय से सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया गया है। जिला जज द्वारा आवश्यक एवं उचित अवधारित अन्य प्रकृति के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी।
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जिला जज के आदेश पर उनकी अदालत के अलावा विशेष अदालत एससीएसटी, एंटी डकैती, ईसी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीसीएस एक्ट की अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होगी। सीजेएम सिविल जज सीनियर डिवीजन, सिविल जज जूनियर डिवीजन(सिटी), सिविल जज जूनियर डिवीजन (हवाली), न्यायिक मजिस्ट्रेट सदर, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे, सिविल जज जूनियर डिवीजन कायमगंज, किशोर न्याय बोर्ड में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई की जाएगी।
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लंबित व नवीन जमानत प्रार्थना पत्र, लंबित व नवीन अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र, आवश्यक प्रकीर्ण दंडिक प्रार्थना पत्रों के निस्तारण, आवश्यक व्यवहारिक प्रार्थना पत्र जैसे कि निषेधाज्ञा प्रकरणों के निस्तारण, कारागार में निरुद्ध बंदियों से संबंधित न्यायिक रिमांड कार्य, वह सभी वाद जिनमें उच्च न्यायालय से सुनवाई के लिए समय निर्धारित किया गया है। जिला जज द्वारा आवश्यक एवं उचित अवधारित अन्य प्रकृति के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी।
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