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Farrukhabad News: सुलह की शर्तें मानने से किया इंकार, पिता-पुत्र का चालान
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फर्रुखाबाद। बंधक बनाने की सूचना पर जनैया सठइया से थाने लाए गए पिता-पुत्र का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया। ससुरालियों ने शपथ पत्र पर साढ़े चार लाख रुपये देने की सुलह मानने से भी इन्कार कर दिया। पीड़ित सुमन के भाई ने थाने में ससुरालियों के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है।
थाना मऊदरवाजा के गांव जनैया सठइया निवासी मोतीलाल की पुत्री सुमन की मासूम बेटी की 17 दिसंबर को बीमारी से मौत हो गईं थी। मायके वालों से इलाज के रुपये लेने की खातिर परिजन तीन दिन तक शव घर में ही रखे रहे। उसमें बदबू आने लगी थी। पुलिस ने सुमन के ससुर एटा जिले के थाना नयागांव निवासी दफ़ेदार को थाने बैठा लिया था। पति जनैया सठइया में ही रुका था।
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष में शपथ पत्र पर हुई सुलह में दफेदार ने सुमन को 4.50 लाख रुपये देने की बात कही थी। रुपये न दे पाने पर सुमन के चाचा आत्माराम के नाम डेढ़ बीघा जमीन का बैनामा करने की भी सहमति बनी थी। इसके बाद ही 19 दिसंबर को शव को दफन किया गया था। सुमन का पति रमाकांत और ससुर रुपये न देने तक जनैया सठइया में ही रुके थे।
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रविवार को रमाकांत की बहन ने मोबाइल से पुलिस को पिता व भाई को बंधक बनाने की सूचना दी। उसके बाद पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले आई। सोमवार दोपहर में सुमन के परिजन थाने पहुंचे, मगर आरोप है कि पुलिस ने पिता पुत्र का सहयोग करके गुपचुप शांतिभंग में चालान कर दिया। शाम तक सुमन के परिजन थाने में ही डटे रहे।
सुमन के भाई रंजीत राजपूत ने शपथ पत्र पर सुलह के बाद भी कार्रवाई न करने समेत कई आरोप लगाए। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि बात नहीं बनी तो पिता पुत्र का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। सुमन के परिजनों और ससुरालियों से आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। (संवाद)
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थाना मऊदरवाजा के गांव जनैया सठइया निवासी मोतीलाल की पुत्री सुमन की मासूम बेटी की 17 दिसंबर को बीमारी से मौत हो गईं थी। मायके वालों से इलाज के रुपये लेने की खातिर परिजन तीन दिन तक शव घर में ही रखे रहे। उसमें बदबू आने लगी थी। पुलिस ने सुमन के ससुर एटा जिले के थाना नयागांव निवासी दफ़ेदार को थाने बैठा लिया था। पति जनैया सठइया में ही रुका था।
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पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष में शपथ पत्र पर हुई सुलह में दफेदार ने सुमन को 4.50 लाख रुपये देने की बात कही थी। रुपये न दे पाने पर सुमन के चाचा आत्माराम के नाम डेढ़ बीघा जमीन का बैनामा करने की भी सहमति बनी थी। इसके बाद ही 19 दिसंबर को शव को दफन किया गया था। सुमन का पति रमाकांत और ससुर रुपये न देने तक जनैया सठइया में ही रुके थे।
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रविवार को रमाकांत की बहन ने मोबाइल से पुलिस को पिता व भाई को बंधक बनाने की सूचना दी। उसके बाद पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले आई। सोमवार दोपहर में सुमन के परिजन थाने पहुंचे, मगर आरोप है कि पुलिस ने पिता पुत्र का सहयोग करके गुपचुप शांतिभंग में चालान कर दिया। शाम तक सुमन के परिजन थाने में ही डटे रहे।
सुमन के भाई रंजीत राजपूत ने शपथ पत्र पर सुलह के बाद भी कार्रवाई न करने समेत कई आरोप लगाए। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि बात नहीं बनी तो पिता पुत्र का शांतिभंग में चालान कर दिया गया। सुमन के परिजनों और ससुरालियों से आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। (संवाद)