फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   tree,van,adhikari

लापरवाही से वन विभाग को नहीं मिल रही जमीन

Fri, 11 Mar 2022 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 11:50 PM IST
विज्ञापन
tree,van,adhikari
अमृतपुर। राजस्व विभाग की ओर से नापजोख न किए जाने से वन विभाग का पौधरोपण अभियान नहीं चल पा रहा है। विभाग को एक हजार हेक्टेयर में से मात्र 200 बीघा जमीन ही मिल सकी है। शेष जमीन पर अभी भी भूमाफियाओं का ही कब्जा है।
विज्ञापन

एसडीएम का कहना है कि जल्द ही जमीनें कब्जा मुक्त कराकर वन विभाग के सुपुर्द की जाएंगी।
तहसील क्षेत्र के कई गांव में हजारों बीघा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा है।
सरकारी जमीन पर पौधे लगाने के लिए वन विभाग तहसील के छह माह से चक्कर लगा रहा है, लेकिन तहसील के अधिकारियों व लेखपालों की भूमाफियाओं की साठगांठ होने से जमीन की नाप नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

वन विभाग के उप वन रेंजर अधिकारी राजकुमार ने बताया कि कंचनपुर सबलपुर में वन लगाने के लिए 100 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। इसमें मात्र 200 बीघा जमीन ही मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा गांव सवासी में 150 हेक्टेयर, जसूपुर में 50 हेक्टेयर, संतोषपुर में 100 हेक्टेयर, सुंदरपुर 125 हेक्टेयर, चंदपुर में 20 हेक्टेयर, गढ़िया में 250 हेक्टेयर, भवानीपुर में 50, भुसेरा में 150 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण होना है, लेकिन जमीन ही नहीं मिल रही है।

तहसीलदार व एसडीएम से नाप कराने के लिए अक्तूबर से कहा जा रहा है, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उक्त जमीनें भूमाफियाओं के कब्जे में है। तहसील प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जमीन न दिए जाने की जानकारी वन विभाग के उप वन रेंजर ने डीएफओ को दी है।
एसडीएम प्रीती तिवारी ने बताया कि भूमाफियाओं के कब्जे से सरकारी जमीन मुक्त कराई जा रही है। मतगणना के बाद अभियान चलाकर नाप कराकर वन विभाग को दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed