{"_id":"68cefc801804413dfa0ae46d","slug":"the-water-level-of-the-ganges-started-rising-making-movement-difficult-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-130217-2025-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, आवाजाही मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, आवाजाही मुश्किल
Sun, 21 Sep 2025 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
फोटो-11, गांव बहवलपुर-मिसतनी में कटी सड़क से गुजरता ग्रामीण। संवाद
कंपिल। गंगा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन बढ़ने से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मार्गों पर एक बार फिर पानी भरने लगा है, जिससे आवाजाही मुश्किल होती जा रही है।
कमलपुर (दुदेमई), इकलहरा, कारव, पुंथर देहामाफी, रामसिंह का नगला, ठाकुर नगला, मधवापुर, रौकरी, पलितपुरा, बिहारीपुर, कैरेई और हमीरपुर मजरा जात समेत कई गांव पिछले एक महीने से बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले साल तहसील क्षेत्र में करीब 1100 हेक्टेयर फसल बाढ़ से बर्बाद हुई थी, जबकि इस साल नुकसान लगभग 1800 हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है।
विज्ञापन
संबंधित लेखपालों को फसलों की क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी हैं, जबकि बाकी लेखपालों द्वारा नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।
सड़कें फिर डूबीं, नाविक ले रहे ज्यादा रुपये
गांव बहबलपुर में मिसतनी जानी वाली सड़क पर पहले पानी कम हुआ था, लेकिन जलस्तर बढ़ने से दोबारा तेज बहाव शुरू हो गया है। नूरपुर गढ़िया संपर्क मार्ग पर भी यही स्थिति है। कंपिल-बदायूं मार्ग पर प्रशासन ने आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की है, लेकिन नाव चालक ग्रामीणों से प्रति व्यक्ति 10 रुपये की अवैध वसूली कर ज्यादा रुपये ले रहा है। आर्थिक तंगी झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह राशि भारी पड़ रही है।
विज्ञापन
कमलपुर (दुदेमई), इकलहरा, कारव, पुंथर देहामाफी, रामसिंह का नगला, ठाकुर नगला, मधवापुर, रौकरी, पलितपुरा, बिहारीपुर, कैरेई और हमीरपुर मजरा जात समेत कई गांव पिछले एक महीने से बाढ़ की मार झेल रहे हैं।
विज्ञापन
विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले साल तहसील क्षेत्र में करीब 1100 हेक्टेयर फसल बाढ़ से बर्बाद हुई थी, जबकि इस साल नुकसान लगभग 1800 हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है।
विज्ञापन
संबंधित लेखपालों को फसलों की क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी हैं, जबकि बाकी लेखपालों द्वारा नुकसान का सर्वे किया जा रहा है।
सड़कें फिर डूबीं, नाविक ले रहे ज्यादा रुपये
गांव बहबलपुर में मिसतनी जानी वाली सड़क पर पहले पानी कम हुआ था, लेकिन जलस्तर बढ़ने से दोबारा तेज बहाव शुरू हो गया है। नूरपुर गढ़िया संपर्क मार्ग पर भी यही स्थिति है। कंपिल-बदायूं मार्ग पर प्रशासन ने आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की है, लेकिन नाव चालक ग्रामीणों से प्रति व्यक्ति 10 रुपये की अवैध वसूली कर ज्यादा रुपये ले रहा है। आर्थिक तंगी झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह राशि भारी पड़ रही है।