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Farrukhabad News: सीएचसी में तीन माह से नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड, मशीन बनी शोपीस
Tue, 17 Feb 2026 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 17 Feb 2026 12:42 AM IST
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फोटो-20 कायमगंज सीएचसी के अल्ट्रासाउंड कक्ष में मोमिया में पैक रखी अल्ट्रासाउंड मशीन। संवाद
कायमगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए तीन माह पूर्व लगाई गई नई अल्ट्रासाउंड मशीन अब तक नियमित रूप से चालू नहीं हो सकी है। उद्घाटन के बाद कुछ दिन जांच होने के बावजूद प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के अभाव में मशीन बंद पड़ी है। इससे गर्भवती महिलाओं को निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की समय पर जांच के लिए मशीन उपलब्ध कराई गई थी। इसका शुभारंभ सांसद मुकेश राजपूत और विधायक डॉ. सुरभि ने किया था। सीएचसी में तैनात डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने अल्ट्रासाउंड का प्रशिक्षण लिया था और शुरुआती दिनों में कुछ जांच भी कीं। लेकिन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी न होने से वे रिपोर्ट देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके बाद से मशीन निष्प्रयोज्य पड़ी है।
सोमवार को आयोजित एचआरपी डे पर महिला चिकित्साधिकारी के अवकाश पर होने से स्टाफ नर्स अंजलि ने 36 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की और परामर्श दिया। इनमें सात हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निजी सेंटर पर कराए गए।
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वर्जन
प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही चिकित्सक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट जारी कर सकेंगे। फिलहाल मरीजों को निशुल्क सुविधा निजी सेंटर के माध्यम से दिलाई जा रही है।-डॉ. विपिन कुमार, चिकित्साधीक्षक
वर्जन
मामला उनके संज्ञान में है। यदि प्रमाणपत्र मिलने में अधिक समय लग रहा है तो मुख्य चिकित्साधिकारी से वार्ता कर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। -डॉ. सुरभि, विधायक
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की समय पर जांच के लिए मशीन उपलब्ध कराई गई थी। इसका शुभारंभ सांसद मुकेश राजपूत और विधायक डॉ. सुरभि ने किया था। सीएचसी में तैनात डॉ. जितेंद्र बहादुर सिंह ने अल्ट्रासाउंड का प्रशिक्षण लिया था और शुरुआती दिनों में कुछ जांच भी कीं। लेकिन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी न होने से वे रिपोर्ट देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके बाद से मशीन निष्प्रयोज्य पड़ी है।
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सोमवार को आयोजित एचआरपी डे पर महिला चिकित्साधिकारी के अवकाश पर होने से स्टाफ नर्स अंजलि ने 36 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की और परामर्श दिया। इनमें सात हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निजी सेंटर पर कराए गए।
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प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही चिकित्सक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट जारी कर सकेंगे। फिलहाल मरीजों को निशुल्क सुविधा निजी सेंटर के माध्यम से दिलाई जा रही है।-डॉ. विपिन कुमार, चिकित्साधीक्षक
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मामला उनके संज्ञान में है। यदि प्रमाणपत्र मिलने में अधिक समय लग रहा है तो मुख्य चिकित्साधिकारी से वार्ता कर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। -डॉ. सुरभि, विधायक