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बगावत से शुरू हुई जिला पंचायत की पहली पारी
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Thu, 14 Jan 2016 11:44 PM IST
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फर्रुखाबाद। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सगुना देवी की पहली पारी ही सदस्यों के विरोध से शुरू हुई। उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद जैसे ही बैठक स्थगित करने की घोषणा, 30 में 22 सदस्याें ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शपथ ग्रहण के बाद बागी सदस्यों ने कलेक्ट्रेट जाकर डीएम को दिए ज्ञापन में वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अध्यक्ष के बजाय जिला पंचायत बोर्ड को सौंपे जाने की मांग की।
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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी 15 साल बाद समाजवादी पार्टी को मिली है। गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सगुना देवी ने शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बोर्ड की पहली बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। इससे पहले सदस्यों को जारी एजेंडे में समितियों के गठन की सूचना दी गई थी। बैठक स्थगित होने से सदस्य भड़क गए। 22 सदस्य कलेक्ट्रेेट में डीएम एसके सिंह के कार्यालय पहुंच गए। उन्हें ज्ञापन देकर वार्डों में समान रूप से काम कराए जाने की मांग की। सदस्यों का कहना था कि वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार अध्यक्ष के बजाय बोर्ड के पास रहें।
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डीएम ने ज्ञापन पर अपर मुख्य अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिख दिया है। पहले ही दिन अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खुलने से आगे होनेे वाली बैठकों में भी हंगामे के आसार बन गए हैं। सदन में प्रस्तावों को पास करने के लिए अध्यक्ष के पास कोरम पूरा करने के लिए भी सदस्य नहीं हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है।
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सपा ने कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया की पत्नी सगुना को उम्मीदवार बनाया था। वहीं अलीगंज से सपा विधायक रामेश्वर सिंह यादव केे बेेटे डा. सुबोध यादव ने अपनी समर्थक ज्ञानदेवी का नामांकन करा दिया। पार्टी हाईकमान के फरमान पर सगुना को डा. सुबोध ने समर्थन दिया था। इससे खफा 21 सदस्यों ने अध्यक्ष पद के चुनाव में वोट ही नहीं डाले थे। केवल नौ सदस्यों ने ही वोट डाले थे। तभी से यह रार चल रही है।
डीएम क ो दिए ज्ञापन पर जिला पंचायत सदस्य उमेश यादव, विजय कुमार, कृष्णपाल सिंह, मनोज मिश्रा, रश्मि यादव, आशा यादव, प्रतिवन सिंह, चंद्रपाल, भजन लाल यादव, गीता देवी, सुमन लता, लक्ष्मी रीटा, शकुंतला, छाया कुशवाहा, ज्ञान देवी, पूनम, ममता, रतीराम, सुरेश चंद्र, रमेश चंद्र, रिंकी कुमारी और प्रदीप यादव ने दस्तखत किए हैं। समितियाें के गठन के लिए असंतुष्टाें के चुनाव कराने की मांग उठाने की आशंका ही बैठक स्थगित करने की वजह बनकर सामने आ रही है।
पता चला है अब असंतुष्ट सदस्याें को मनाने के बाद ही बोर्ड की बैठक की जाएगी। अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल सिंह यादव ने बताया कि गुरुवार को बैठक का माहौल नहीं था। बैठक की नई तारीख तय की जाएगी। उधर इस मुद्दे पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुगना देवी कुछ भी बोलने से बच रही हैं।