{"_id":"62474584cc2fed04322fb9d2","slug":"two-killed-two-injured-due-to-tractor-trolley-overturning-farrukhabad-news-knp68880430","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से दो की मौत, दो घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से दो की मौत, दो घायल
विज्ञापन
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव भटासा रेलवे स्टेशन के पास मोड़ पर एक ट्रैक्टर-ट्राली बेकाबू होकर पलट गई। दब जाने से दो युवकों की मौत हो गई। वहीं चालक समेत दो युवक घायल हैं। सीएचसी से घायलों को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव अलियापुर निवासी संदीप (18), अनिकेत (20) व अनिल (18) सरसों की लकड़ियां खरीद कर भट्ठों पर बेचते थे। शुक्रवार सुबह सभी ट्रैक्टर-ट्राली से लकड़ियां खरीदने जा रहे थे।
शाहजहांपुर जनपद के थाना परौर क्षेत्र के गांव बरखेमई का निवासी जितेंद्र(20) ट्रैक्टर चला रहा था। लहरा मार्ग पर भटासा स्टेशन के पास ट्रैक्टर का स्टीयरिंग फेल हो गया। ट्रैक्टर बेकाबू होकर ट्राली समेत पलट गया।
विज्ञापन
ट्रैक्टर पर सवार चालक समेत चारों युवक दब गए। चीख पुकार मच गई। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने जेसीबी मंगाकर ट्रैक्टर को सीधा कराया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को निकाला जा सका।
सभी घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी कायमगंज भेजा गया। वहां पर चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने संदीप व अनिकेत को मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र व अनिल को प्राथमिक उपचार के बाद लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।
परिजन सीएचसी पहुंच गए। संदीप अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मां जानकी देवी व बहन लक्ष्मी शव को देखकर बिलखने लगीं।
अनिकेत के दो भाई व एक बहन हैं। दोनों भाई दिल्ली में काम करते हैं। मां गुड्डी देवी व अन्य परिजन इस हादसे से सदमे में हैं।
तेज रफ्तार व स्टीयरिंग फेल होने से हादसा
शुक्रवार भोर में ट्रैक्टर में सरसों की लकड़ी भरने जा रहे चालक समेत चारों सवार युवा ही थे। लोगों के मुताबिक ट्रैक्टर की रफ्तार तेज थी। लहरा से भटासा स्टेशन मार्ग पर घटनास्थल के पास दो मोड़ हैं। वहां स्टीयरिंग फेल हो गया। चालक ट्रैक्टर को काबू नहीं कर सका। ट्रैक्टर-ट्राली खाई में जाकर पलट गई। ट्रैक्टर के चारों पहिए ऊपर हो गए।
पढ़ाई के साथ करते थे लकड़ी सप्लाई
हादसे में मरे युवक पढ़ाई के साथ खाली समय में कारोबार करते थे। संदीप कक्षा 11 पास कर चुका था। अनिकेत ने बीए प्रथम में दाखिला लिया था। अनिल कक्षा 11 में था।
ट्रैक्टर चालक जितेंद्र गांव अलियापुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहता था। चालक ने गांव के तीनों युवकों को भट्ठे पर लकड़ी सप्लाई करने के काम में लगा लिया था। तीनों युवक आसपास गांव में जाकर लकड़ी खरीदने में उसकी मदद भी करते थे।
विज्ञापन
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव अलियापुर निवासी संदीप (18), अनिकेत (20) व अनिल (18) सरसों की लकड़ियां खरीद कर भट्ठों पर बेचते थे। शुक्रवार सुबह सभी ट्रैक्टर-ट्राली से लकड़ियां खरीदने जा रहे थे।
विज्ञापन
शाहजहांपुर जनपद के थाना परौर क्षेत्र के गांव बरखेमई का निवासी जितेंद्र(20) ट्रैक्टर चला रहा था। लहरा मार्ग पर भटासा स्टेशन के पास ट्रैक्टर का स्टीयरिंग फेल हो गया। ट्रैक्टर बेकाबू होकर ट्राली समेत पलट गया।
विज्ञापन
ट्रैक्टर पर सवार चालक समेत चारों युवक दब गए। चीख पुकार मच गई। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने जेसीबी मंगाकर ट्रैक्टर को सीधा कराया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को निकाला जा सका।
सभी घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी कायमगंज भेजा गया। वहां पर चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने संदीप व अनिकेत को मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र व अनिल को प्राथमिक उपचार के बाद लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।
परिजन सीएचसी पहुंच गए। संदीप अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। मां जानकी देवी व बहन लक्ष्मी शव को देखकर बिलखने लगीं।
अनिकेत के दो भाई व एक बहन हैं। दोनों भाई दिल्ली में काम करते हैं। मां गुड्डी देवी व अन्य परिजन इस हादसे से सदमे में हैं।
तेज रफ्तार व स्टीयरिंग फेल होने से हादसा
शुक्रवार भोर में ट्रैक्टर में सरसों की लकड़ी भरने जा रहे चालक समेत चारों सवार युवा ही थे। लोगों के मुताबिक ट्रैक्टर की रफ्तार तेज थी। लहरा से भटासा स्टेशन मार्ग पर घटनास्थल के पास दो मोड़ हैं। वहां स्टीयरिंग फेल हो गया। चालक ट्रैक्टर को काबू नहीं कर सका। ट्रैक्टर-ट्राली खाई में जाकर पलट गई। ट्रैक्टर के चारों पहिए ऊपर हो गए।
पढ़ाई के साथ करते थे लकड़ी सप्लाई
हादसे में मरे युवक पढ़ाई के साथ खाली समय में कारोबार करते थे। संदीप कक्षा 11 पास कर चुका था। अनिकेत ने बीए प्रथम में दाखिला लिया था। अनिल कक्षा 11 में था।
ट्रैक्टर चालक जितेंद्र गांव अलियापुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां रहता था। चालक ने गांव के तीनों युवकों को भट्ठे पर लकड़ी सप्लाई करने के काम में लगा लिया था। तीनों युवक आसपास गांव में जाकर लकड़ी खरीदने में उसकी मदद भी करते थे।