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आर्थिक तंगी से दुखी पेंटर ने फांसी लगाकर दी जान
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सर्वेश की रोती बिलखती मां।
- फोटो : FARRUKHABAD
आर्थिक तंगी से दुखी पेंटर ने दी जान
फर्रुखाबाद। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक पेंटर ने मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने खिड़की तोड़कर शव उतारा। वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था।
शहर कोतवाली के मोहल्ला अंगूरी बाग नई बस्ती निवासी सर्वेश कुशवाह (35) मकानों की पुताई करता था। गुरुवार रात खाना खाने के बाद वह कमरे में जाकर लेट गया। पत्नी व बच्चे दूसरे कमरे में लेटे थे।
शुक्रवार सुबह 7 बजे जब वह बाहर नहीं आया तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा। उसका शव पंखे से दुपट्टे से बने फंदे पर लटका था। मोहल्ले वालों की मदद से खिड़की तोड़कर उसे फंदे से उतारा गया। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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छोटे भाई प्रमोद ने बताया कि काफी समय से सर्वेश को काम नहीं मिल रहा था। इससे वह परेशान रहता था। प्रमोद ने बताया कि उससे छोटे भाई पंकज और ब्रजकिशोर हैं। भाई के चार मासूम बच्चे हैं। सबसे बड़ा आकाश (8), अभी (6), रोशनी (2) और चार माह का सबसे छोटा बेटा है। मां सत्यवती और शकुंतला देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।
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फर्रुखाबाद। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक पेंटर ने मकान के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने खिड़की तोड़कर शव उतारा। वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था।
शहर कोतवाली के मोहल्ला अंगूरी बाग नई बस्ती निवासी सर्वेश कुशवाह (35) मकानों की पुताई करता था। गुरुवार रात खाना खाने के बाद वह कमरे में जाकर लेट गया। पत्नी व बच्चे दूसरे कमरे में लेटे थे।
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शुक्रवार सुबह 7 बजे जब वह बाहर नहीं आया तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा। उसका शव पंखे से दुपट्टे से बने फंदे पर लटका था। मोहल्ले वालों की मदद से खिड़की तोड़कर उसे फंदे से उतारा गया। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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छोटे भाई प्रमोद ने बताया कि काफी समय से सर्वेश को काम नहीं मिल रहा था। इससे वह परेशान रहता था। प्रमोद ने बताया कि उससे छोटे भाई पंकज और ब्रजकिशोर हैं। भाई के चार मासूम बच्चे हैं। सबसे बड़ा आकाश (8), अभी (6), रोशनी (2) और चार माह का सबसे छोटा बेटा है। मां सत्यवती और शकुंतला देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।