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जानलेवा है तंबाकू की आदत

Sat, 30 May 2015 11:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sat, 30 May 2015 11:23 PM IST
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Tobacco is deadly habit
जिले में तंबाकू का बाजार लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ कैंसर का खतरा भी
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बढ़ रहा है। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के  मुताबिक तकरीबन 56 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन करने हैं। इसमें सिगरेट, बीड़ी, गुटका, निर्मित व अनिर्मित तंबाकू शामिल है। चिकित्सकों का कहना है कि तंबाकू व धूम्रपान से 100 फीसदी कैंसर की आशंका रहती है। कैंसर को मौत का दूसरा नाम भी मान सकते हैं।

रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। एक बार फिर से लोग तंबाकू के घातक प्रभावों की चर्चा करेंगे और इसके सेवन पर रोकथाम की बातें भी होंगी और उसके बाद सब फिर से ठंडे बस्ते में चला जाएगा। ये जानते हुए भी कि तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन कैंसर रूपी मौत को दावत देता है युवा वर्ग इस ओर सर्वाधिक आकर्षित हो रहा है। किशोरावस्था में कदम रखते ही बच्चे इस लत को अपना रहे हैं। इससे इनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है।

बताते चलें कि इंडियन जनरल ऑफ पब्लिक हेल्थ सर्वे के मुताबिक रोज सिगरेट पीने वाले पुरु षों की तादाद 15.8 फीसदी है। 14 फीसदी लोग बीड़ी पीते हैं। तंबाकू का सेवन करने वालों की तादाद 20.9 प्रतिशत है। तंबाकू की सभी श्रेणियों के सेवन में महिलाओं का आंकड़ा औसतन 6.4 फीसदी है।

सबसे खतरनाक कपूरी साबित हो रही है। इसकी बिक्री में नियमों की अनदेखी हो रही है। इसे सफेद पन्नी में बेचा जा रहा है। इसमें न तो वैधानिक चेतावनी लिखी है और न ही इसमें मिले कंटेंट के बारे में कुछ दर्ज है। इसके बाद भी यह शहर की दुकानों पर बिक रही है। इनमें कपूर की मिलावट अखाद्य है। कपूरी की गर्द कैंसर के साथ ही टीबी रोग के लिए भी जिम्मेदार है। कपूरी म्यूकोसा को भी नुकसान पहुंचाती है। शहर व देहात इलाकों में तकरीबन रोज 1 क्विंटल कपूरी की खपत होती है।

क्या कहते हैं चिकित्सक
तंबाकू व धूम्रपान दोनों ही खतरनाक हैं। इनसे 100 फीसदी कैंसर की आशंकाएं बनी रहती हैं। कपूरी इनमें से सबसे खतरनाक है। तंबाकू का सेवन करने से पूरी तरह परहेज करें।
डा. केएम द्विवेदी, फिजीशियन

तंबाकू का सेवन हर तरह से खतरनाक हैं। तंबाकू के यूजर भी बढ़ रहे हैं। जितनी देर तक लोग तंबाकू के संपर्क में रहते हैं, कैंसर की आशंकाएं उतनी ही फीसदी बढ़ती हैं। इसलिए जरूरी है कि तंबाकू से दूर रहें।
डा. जी कुरैशी, प्राचार्य, मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज

डा. राजवीर सिंह, एसीएमओ

तंबाकू के नुकसान
- निकोटिन मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है।
- तंबाकू का सेवन सिर दर्द और चक्कर की समस्या पैदा करता है।
-धूम्रपान से हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

- तंबाकू और धूम्रपान मुंह की नाजुक मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है। इससे खाने में स्वाद नहीं लगता है।
-अधिक धूम्रपान से सांस लेने में कठिनाई होती है। फेफड़े खराब हो जाते हैं। अस्थमा रोग हो जाता है।
- धूम्रपान सूखा, पीले रंग की त्वचा और झुर्रियों का कारण बनता है।
 
तंबाकू के सेवन से इतने तरह का कैंसर
-ब्लैडर का कैंसर।
-गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर ।
-घुटकी के कैंसर।
-गुर्दे का कैंसर।

- गला (आवाज बाक्स) का कैंसर।
-फेफड़ों का कैंसर।
- मुंह का कैंसर।
- ग्रसनी का कैंसर।
- आमाशय का कैंसर।

नसीहत
तंबाकू के किसी भी रूप में प्रयोग से बचें। तंबाकू निषेध दिवस पर तंबाकू का सेवन नहीं करने का संकल्प लें। क्योंकि इसका सेवन आपको असमय ही काल के गाल में पहुंचा सकता है। सोचें आपके जाने के बाद आपके परिवार का क्या होगा। अपने लिए नहीं तो कम से अपनों के लिए ही इस बुरी आदत को छोड़ दें।
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